# बाबा बर्फानी की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के नाम पीएम मोदी का पत्र, गिनाए 5 संकल्प

> बारिश के बीच बालटाल और पहलगाम बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं के नाम पत्र लिखकर उनसे स्वच्छता से लेकर 'वोकल फॉर लोकल' तक पांच संकल्प लेने की अपील की है।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-07-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/baba-barfani-ki-yatra-para-nikale-shraddhaluon-ke-nama-pm-modi-ka-patra-ginae-5-snkalpa-4315 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमरनाथ यात्रा, पीएम मोदी, बाबा बर्फानी, जम्मू-कश्मीर, बालटाल, पहलगाम, रक्षाबंधन, वोकल फॉर लोकल

जम्मू-कश्मीर में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकलने वाली अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है। बारिश के बीच बालटाल और पहलगाम, दोनों बेस कैंप से श्रद्धालुओं के जत्थे रवाना हुए हैं। बालटाल बेस कैंप से निकले पहले जत्थे में 10 हजार से ज्यादा शिवभक्त शामिल हैं। बालटाल के रास्ते जाने वाले श्रद्धालु आज शाम तक पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर लेंगे, जबकि पहलगाम के रास्ते जाने वाले भक्तों को कल दोपहर बाद दर्शन का मौका मिलेगा। यह पूरी यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर निकले सभी श्रद्धालुओं के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने लोगों से पांच खास संकल्प लेने की अपील की है।

## पीएम मोदी ने पत्र में क्या लिखा
अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि हर हर महादेव, जय बाबा बर्फानी कहते हुए वह हर श्रद्धालु का अभिवादन करते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में शामिल होना अपने आप में एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई पहली पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाता है। पीएम मोदी ने बताया कि देश के हर कोने से श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल होने के लिए बेताब रहते हैं, और हर साल बाबा बर्फानी के सीधे दर्शन का यह मौका लाखों शिवभक्तों के लिए जिंदगी का एक बेहद शुभ और यादगार अनुभव बन जाता है। उन्होंने इस साल यात्रा पर निकले सभी शिवभक्तों को अपनी शुभकामनाएं भी दीं।

पत्र में आगे पीएम मोदी ने कहा कि बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा भारत की आध्यात्मिक परंपरा का एक शाश्वत हिस्सा है। हर साल दुनियाभर से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग राज्यों से आने वाले, अलग-अलग भाषा बोलने वाले और अलग-अलग परंपराओं को मानने वाले लोग महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बीते कई दशकों से श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव के साथ इस यात्रा का इंतजाम करते आ रहे हैं, और यात्रा को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने में प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बड़ी भूमिका होती है। इस साल भी हजारों जवान और अधिकारी इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं।

## जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य और सेवा भाव की तारीफ
पीएम मोदी ने अपने पत्र में भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ के जवानों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टरों, कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई मित्रों और सेवा में जुटे हर व्यक्ति का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि करीब दो महीने चलने वाली इस यात्रा के दौरान बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता की अनूठी झलक देखने को मिलती है। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य भाव और देशभर से पहुंचे भक्तों के समर्पण को भी सामने लाती है। यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के हजारों स्थानीय लोग श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों से आए असंख्य भक्त पवित्र गुफा और यात्रा मार्ग पर भंडारे और लंगर चलाते हैं। पीएम मोदी ने इस निःस्वार्थ सेवा भावना को सनातन संस्कृति और सर्वे भवन्तु सुखिनः के आदर्श की जीवंत मिसाल बताया।

## पीएम मोदी ने गिनाए ये 5 संकल्प
पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर निकले हर श्रद्धालु से पांच संकल्प लेने का आग्रह किया है:

- **पहला संकल्प:** यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन किया जाए और पूरे यात्रा मार्ग को साफ-सुथरा रखने में योगदान दिया जाए।
- **दूसरा संकल्प:** प्रशासन के सभी निर्देशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी हिदायतों का पूरी ईमानदारी से पालन किया जाए। बारिश की वजह से रास्तों में फिसलन और ठंड को लेकर खास सावधानी बरती जाए।
- **तीसरा संकल्प:** वोकल फॉर लोकल की भावना के तहत यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों की खरीद पर लगाया जाए, जिससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और वहां के युवाओं की आजीविका को मजबूती मिले।
- **चौथा संकल्प:** यात्रा के आखिरी दिन यानी रक्षाबंधन के मौके पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट किया जाए, जिससे एक पेड़ मां के नाम अभियान को बढ़ावा मिले।
- **पांचवां संकल्प:** पूरे साल राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन किया जाए और विकसित भारत बनाने में सक्रिय योगदान दिया जाए।

## पीएम मोदी की शुभकामनाएं
पत्र के आखिर में पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि बाबा अमरनाथ की यह दर्शन यात्रा सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का एक भव्य उत्सव बनकर पूरी होगी। उन्होंने कामना की कि बाबा अमरनाथ की असीम कृपा सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे, यात्रा सुरक्षित और मंगलमय हो, और हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और नई आध्यात्मिक शक्ति का संचार हो। उन्होंने यह भी लिखा कि बाबा बर्फानी सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और ज्यादा समर्पित बनाएं, ताकि मिलकर विकसित भारत का संकल्प पूरा किया जा सके। पत्र के अंत में पीएम मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर निकले सभी श्रद्धालुओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** देशभर से पहुंचने वाले शिवभक्तों को इस साल भी 28 अगस्त तक बाबा बर्फानी के दर्शन का मौका मिलेगा, और पीएम मोदी की अपील के बाद यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु अपने खर्च का हिस्सा स्थानीय उत्पादों पर लगाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
- **जम्मू-कश्मीर में:** बालटाल और पहलगाम के आसपास के इलाकों में दुकानदारों, गाइड, पालकी और खच्चर वालों को दो महीने तक चलने वाली यात्रा से सीधा रोजगार मिलेगा, वहीं भारी सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम स्थानीय आवाजाही को भी प्रभावित करेंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई और कब तक चलेगी?
यात्रा बारिश के बीच शुरू हो चुकी है और 28 अगस्त तक चलेगी।

### 2. पहले जत्थे में कितने श्रद्धालु रवाना हुए?
बालटाल बेस कैंप से रवाना हुए पहले जत्थे में 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हैं।

### 3. बालटाल और पहलगाम रूट से जाने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन कब मिलेंगे?
बालटाल रूट वाले श्रद्धालु आज शाम तक और पहलगाम रूट वाले श्रद्धालु कल दोपहर बाद बाबा बर्फानी के दर्शन कर पाएंगे।

### 4. पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से कौन से 5 संकल्प लेने को कहा?
उन्होंने स्वच्छता बनाए रखने, प्रशासन-सुरक्षा निर्देशों का पालन करने, यात्रा खर्च का 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने, रक्षाबंधन पर पौधा भेंट करने और राष्ट्र प्रथम की भावना से कर्तव्य निभाने को कहा है।

### 5. यात्रा का प्रबंधन कौन करता है?
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार यात्रा का प्रबंधन करते हैं, जबकि सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ और एनडीआरएफ सुरक्षा में जुटे हैं।

### 6. पीएम मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' संकल्प में क्या कहा?
उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करने को कहा, ताकि जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका मजबूत हो।

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