अमरनाथ छड़ी मुबारक पूजन से गूंजा श्रीनगर का शंकराचार्य मंदिर, जानिए 22 अगस्त से शुरू हो रही मुख्य धार्मिक यात्रा का पूरा शेड्यूल श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर में साधु-संतों की मौजूदगी में अमरनाथ छड़ी मुबारक की पूजा संपन्न हुई। 22 अगस्त को श्रीनगर से रवाना होकर यह पवित्र छड़ी 28 अगस्त को अमरनाथ गुफा पहुंचेगी। श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध शंकराचार्य पर्वत की चोटी पर बने प्राचीन मंदिर में बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साये में पवित्र अमरनाथ छड़ी मुबारक का विशेष पूजन अनुष्ठान आयोजित किया गया। हर हर महादेव और बम बम भोले के उद्घोष के साथ संपन्न हुए इस धार्मिक समारोह में महंत दीपेंद्र गिरी की अगुवाई में देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह अनुष्ठान आगामी 28 अगस्त को अमरनाथ गुफा में होने वाली अंतिम पूजा की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव माना जाता है। दशनामी अखाड़े और शारिका देवी मंदिर में धार्मिक परंपराएं पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान करने से पूर्व छड़ी मुबारक को श्रीनगर के ऐतिहासिक स्थलों पर ले जाकर पूजने की सदियों पुरानी समृद्ध परंपरा रही है। इसी कड़ी में श्रीनगर के दशनामी अखाड़ा परिसर में स्थित शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र गदा की विशेष आराधना की गई। परंपरा के अनुसार, शंकराचार्य मंदिर में दर्शन-पूजन के अगले चरण में गुरुवार को प्रसिद्ध शारिका देवी मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा। इसके उपरांत ही पवित्र छड़ी को कश्मीर घाटी के प्रमुख देवस्थानों से गुजारते हुए आगे बढ़ाया जाएगा। श्रीनगर से पवित्र गुफा तक की पूरी यात्रा का कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के तहत पवित्र छड़ी मुबारक आगामी 22 अगस्त को श्रीनगर के दशनामी अखाड़े से अपनी पारंपरिक यात्रा शुरू करेगी। घाटी के विभिन्न धार्मिक स्थलों से होते हुए यह पवित्र छड़ी दक्षिण कश्मीर के पहलगाम पहुंचेगी। पहलगाम में 22 अगस्त तथा 23 अगस्त को प्रसिद्ध लिद्दर नदी के तट पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक विधान पूरे किए जाएंगे। इसके बाद छड़ी मुबारक 24 अगस्त को चंदनवाड़ी पहुंचेगी तथा 25 अगस्त को शेषनाग झील के पास रात्रि विश्राम करेगी। यात्रा के अगले चरण में 26 अगस्त और 27 अगस्त को पंचतरणी में दो रातों का पड़ाव रहेगा। अंततः 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पवित्र अमरनाथ गुफा में छड़ी मुबारक की अंतिम पूजा आयोजित होगी। इस मुख्य पूजन के साथ ही वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन हो जाएगा। तत्पश्चात पवित्र छड़ी को वापस श्रीनगर के दशनामी अखाड़े लाकर आगामी वर्ष तक के लिए सुरक्षित रख दिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा का महत्व और वर्तमान स्थिति सनातन परंपरा में छड़ी मुबारक के प्रारंभिक पूजन के साथ ही अमरनाथ यात्रा की वास्तविक शुरुआत मानी जाती है। गुफा में अंतिम अनुष्ठान के बाद पहलगाम में लिद्दर नदी किनारे होने वाले समापन समारोह के जरिए ही इस पवित्र यात्रा का पूर्ण फल प्राप्त होने की मान्यता है। गौरतलब है कि इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ 3 जुलाई को हुआ था। इस दौरान पूरे देश से आए 4.67 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। हालांकि, घाटी में हुई भारी वर्षा के कारण यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। रास्तों की आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते 8 अगस्त से बालटाल और पहलगाम दोनों पारंपरिक मार्गों पर आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। इसके बावजूद, सदियों से चली आ रही धार्मिक मर्यादा का पालन करते हुए छड़ी मुबारक की यह पारंपरिक यात्रा अपने निर्धारित समय पर 22 अगस्त को ही शुरू होगी। इसका आप पर असर • अमरनाथ यात्रियों के लिए: 8 अगस्त से खराब मौसम के कारण रोकी गई सामान्य यात्रा के बीच छड़ी मुबारक अनुष्ठान तय शेड्यूल (22-28 अगस्त) पर ही पूरा होगा। • कश्मीर घाटी में: 22 से 28 अगस्त के बीच श्रीनगर, पहलगाम, चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी मार्गों पर श्रद्धालुओं और सुरक्षा तंत्र की आवाजाही रहेगी। सवाल-जवाब 1. श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर में कौन सा धार्मिक अनुष्ठान हुआ? बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा से जुड़ा छड़ी मुबारक पूजन अनुष्ठान शंकराचार्य मंदिर में आयोजित किया गया। 2. छड़ी मुबारक श्रीनगर से पहलगाम के लिए कब रवाना होगी? पवित्र छड़ी मुबारक 22 अगस्त को श्रीनगर के दशनामी अखाड़े से पहलगाम के लिए अपनी यात्रा शुरू करेगी। 3. अमरनाथ गुफा में छड़ी मुबारक की अंतिम पूजा किस तारीख को होगी? 28 अगस्त को अमरनाथ की पवित्र गुफा में छड़ी मुबारक की अंतिम पूजा संपन्न होगी और यात्रा का औपचारिक समापन होगा। 4. इस साल अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई थी और कितने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए? 2026 में 57 दिन की यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और खराब मौसम के कारण 8 अगस्त को रोके जाने तक 4.67 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके थे। https://trendkia.com/religion/amarnath-chhari-mubaraka-pujana-se-gunja-srinagar-ka-shankaracharya-mndira-janie-22-agasta-se-shuru-ho-rahi-mukhya-dharmika-yatra--15891 TrendKia — Har trend, sabse pehle.