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  "title": "20 अगस्त को श्रावण मास में दुर्गाष्टमी व्रत का पावन संयोग, जानें दिल्ली मुंबई सहित प्रमुख शहरों का राहुकाल और शुभ मुहूर्त",
  "summary": "20 अगस्त 2026 को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन इंद्र योग, विशाखा नक्षत्र और अभिजित मुहूर्त के साथ प्रमुख शहरों के राहुकाल का पूरा विवरण देखें।",
  "content": "श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 20 अगस्त 2026, गुरुवार को मासिक दुर्गाष्टमी का पावन व्रत रखा जाएगा। धार्मिक दृष्टिकोण से यह दिन अत्यंत फलदायी और पवित्र माना गया है, क्योंकि इस दिन मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ इंद्र योग और विशाखा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग गणना के अनुसार, अष्टमी तिथि 20 अगस्त को पूरे दिन रहेगी और रात्रि 9 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी। इसके बाद नवमी तिथि का प्रारंभ होगा। जो भक्त इस दिन उपवास रखकर शक्ति की देवी मां दुर्गा का पूजन करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।\n\n20 अगस्त 2026 का पंचांग, योग और नक्षत्र स्थिति\nधार्मिक अनुष्ठानों और व्रत के संकल्प के लिए पंचांग के अंगों का ध्यान रखना अनिवार्य होता है। 20 अगस्त 2026 का पंचांगीय गणित इस प्रकार है\n\n• तिथि: श्रावण शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि, जो 20 अगस्त को रात्रि 9 बजकर 19 मिनट तक प्रभावी रहेगी।\n• इंद्र योग: 20 अगस्त को पूरे दिन और पूरी रात रहेगा, जिसका समापन अगले दिन भोर में 4 बजकर 26 मिनट पर होगा।\n• नक्षत्र: प्रातःकाल 9 बजकर 9 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। इसके उपरांत अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा।\n• विशेष पर्व: श्रावण मास का पवित्र मासिक दुर्गाष्टमी व्रत।\n\nसूर्योदय, सूर्यास्त और दैनिक शुभ मुहूर्त\nकिसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत लाभकारी माना जाता है। 20 अगस्त को सूर्योदय सुबह 06:21 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त का समय शाम 07:03 बजे निर्धारित है। इस दिन के मुख्य शुभ मुहूर्त निम्नलिखित समय सारणी के अनुसार रहेंगे\n\n• ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 बजे से 05:36 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और ईश्वर स्मरण के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।\n• प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:13 बजे से 06:21 बजे तक।\n• अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:16 बजे से 01:07 बजे तक। यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें नए कार्यों का शुभारंभ किया जा सकता है।\n• विजय मुहूर्त: दोपहर 02:49 बजे से 03:40 बजे तक।\n• गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:03 बजे से 07:25 बजे तक।\n• सायाह्न सन्ध्या: शाम 07:03 बजे से रात्रि 08:11 बजे तक।\n\nदेश के प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय\nज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ समय माना गया है। इस समय अवधि के दौरान कोई भी नया कार्य, पूजा-पाठ का संकल्प अथवा यात्रा आरंभ करने से बचना चाहिए। 20 अगस्त 2026 को भारत के प्रमुख महानगरों में राहुकाल की समय सारणी इस प्रकार रहेगी\n\n• दिल्ली: दोपहर 02:02 बजे से दोपहर बाद 03:40 बजे तक\n• मुंबई: दोपहर 02:17 बजे से दोपहर बाद 03:52 बजे तक\n• चंडीगढ़: दोपहर 02:04 बजे से दोपहर बाद 03:43 बजे तक\n• लखनऊ: दोपहर 01:47 बजे से दोपहर बाद 03:24 बजे तक\n• भोपाल: दोपहर 02:00 बजे से दोपहर बाद 03:36 बजे तक\n• कोलकाता: दोपहर 01:16 बजे से दोपहर 02:52 बजे तक\n• अहमदाबाद: दोपहर 02:19 बजे से दोपहर बाद 03:55 बजे तक\n• चेन्नई: दोपहर 01:46 बजे से दोपहर बाद 03:20 बजे तक\n\nमासिक दुर्गाष्टमी व्रत का महत्व और पूजन विधि\nहिंदू धर्मग्रंथों में प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित किया गया है। जिस प्रकार चतुर्थी तिथि के स्वामी प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश हैं, ठीक उसी प्रकार शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी स्वयं मां दुर्गा हैं। इस कारण 20 अगस्त का दिन भगवती दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत पावन माना जा रहा है।\n\nशास्त्रों के अनुसार, दुर्गाष्टमी का व्रत रखने और विधि-विधान से मां दुर्गा का पूजन करने से साधक को जीवन की तमाम परेशानियों से मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से मां दुर्गा के चरणों में लाल पुष्प, श्रृंगार सामग्री और विशेष भोग अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: 20 अगस्त को व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी पूजा और संकल्प अभिजित मुहूर्त (दोपहर 12:16 से 01:07 बजे) में संपन्न कर सकते हैं।\n\nविभिन्न शहरों में: श्रद्धालु अपने शहर की पंचांग सारणी के अनुसार राहुकाल के समय किसी भी नए कार्य या पूजा के शुभारंभ से बचें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 20 अगस्त 2026 को कौन सा व्रत रखा जाएगा?\n20 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष का मासिक दुर्गाष्टमी व्रत रखा जाएगा।\n\n2. 20 अगस्त 2026 को अष्टमी तिथि कब तक रहेगी?\n20 अगस्त को अष्टमी तिथि रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।\n\n3. 20 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त का समय क्या है?\n20 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:16 बजे से 01:07 बजे तक रहेगा।\n\n4. दिल्ली और मुंबई में 20 अगस्त को राहुकाल कब रहेगा?\nदिल्ली में राहुकाल दोपहर 02:02 से 03:40 बजे तक रहेगा, जबकि मुंबई में यह दोपहर 02:17 से 03:52 बजे तक रहेगा।\n\n5. 20 अगस्त को कौन से नक्षत्र और योग बन रहे हैं?\nइस दिन भोर 4:26 बजे तक इंद्र योग रहेगा, तथा सुबह 9:09 बजे तक विशाखा नक्षत्र के बाद अनुराधा नक्षत्र रहेगा।",
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  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-08-19",
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    "मासिक दुर्गाष्टमी",
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