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  "title": "भाद्रपद की प्रतिपदा पर वैवाहिक सुख के लिए रखें अशून्य शयन व्रत, देखें 29 अगस्त का पूरा पंचांग व राहुकाल",
  "summary": "29 अगस्त 2026 शनिवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का संयोग है। इस दिन गृहस्थ पुरुषों के लिए अशून्य शयन व्रत रखना अत्यंत फलदायी माना जाता है।",
  "content": "वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 29 अगस्त 2026 शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है। इस दिन भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि विद्यमान रहेगी। इसके साथ ही दांपत्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के लिए रखा जाने वाला प्रसिद्ध अशून्य शयन व्रत भी इसी दिन आयोजित होगा। हिंदू मान्यताओं में इस व्रत को पतियों द्वारा अपनी जीवनसंगिनी की दीर्घायु और खुशहाली के लिए रखे जाने का विधान है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनिवार को पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और साथ ही धृति योग की उपस्थिति बनी रहेगी। आइए जानते हैं इस तिथि से जुड़े सभी शुभ मुहूर्त, राहुकाल के समय और पूजन से जुड़ी पौराणिक परंपराओं का संपूर्ण ब्योरा।\n\n29 अगस्त 2026 का दैनिक पंचांग विवरण\nशनिवार के दिन तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है। पंचांग के अनुसार विभिन्न कालखंडों की समय सीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है।\n\n• प्रतिपदा तिथि: भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 अगस्त 2026 को प्रातः 9 बजकर 57 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इसके तुरंत बाद द्वितीया तिथि का प्रारंभ हो जाएगा।\n• धृति योग: धृति योग 29 अगस्त को पूरे दिन और रात भर विद्यमान रहेगा। यह योग अगले दिन यानी 30 अगस्त की सुबह 5 बजकर 22 मिनट तक जारी रहेगा।\n• पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र 29 अगस्त को देर रात 3 बजकर 43 मिनट तक बना रहेगा।\n• विशेष धार्मिक पर्व: 29 अगस्त 2026 के दिन अशून्य शयन व्रत का पालन किया जाएगा।\n\nअशून्य शयन व्रत का महत्व और पूजन विधि\nशास्त्रों के अनुसार अशून्य शयन द्वितीया व्रत का अनुष्ठान चतुर्मास के चार महीनों में हर माह के कृष्ण पक्ष की द्वितिया तिथि को किया जाता है। इस व्रत की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें रात्रि के समय चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करके पारण करने का नियम है। पंचांगीय गणना के अनुसार द्वितीया तिथि 29 अगस्त को सुबह 9 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर 30 अगस्त की सुबह 9 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। चूंकि इस दौरान चंद्रोदय 29 अगस्त की रात्रि में ही प्राप्त हो रहा है, इसलिए यह व्रत शनिवार को ही रखना शास्त्रसम्मत माना गया है।\n\nशाब्दिक अर्थ में अशून्य शयन का तात्पर्य है कि व्यक्ति का बिस्तर कभी जीवनसाथी के बिना शून्य या अकेला न रहे। जिस प्रकार महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का कठिन व्रत रखती हैं, ठीक उसी तरह गृहस्थ पुरुषों को भी अपनी पत्नी की लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना से इस व्रत को करने का निर्देश दिया गया है। वैवाहिक संबंधों में प्रगाढ़ता और आपसी प्रेम बनाए रखने के लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना गया है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और देवी लक्ष्मी की संयुक्त रूप से पूजा की जाती है। पूजन के दौरान विष्णु जी की आरती का पूरी श्रद्धा से पाठ करना अनिवार्य बताया गया है। मान्यता है कि चतुर्मास में भगवान विष्णु शयन मुद्रा में होते हैं और यह व्रत एक प्रकार से शयन उत्सव के रूप में मनाया जाता है।\n\nशुभ मुहूर्त की समय सारणी\nशुभ कार्यों की शुरुआत और देव पूजन के लिए पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना श्रेयस्कर होता है। दिन भर के प्रमुख शुभ समय निम्नलिखित हैं।\n\n• ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:51 AM से प्रातः 05:37 AM तक रहेगा।\n• प्रातः संध्या: प्रातः 05:14 AM से प्रातः 06:23 AM तक।\n• अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:14 PM से दोपहर 01:04 PM तक।\n• विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 PM से दोपहर 03:35 PM तक।\n• गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 06:56 PM से शाम 07:19 PM तक।\n• सायंकाल संध्या: सायंकाल 06:56 PM से रात्रि 08:05 PM तक।\n• अमृत काल: रात्रि 07:32 PM से रात्रि 09:10 PM तक रहेगा।\n\nप्रमुख शहरों में राहुकाल का समय\nधार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल की अवधि में किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। देश के विभिन्न प्रमुख नगरों में राहुकाल की समयावधि इस प्रकार रहेगी।\n\n• दिल्ली: सुबह 09:10 AM से सुबह 10:46 AM तक।\n• मुंबई: सुबह 09:31 AM से सुबह 11:05 AM तक।\n• चंडीगढ़: सुबह 09:10 AM से सुबह 10:47 AM तक।\n• लखनऊ: सुबह 08:56 AM से सुबह 10:31 AM तक।\n• भोपाल: सुबह 09:11 AM से सुबह 10:46 AM तक।\n• कोलकाता: सुबह 08:28 AM से सुबह 10:03 AM तक।\n• अहमदाबाद: सुबह 09:30 AM से सुबह 11:05 AM तक।\n• चेन्नई: सुबह 09:04 AM से सुबह 10:37 AM तक।\n\nइस प्रकार प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, पंचांग के इन नियमों और मुहूर्तों का पालन करके श्रद्धालु अपने दिन को सुचारू और फलदायी बना सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\n29 अगस्त 2026 को पंचांग और शुभ मुहूर्तों का पालन करने से दैनिक धार्मिक और व्यक्तिगत कार्यों को बिना विघ्न पूरा करने में मदद मिलेगी।\n\n• भारत में: 29 अगस्त को नया कार्य शुरू करने वाले लोगों को अपने शहर के राहुकाल का ध्यान रखना होगा। राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण खरीदारी या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से बचना चाहिए।\n• गृहस्थ पुरुषों के लिए: अशून्य शयन व्रत रखने वाले पतियों को रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलना होगा। इससे दांपत्य जीवन के तनाव दूर होते हैं और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है।\n• पूजा-अर्चना करने वालों के लिए: अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:14 PM से 01:04 PM तक रहेगा। इस दौरान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है।\n• सुबह की यात्रा करने वालों के लिए: ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:51 AM से 05:37 AM तक रहेगा। सुबह की साधना या यात्रा की योजना के लिए यह समय सबसे उत्तम रहेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 29 अगस्त 2026 को कौन सा व्रत रखा जाएगा?\n29 अगस्त 2026 शनिवार को गृहस्थ पुरुषों द्वारा अपनी पत्नी की दीर्घायु और वैवाहिक सुख के लिए अशून्य शयन व्रत रखा जाएगा।\n\n2. 29 अगस्त 2026 को प्रतिपदा तिथि कब तक है?\nभाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी।\n\n3. 29 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त का समय क्या है?\n29 अगस्त 2026 को शुभ कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:14 PM से दोपहर 01:04 PM तक रहेगा।\n\n4. दिल्ली और मुंबई में 29 अगस्त को राहुकाल कब रहेगा?\nदिल्ली में राहुकाल सुबह 09:10 AM से 10:46 AM तक और मुंबई में सुबह 09:31 AM से 11:05 AM तक रहेगा।\n\n5. अशून्य शयन व्रत में किसकी पूजा की जाती है?\nअशून्य शयन व्रत में भगवान श्री हरि विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है।",
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  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-08-28",
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    "आज का पंचांग",
    "अशून्य शयन व्रत",
    "शुभ मुहूर्त 29 अगस्त 2026",
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    "आचार्य इंदु प्रकाश"
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