अयोध्या राम जन्मभूमि ट्रस्ट में अब CEO की नियुक्ति होगी, महिला दावेदार भी रेस में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति होगी और यह पद महिलाओं के लिए भी खुला है. तीन सदस्यों की समिति अगले 30 दिनों में चयन प्रक्रिया पूरी कर नए नाम का एलान करेगी. अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने गठन के बाद पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति करने जा रहा है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पद सिर्फ पुरुषों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि महिलाओं के लिए भी बराबर मौका दिया गया है, यानी मंदिर ट्रस्ट को उसकी पहली महिला CEO भी मिल सकती है. यह फैसला राम मंदिर में दान की राशि चोरी होने से जुड़े विवाद के बीच सामने आया है. पहली बार क्यों बनाया जा रहा है CEO का पद अब तक राम मंदिर ट्रस्ट का रोजमर्रा का कामकाज सीधे ट्रस्टियों और मौजूदा प्रशासनिक ढांचे के जरिए संभाला जाता रहा है, लेकिन मंदिर परिसर बड़ा होने और व्यवस्थाओं के लगातार बढ़ने के बाद ट्रस्ट ने महसूस किया कि एक पूर्णकालिक CEO की जरूरत है जो पूरे प्रशासन की निगरानी कर सके. खबरों के मुताबिक, नया CEO मंदिर से जुड़े करीब 2500 कर्मचारियों की टीम की जिम्मेदारी संभालेगा और उसे मंदिर प्रबंधन से जुड़े नए अधिकार भी दिए जाएंगे. CEO चुनने की प्रक्रिया कैसे होगी CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यों की एक समिति बनाई है. इस समिति से उम्मीद है कि वह अगले 30 दिनों के भीतर चयन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर लेगी और नए CEO के नाम का एलान कर देगी. खबरों के मुताबिक सिर्फ ऊंची डिग्री होना ही काफी नहीं होगा, उम्मीदवार को लेकर कुछ और अहम शर्तें भी रखी गई हैं. चयन समिति के एक सदस्य ने कहा कि ट्रस्ट का CEO राम भक्त होना जरूरी है, क्योंकि यह सवाल सीधे जनता के भरोसे से जुड़ा है. दान चोरी विवाद की पृष्ठभूमि गौरतलब है कि यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब राम मंदिर में दान की राशि से जुड़ा विवाद पहले से ही चर्चा में है. ऐसे में नए CEO पद पर निगरानी और पारदर्शिता से जुड़ी जिम्मेदारी की उम्मीद और बढ़ जाती है. यह खबर लगातार अपडेट हो रही है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, तस्वीर और साफ होती जाएगी. इसका आप पर असर • भारत में: देशभर के राम भक्तों और मंदिर ट्रस्ट को दान देने वालों के लिए यह फैसला अहम है, क्योंकि CEO की नियुक्ति से मंदिर प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है. • अयोध्या, उत्तर प्रदेश में: मंदिर से जुड़े करीब 2500 कर्मचारियों का कामकाज अब सीधे नए CEO की निगरानी में आएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर मंदिर के प्रबंधन और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है. सवाल-जवाब 1. राम मंदिर ट्रस्ट में CEO पद क्यों बनाया जा रहा है? ट्रस्ट के गठन के बाद पहली बार मंदिर के प्रशासन की निगरानी के लिए एक पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति की जा रही है, जिसे नए अधिकार भी दिए जाएंगे. 2. क्या कोई महिला राम मंदिर ट्रस्ट की पहली CEO बन सकती है? हां, यह पद पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए खुला है, इसलिए ट्रस्ट को अपनी पहली महिला CEO मिलने की संभावना है. 3. CEO का चुनाव कैसे और कब तक होगा? तीन सदस्यों की एक समिति चयन प्रक्रिया पूरी कर रही है और उम्मीद है कि अगले 30 दिनों में नए CEO के नाम का एलान हो जाएगा. 4. CEO बनने के लिए क्या सिर्फ डिग्री काफी है? नहीं, खबरों के मुताबिक डिग्री के अलावा भी कुछ अहम शर्तें रखी गई हैं, जिसमें उम्मीदवार का राम भक्त होना भी शामिल बताया गया है. 5. नए CEO की जिम्मेदारी क्या होगी? नए CEO पर मंदिर से जुड़े करीब 2500 कर्मचारियों के कामकाज की निगरानी की जिम्मेदारी होगी और उसे मंदिर प्रबंधन से जुड़े नए अधिकार भी मिलेंगे. 6. यह फैसला किस विवाद के बीच आया है? यह फैसला राम मंदिर में दान की राशि चोरी होने से जुड़े विवाद के बीच सामने आया है. https://trendkia.com/religion/ayodhya-ram-janmbhoomi-trust-men-aba-ceo-ki-niyukti-hogi-mahila-davedara-bhi-resa-men-6719 TrendKia — Har trend, sabse pehle.