# 9 नवंबर 2026 पंचांग: कार्तिक अमावस्या और बलि प्रतिपदा पर जानें स्नान दान का शुभ मुहूर्त एवं राहुकाल

> 9 नवंबर 2026 सोमवार को कार्तिक अमावस्या, विशाखा नक्षत्र और सौभाग्य योग का शुभ संयोग बन रहा है। जानिए बलि प्रतिपदा की पूजा विधि, राहुकाल और शुभ मुहूर्त का सटीक समय।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/9-november-2026-panchang-kartik-amavasya-aur-bali-pratipada-par-jane-snan-dan-ka-shubh-muhurat-evam-rahukal-57951 · **Language:** Hindi
**Tags:** आज का पंचांग, कार्तिक अमावस्या, बलि प्रतिपदा, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, विशाखा नक्षत्र, गोवर्धन पूजा

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है। 9 नवंबर 2026, सोमवार के दिन स्नान दान की अमावस्या के साथ बलि प्रतिपदा का महापर्व मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान पुण्य करने और राजा बलि के पूजन का विधान है। पंचांग के अनुसार इस पूरे दिन विशाखा नक्षत्र और सौभाग्य योग का सुंदर संयोग बना रहेगा। किसी भी शुभ कार्य को संपन्न करने के लिए सही मुहूर्त और वर्जित समय की जानकारी होना आवश्यक होता है, इसलिए आइए विस्तार से जानते हैं 9 नवंबर के सभी मुख्य मुहूर्त और विभिन्न शहरों के राहुकाल का समय।

## कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि और मुख्य योग
9 नवंबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। इसके पश्चात प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा। नक्षत्रों की बात करें तो विशाखा नक्षत्र 9 नवंबर को पूरे दिन और पूरी रात रहेगा, जिसका समापन अगले दिन 10 नवंबर की सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर होगा। वहीं सौभाग्य योग 9 नवंबर की देर रात 2 बजकर 57 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इन शुभ योगों की उपस्थिति के कारण यह दिन पूजा-पाठ, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बेहद फलदायी माना गया है।

## 9 नवंबर 2026 के शुभ मुहूर्त
दिन की शुरुआत और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय का विशेष ध्यान रखा जाता है। 9 नवंबर के लिए मुख्य मुहूर्त इस प्रकार हैं

- **ब्रह्म मुहूर्त:** सुबह 04:54 बजे से सुबह 05:46 बजे तक
- **प्रातः संध्या:** सुबह 05:20 बजे से सुबह 06:38 बजे तक
- **अभिजीत मुहूर्त:** सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
- **गोधुलि मुहूर्त:** शाम 05:38 बजे से शाम 06:04 बजे तक
- **सायाह्न संध्या:** शाम 05:38 बजे से शाम 06:56 बजे तक
- **सूर्योदय एवं सूर्यास्त:** सूर्योदय सुबह 06:38 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 05:30 बजे होगा।

## देश के प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए वर्जित माना जाता है। 9 नवंबर को अलग-अलग शहरों में राहुकाल की समयावधि निम्नलिखित रहेगी

- **दिल्ली:** सुबह 08:01 बजे से सुबह 09:22 बजे तक
- **मुंबई:** सुबह 08:08 बजे से सुबह 09:33 बजे तक
- **चंडीगढ़:** सुबह 08:05 बजे से सुबह 09:25 बजे तक
- **लखनऊ:** सुबह 07:44 बजे से सुबह 09:06 बजे तक
- **भोपाल:** सुबह 07:54 बजे से सुबह 09:17 बजे तक
- **कोलकाता:** सुबह 07:09 बजे से सुबह 08:33 बजे तक
- **अहमदाबाद:** सुबह 08:13 बजे से सुबह 09:36 बजे तक
- **चेन्नई:** सुबह 07:32 बजे से सुबह 08:59 बजे तक

## बलि प्रतिपदा और गोवर्धन पूजा का महत्व
बलि प्रतिपदा को बलि-पद्मी के नाम से भी जाना जाता है और गुजराती तथा मारवाड़ी समुदाय में इसे नववर्ष के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु अपने घरों में पांच अलग-अलग रंगों से दैत्यराज बलि और उनकी धर्मपत्नी विंध्यावली का सुंदर चित्र बनाकर श्रद्धापूर्वक पूजन करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने वामन अवतार में राजा बलि की अनन्य भक्ति और निष्ठा से प्रसन्न होकर उन्हें यह वरदान दिया था कि वे वर्ष में एक दिन पृथ्वी लोक पर आएंगे और जनमानस द्वारा उनकी पूजा की जाएगी। इसी मान्यता के अनुसार बलि प्रतिपदा के दिन धरती पर उनके आगमन की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है। इसके अलावा भारत के उत्तरी क्षेत्रों में इसी दिन अन्नकूट का आयोजन और गोवर्धन पूजा का विधान भी संपन्न किया जाता है।

## इसका आप पर असर
यह पंचांग दैनिक पूजा पाठ, धार्मिक स्नान और शुभ कार्यों की सटीक समय सारिणी तय करने में मदद करता है।

- **धार्मिक स्नान व दान:** कार्तिक अमावस्या दोपहर 12:32 बजे तक होने से सुबह के समय नदी स्नान और दान करना पुण्यकारी रहेगा।
- **शुभ कार्य की शुरुआत:** अभिजित मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:30 बजे के बीच नया काम शुरू करना सर्वोत्तम होगा।
- **राहुकाल का परहेज:** सुबह के समय अपने शहर के अनुसार राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण खरीदारी या यात्रा टालनी चाहिए।
- **पूजा उत्सव:** बलि प्रतिपदा पर राजा बलि पूजन एवं अन्नकूट की तैयारी के लिए समय का ध्यान रखना आवश्यक है।

## ऐसा क्यों हुआ
कार्तिक अमावस्या और प्रतिपदा तिथि के मेल से इस दिन का पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। भगवान विष्णु के वरदान और पारंपरिक त्योहारों के कारण यह तिथि मनाई जाती है।

- **भगवान विष्णु का वरदान:** पौराणिक मान्यता के अनुसार वामन अवतार में विष्णुजी ने राजा बलि को वर्ष में एक दिन पृथ्वी पर पूजे जाने का वरदान दिया था।
- **सौभाग्य योग का प्रभाव:** विशाखा नक्षत्र और सौभाग्य योग की युति इस दिन को धार्मिक कार्यों के लिए विशेष फलदायी बनाती है।
- **पारंपरिक नववर्ष:** मारवाड़ी व गुजराती समुदाय बलि प्रतिपदा को अपने नववर्ष के रूप में हर्षोल्लास से मनाते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. 9 नवंबर 2026 को कार्तिक अमावस्या कब तक है?
9 नवंबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगी।

### 2. 9 नवंबर 2026 को अभिजित मुहूर्त का समय क्या है?
इस दिन अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

### 3. दिल्ली में 9 नवंबर को राहुकाल का समय क्या रहेगा?
दिल्ली में राहुकाल सुबह 08:01 बजे से सुबह 09:22 बजे तक रहेगा।

### 4. बलि प्रतिपदा के दिन किसकी पूजा की जाती है?
इस दिन पांच रंगों से दैत्यराज बलि और उनकी पत्नी विंध्यावली का चित्र बनाकर उनका पूजन किया जाता है।

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