# अयोध्या मंदिर चढ़ावा चोरी कांड में एसआईटी की जांच रिपोर्ट सामने आई, छह कर्मचारी शक के घेरे में

> राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच कर रही एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में छह कर्मचारियों का नाम सामने आया है और सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियां बताई गई हैं।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-07-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/ayodhya-mndira-charhava-chori-kanda-men-sit-ki-jancha-riporta-samane-ai-chhaha-karmachari-shaka-ke-ghere-men-5355 · **Language:** Hindi
**Tags:** राम मंदिर, अयोध्या, दान चोरी, एसआईटी जांच, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट, चंपत राय इस्तीफा

अयोध्या में राम मंदिर के दान चोरी मामले की तह तक पहुंचने के लिए बनाई गई एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है, और इसमें साफ कर दिया गया है कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान वाकई गड़बड़ी हुई थी। रिपोर्ट में छह कर्मचारियों का सीधे नाम लेकर उनकी संलिप्तता की तरफ इशारा किया गया है, और साथ ही मंदिर की सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था में कई खामियां भी गिनाई गई हैं। यह रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी जा चुकी है, यानी अब गेंद ट्रस्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई के पाले में है।

## जेब से जूते तक, हर जगह छिपाए मिले नोट
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि न्यासियों के सामने एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पढ़ी गई, हालांकि इस पर कोई बहस या चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यह भी साफ किया कि एसआईटी की जांच अभी खत्म नहीं हुई है, यह सिलसिला आगे भी चलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, और इसमें कई बार कर्मचारी गिनती कक्ष के भीतर नोटों की गड्डियां और खुली नकदी अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य जगहों पर छिपाते हुए कैद हुए। एसआईटी ने ऐसी करीब 70 संदिग्ध घटनाओं का जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया है, यानी यह कोई इक्का-दुक्का वाकया नहीं बल्कि बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न था।

## सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी
जांच दल के मुताबिक ये गड़बड़ियां अलग-अलग मौकों पर हुई अकेली घटनाएं नहीं लगतीं, बल्कि कई दिनों तक अपनाई गई एक सोची-समझी और बार-बार दोहराई गई प्रक्रिया जैसी नजर आती हैं। एसआईटी ने पाया कि गिनती कक्ष में तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन ही नहीं हो रहा था। कर्मचारी जब कक्ष में दाखिल होते या बाहर निकलते थे, तब उनकी तलाशी नहीं ली जाती थी, और उनके निजी सामान पर भी कोई ठोस निगरानी नहीं थी। इतना ही नहीं, अलग-अलग दानपात्रों की नकदी को एक साथ मिलाकर गिन लिया जाता था, जिससे हिसाब रखना मुश्किल हो जाता था। मूल्यवान चढ़ावे के रिकॉर्ड रखने और उसकी पुष्टि करने के तरीके में भी गंभीर खामियां पाई गईं। इन सारी खामियों का नतीजा यह हुआ कि जो कर्मचारी नकदी गिनते थे, उन्हीं के पास रिकॉर्ड में चढ़ने से पहले उसमें से कुछ हिस्सा अपनी जेब में डालने का पूरा मौका था, और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती थी।

## छह कर्मचारियों पर सीधा शक, आठ पहले ही गिरफ्तार
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और राम शंकर मिश्रा का नाम लेते हुए कहा है कि प्रथम दृष्टया इन सभी की भूमिका सामने आई है। इन छह के अलावा भी मिलाकर अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक जांच शुरू होने से पहले ही कुछ कर्मचारियों के पास से करीब 78.94 लाख रुपये बरामद हो चुके थे। इसके अलावा 4 जून को गिनती कक्ष से भी लगभग 2.25 लाख रुपये बरामद होने का जिक्र रिपोर्ट में है।

## बैंक खातों में घोषित आय से कहीं ज्यादा लेनदेन
एसआईटी ने बताया कि जब आरोपी कर्मचारियों के बैंक खातों को खंगाला गया, तो उनमें घोषित आय के मुकाबले कहीं ज्यादा नकद जमा और वित्तीय लेनदेन मिले। यही वजह है कि अब इनकी विस्तृत वित्तीय जांच जरूरी मानी जा रही है। रिपोर्ट में ट्रस्ट की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि सुरक्षा इंतजाम, सीसीटीवी निगरानी, तय मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी का पालन, कर्मचारियों की तलाशी और पर्यवेक्षण, इन सबमें इतनी गंभीर खामियां थीं कि कथित चोरी और गबन आसानी से हो सका।

## चांदी की ईंटें गायब होने के दावे को नहीं मिली पुष्टि
सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा चली थी कि मंदिर से चांदी की ईंटें और दूसरे कीमती चढ़ावे गायब हो गए हैं, लेकिन एसआईटी की प्रारंभिक जांच में इन आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बावजूद एसआईटी ने सुझाव दिया है कि मूल्यवान चढ़ावे के प्रबंधन, दस्तावेजीकरण और सत्यापन की पूरी प्रणाली को और पुख्ता किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 जून को ही एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट की एक प्रति ट्रस्ट को भेज दी थी और जांच के नतीजों की जानकारी दे दी थी। यही रिपोर्ट सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति के साथ संलग्न करके सार्वजनिक की गई।

## चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर
चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर चल रहे इसी विवाद के बीच सोमवार को ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने इस मौके पर दोहराया कि यह अभी सिर्फ एक प्रारंभिक रिपोर्ट है और जांच का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने आभूषण और दूसरे कीमती चढ़ावे गायब होने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया, और मीडिया के सामने वे आभूषण तथा अन्य कीमती चढ़ावे दिखाए भी, यह कहते हुए कि ट्रस्ट ने इन्हें पूरी तरह सुरक्षित रखा है।

## जांच अभी जारी, एसआईटी को मिले 15 दिन और
एसआईटी ने खुद यह साफ किया है कि उसकी यह रिपोर्ट अभी शुरुआती चरण की है, और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई को एसआईटी के कार्यकाल में 15 दिन का विस्तार भी कर दिया था, ताकि जांच पूरी गहराई से हो सके। गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी और गबन के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन 13 जून को किया गया था।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह मामला देशभर के बड़े मंदिरों और धार्मिक ट्रस्टों को चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत की तरफ इशारा करता है, ताकि श्रद्धालुओं का दान सुरक्षित रहे।
- **अयोध्या और उत्तर प्रदेश में:** अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भरोसा जरूरी है कि उनका चढ़ावा सुरक्षित हाथों में पहुंचे, और अब ट्रस्ट में हुए नेतृत्व बदलाव व सुरक्षा सुधार से आगे की निगरानी व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट किसे सौंपी है?
एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है।

### 2. रिपोर्ट में किन कर्मचारियों का नाम सीधे लिया गया है?
रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और राम शंकर मिश्रा, इन छह कर्मचारियों का नाम सीधे लिया गया है।

### 3. अब तक कुल कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
अब तक इन छह सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

### 4. जांच में अब तक कितनी नकदी बरामद हुई है?
जांच शुरू होने से पहले कुछ कर्मचारियों के पास से करीब 78.94 लाख रुपये और 4 जून को गिनती कक्ष से लगभग 2.25 लाख रुपये बरामद हुए हैं।

### 5. क्या चांदी की ईंटें गायब होने की बात सही निकली?
नहीं, एसआईटी की प्रारंभिक जांच में चांदी की ईंटें और अन्य कीमती चढ़ावे गायब होने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

### 6. ट्रस्ट में हाल में कौन-कौन से बड़े बदलाव हुए हैं?
ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार करते हुए कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है।

### 7. एसआईटी का गठन कब हुआ था और जांच के लिए अब कितना और समय मिला है?
एसआईटी का गठन 13 जून को हुआ था और उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई को इसके कार्यकाल में 15 दिन का विस्तार किया है।

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