# भाद्रपद की पिठोरी अमावस्या पर कपूर जलाने की परंपरा, गृह कलह दूर करने और पितृ शांति के लिए माना जाता है अचूक उपाय

> 10 सितंबर 2026 को मनाई जा रही पिठोरी अमावस्या की रात मिट्टी के दीपक में कपूर जलाकर धुआं घर में फैलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होने और पारिवारिक सौहार्द बढ़ने की मान्यता है।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-09-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/bhadrapada-ki-pithori-amavasya-para-kapura-jalane-ki-parnpara-griha-kalaha-dura-karane-aura-pitri-shanti-ke-lie-mana-jata-hai-achu-30770 · **Language:** Hindi
**Tags:** पिठोरी अमावस्या 2026, कपूर का उपाय, भाद्रपद अमावस्या, पितृ दोष शांति, गृह कलह उपाय, धार्मिक परंपराएं

हिंदू धर्म संस्कृति में भाद्रपद मास की अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व स्वीकार किया गया है। इस दिन पितरों के तर्पण, श्राद्ध तथा विविध धार्मिक अनुष्ठानों की परंपरा रही है। लोक मान्यताओं के अनुसार पिठोरी अमावस्या की रात्रि में कपूर से जुड़ा विशेष उपाय करने से गृह कलेश समाप्त होता है तथा परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यदि घर का वातावरण तनावपूर्ण रहता है तो यह पारंपरिक उपाय अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।

## पिठोरी अमावस्या की तिथि और महत्व
भाद्रपद महीने में पड़ने वाली अमावस्या तिथि को धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में पिठोरी अमावस्या के नाम से संबोधित किया जाता है। इस तिथि को देश के विभिन्न हिस्सों में कुशाग्रहणी अमावस्या, पोला अमावस्या तथा मातृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2026 में यह पवित्र तिथि 10 सितंबर 2026, गुरुवार के दिन पड़ रही है। इस विशेष दिन पितरों के निमित्त जल अर्पित करने, तर्पण करने तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है।

## कपूर का धार्मिक और सांकेतिक महत्व
सनातन धर्म की पूजा पद्धतियों में कपूर का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहा है। दैनिक पूजा, महाआरती तथा हवन इत्यादि कार्यों में कपूर का निरंतर उपयोग किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार कपूर जलाने से आसपास का वातावरण शुद्ध होता है और उसमें फैली नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। कपूर जब पूरी तरह जलकर भस्म हो जाता है, तो यह जीव के ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और अंतर्मन की बुराइयों के विनाश का प्रतीक माना जाता है। इसकी सुगंध मन को शांति प्रदान करती है।

## अमावस्या की रात्रि में कपूर का विशेष उपाय
यदि आपके परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस में विवाद की स्थिति बनती हो या घर में लगातार अशांति का माहौल रहता हो, तो पिठोरी अमावस्या की रात एक पारंपरिक उपाय किया जा सकता है। इसके लिए एक मिट्टी के दीपक अथवा किसी सुरक्षित धातु के पात्र में थोड़ा सा शुद्ध कपूर रखकर जलाएं। जब कपूर जलने लगे, तो उसके पावन धुएं को घर के प्रत्येक कमरे और कोने तक पहुंचाएं। मान्यता है कि इस प्रक्रिया से घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पारिवारिक कलह से स्थाई राहत मिलती है।

## पितृ शांति और सुख-समृद्धि का योग
ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं में अमावस्या की रात कपूर जलाने की इस प्रक्रिया को सीधे तौर पर पितरों की तृप्ति से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इस उपाय से पितृ दोष के प्रभाव में कमी आती है और पूर्वजों का शुभ आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही घर में खुशहाली और मानसिक शांति का वातावरण बनता है, जिससे सदस्यों के बीच आपसी प्रेम प्रगाढ़ होता है। घर का वातावरण सकारात्मक होने पर धन की देवी मां लक्ष्मी का वास माना जाता है, जिससे आर्थिक संपन्नता के नए मार्ग खुलते हैं।

## इसका आप पर असर
पिठोरी अमावस्या पर कपूर जलाने का यह उपाय श्रद्धालुओं के लिए घर का माहौल बेहतर बनाने का पारंपरिक तरीका माना जाता है।

- **मानसिक शांति:** अमावस्या की रात घर में कपूर का धुआं फैलाने से वातावरण की नकारात्मकता कम होती है। इससे घर के सदस्यों का मानसिक तनाव दूर होता है और शांति महसूस होती है।
- **पारिवारिक सौहार्द:** यदि घर में बेवजह विवाद या तनाव रहता है, तो इस आसान धार्मिक उपाय से आपसी प्रेम बढ़ता है। सदस्यों के बीच बातचीत और सामंजस्य में सुधार आता है।
- **पितृ आशीर्वाद:** धार्मिक मान्यता के अनुसार पितरों की शांति से घर में सुख-समृद्धि आती है। इससे आर्थिक अड़चनें दूर होने और लक्ष्मी कृपा के मार्ग खुलने का विश्वास व्यक्त किया जाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
पिठोरी अमावस्या को हिंदू धर्म में पितरों की तृप्ति और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए विशेष तिथि माना गया है।

- **पितृ तर्पण का महत्व:** भाद्रपद अमावस्या तिथि पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने और उनके निमित्त पूजा करने के लिए शास्त्र सम्मत मानी जाती है।
- **कपूर की शुद्धिकरण क्षमता:** कपूर में वातावरण को शुद्ध करने और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने के गुण धार्मिक ग्रंथों में बताए गए हैं।
- **अमावस्या की रात का प्रभाव:** धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या की रात को सूक्ष्म ऊर्जाएं सक्रिय होती हैं, जिन्हें कपूर जलाकर सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्ष 2026 में पिठोरी अमावस्या किस तारीख को है?
साल 2026 में पिठोरी अमावस्या 10 सितंबर, गुरुवार के दिन मनाई जा रही है।

### 2. पिठोरी अमावस्या को अन्य किन नामों से जाना जाता है?
इसे कुशाग्रहणी अमावस्या, पोला अमावस्या और मातृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।

### 3. अमावस्या की रात कपूर जलाने से क्या धार्मिक लाभ मिलता है?
मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है, गृह कलह से मुक्ति मिलती है और पितृ दोष शांत होता है।

### 4. कपूर का यह पारंपरिक उपाय किस प्रकार किया जाता है?
मिट्टी के दीपक में कपूर जलाकर उसके पावन धुएं को घर के प्रत्येक कमरे और कोने तक पहुंचाया जाता है।

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