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  "title": "अजमेर के पुष्कर रोड पर 250 साल पुराना मंदिर, यहां आज भी बाबा को धूणी वाले रामदेव जी के नाम से पूजते हैं",
  "summary": "अजमेर के पुष्कर रोड पर स्थित करीब 250 साल पुराना यह मंदिर पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से मशहूर है, जहां भादवा माह में हजारों श्रद्धालु जुटते हैं।",
  "content": "राजस्थान की धार्मिक नगरी अजमेर में पुष्कर रोड पर एक ऐसा मंदिर है जिसकी उम्र करीब 250 साल आंकी जाती है और स्थानीय लोग आज भी इसे उसी पुराने नाम से पुकारते हैं। इस मंदिर को पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है और यह बरसों से अजमेर शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों की धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है।\n\nमंदिर के पुजारी विष्णु प्रसाद शास्त्री के मुताबिक बुजुर्ग श्रद्धालु आज भी इस स्थान को धूणी वाले रामदेव जी के नाम से ही पहचानते हैं। उनका कहना है कि दशकों पहले यहां सिर्फ बाबा रामदेव जी के ही दर्शन होते थे, लेकिन वक्त के साथ मंदिर परिसर का विस्तार किया गया। इस विस्तार के बाद परिसर पहले से कहीं ज्यादा भव्य और आकर्षक हो गया है और अब एक ही परिसर में भक्तों को कई देवी-देवताओं के दर्शन एक साथ मिलते हैं। यही वजह है कि हर दिन बड़ी तादाद में श्रद्धालु सच्चे मन से यहां पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, क्योंकि मान्यता है कि बाबा रामदेव जी के दरबार में मांगी हर मनोकामना पूरी होती है।\n\nभादवा माह में क्यों बढ़ जाती है रौनक\nपुजारी विष्णु प्रसाद शास्त्री बताते हैं कि मंदिर में साल भर छोटे-बड़े धार्मिक आयोजन होते रहते हैं, लेकिन भादवा माह का महत्व सबसे अलग माना जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में विशाल जागरण और भजन संध्या का आयोजन किया जाता है, जिसमें राजस्थान के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं। भजन संध्या के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति संगीत, जगमगाते दीयों और भक्तों के जयकारों से पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है।\n\nकैसे पहुंचें मंदिर तक\nअगर कोई श्रद्धालु अजमेर की धार्मिक यात्रा पर जाने की योजना बना रहा है, तो इस मंदिर के दर्शन जरूर करने चाहिए। यह मंदिर अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर पुष्कर रोड पर स्थित है और यहां तक बस, टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा जैसे साधनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मंदिर की प्राचीन आस्था, शांत और सौम्य वातावरण तथा भव्य परिसर इसे सिर्फ श्रद्धालुओं ही नहीं बल्कि आम पर्यटकों के लिए भी एक खास धार्मिक ठिकाना बनाते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह खबर धार्मिक पर्यटन और आस्था से जुड़ी है, इसलिए इसका असर सीधे यात्रा-योजना बनाने वालों पर पड़ता है।\n\n• भारत में: देशभर से राजस्थान की धार्मिक यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अपने पुष्कर-अजमेर दौरे में इस मंदिर को भी शामिल कर सकते हैं।\n• अजमेर में: स्थानीय लोगों और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए यह मंदिर आस्था का केंद्र बना रहेगा, खासकर भादवा माह के दौरान होने वाले बड़े आयोजन के वक्त भीड़ और आवाजाही बढ़ सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह मंदिर कितना पुराना है?\nयह मंदिर लगभग 250 वर्ष पुराना है।\n\n2. इस मंदिर को किस नाम से जाना जाता है?\nइसे पांच गांव के धूणी वाले रामदेव जी के नाम से जाना जाता है।\n\n3. मंदिर के पुजारी कौन हैं?\nमंदिर के पुजारी विष्णु प्रसाद शास्त्री हैं।\n\n4. मंदिर में सबसे खास आयोजन कब होता है?\nभादवा माह में यहां विशाल जागरण और भजन संध्या का आयोजन होता है, जिसमें राजस्थान सहित कई राज्यों से श्रद्धालु आते हैं।\n\n5. मंदिर तक कैसे पहुंचा जा सकता है?\nमंदिर अजमेर रेलवे स्टेशन से करीब 7 किलोमीटर दूर पुष्कर रोड पर है और यहां बस, टेंपो, ऑटो व ई-रिक्शा से पहुंचा जा सकता है।\n\n6. क्या मंदिर में सिर्फ बाबा रामदेव जी के ही दर्शन होते हैं?\nनहीं, समय के साथ मंदिर परिसर का विस्तार हुआ है और अब यहां कई देवी-देवताओं के दर्शन एक साथ किए जा सकते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/religion/ajmer-ke-pushkar-road-para-250-sala-purana-mndira-yahan-aja-bhi-baba-ko-dhuni-vale-ramdev-ji-ke-nama-se-pujate-hain-5459",
  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-07-07",
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    "अजमेर मंदिर",
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    "धूणी वाले रामदेव जी",
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    "राजस्थान धार्मिक स्थल"
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