# भाद्रपद कृष्ण सप्तमी पर शीतला सप्तमी का पर्व, रवि योग और कृतिका नक्षत्र में जानें 3 सितंबर 2026 के सभी शुभ मुहूर्त

> 3 सितंबर 2026 को शीतला सप्तमी के अवसर पर रवि योग और कृतिका नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। जानिए इस दिन के सभी मुख्य शुभ मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त और 8 प्रमुख शहरों का राहुकाल समय।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/bhadrapada-krishna-saptami-para-sheetala-saptami-ka-parva-ravi-yoga-aura-krittika-nakshatra-men-janen-3-september-2026-ke-sabhi-sh-26387 · **Language:** Hindi
**Tags:** पंचांग, शीतला सप्तमी 2026, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, रवि योग, कृतिका नक्षत्र, भाद्रपद कृष्ण सप्तमी

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि यानी 3 सितंबर 2026 को शीतला सप्तमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस विशेष तिथि पर रवि योग और कृतिका नक्षत्र का अत्यंत दुर्लभ और फलदायी संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रवि योग में शुरू किया गया कोई भी कार्य निष्फल नहीं होता, क्योंकि इसमें सूर्य देव का विशेष तेज और ऊर्जा समाहित होती है। यदि आप भी इस शुभ दिन पर कोई नया कार्य, पूजा-पाठ या मांगलिक अनुष्ठान करने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग के अनुसार सभी शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय ध्यानपूर्वक नोट कर लें ताकि कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

 

## तिथि, नक्षत्र और शुभ योग का समय

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार 3 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पूरे दिन रहने के बाद देर रात 2 बजकर 26 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इसके उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। इसी दिन रवि योग का प्रभाव रात्रि 12 बजकर 29 मिनट तक बना रहेगा। नक्षत्र मंडल की बात करें तो कृतिका नक्षत्र भी रात 12 बजकर 30 मिनट तक विद्यमान रहेगा। यह पूरा दिन शीतला सप्तमी के व्रत और पूजन के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है, जिसमें विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

## रवि योग एवं कृतिका नक्षत्र का ज्योतिषीय महत्त्व

ज्योतिष शास्त्र में रवि योग को एक अत्यंत शक्तिशाली और सकारात्मक योग माना गया है। सूर्य देव के प्रत्यक्ष प्रभाव वाले इस योग में नकारात्मक शक्तियों और अनिष्ट प्रभावों को समाप्त करने की अद्भुत क्षमता होती है। मान्यता है कि इस योग के दौरान किए गए संकल्प और शुरू किए गए कार्य निर्विघ्न रूप से पूरे होते हैं। वहीं, 27 नक्षत्रों की श्रृंखला में कृतिका को तीसरा स्थान प्राप्त है। कृतिका नक्षत्र का प्रथम चरण मेष राशि में आता है, जबकि अंतिम तीन चरण वृष राशि में स्थित होते हैं। इस कारण मेष और वृष दोनों ही राशियों के जातकों पर इस नक्षत्र का सीधा प्रभाव पड़ता है। कृतिका नक्षत्र के समय सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को तेज, मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

 

## 3 सितंबर 2026 के मुख्य शुभ मुहूर्त

दिन के दौरान विभिन्न धार्मिक क्रियाकलापों, मंत्र जाप और शुभ कार्यों के संपादन के लिए पंचांग में विशिष्ट मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। इन समय अवधियों में किए गए कार्य अति फलदायी सिद्ध होते हैं

 - **ब्रह्म मुहूर्त:** प्रात: 04:30 AM से प्रात: 05:15 AM तक (ध्यान और प्रभु स्मरण हेतु श्रेष्ठ समय)
 - **प्रातः सन्ध्या:** प्रात: 04:52 AM से प्रात: 06:00 AM तक
 - **अभिजित मुहूर्त:** दोपहर 11:55 AM से दोपहर 12:46 PM तक (किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम)
 - **विजय मुहूर्त:** दोपहर 02:27 PM से अपराह्न 03:18 PM तक
 - **अमृत काल:** अपराह्न 03:07 PM से सायंकाल 04:54 PM तक
 - **गोधूलि मुहूर्त:** सायंकाल 06:41 PM से संध्या 07:03 PM तक
 - **सायाह्न सन्ध्या:** रात्रि 10:12 PM से रात्रि 11:43 PM तक

 

## सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

3 सितंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त का समय इस प्रकार रहेगा। दैनिक पूजा और व्रत के पारण आदि के लिए इन समयों का विशेष ध्यान रखा जाता है

 - **सूर्योदय:** प्रातः 06:00 AM बजे
 - **सूर्यास्त:** सायंकाल 06:41 PM बजे

 

## विभिन्न प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल की अवधि में कोई भी नया, शुभ या मांगलिक कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए। इस समय में शुरू किए गए कार्यों में विघ्न आने की संभावना रहती है। देश के मुख्य शहरों में 3 सितंबर को राहुकाल की समयावधि निम्नवत रहेगी

 - **दिल्ली:** दोपहर 01:55 PM से अपराह्न 03:30 PM तक
 - **मुंबई:** दोपहर 02:11 PM से अपराह्न 03:45 PM तक
 - **चंडीगढ़:** दोपहर 01:57 PM से अपराह्न 03:33 PM तक
 - **लखनऊ:** दोपहर 01:40 PM से अपराह्न 03:15 PM तक
 - **भोपाल:** दोपहर 01:53 PM से अपराह्न 03:28 PM तक
 - **कोलकाता:** दोपहर 01:10 PM से दोपहर 02:44 PM तक
 - **अहमदाबाद:** दोपहर 02:13 PM से अपराह्न 03:47 PM तक
 - **चेन्नई:** दोपहर 01:41 PM से अपराह्न 03:13 PM तक

## इसका आप पर असर
शीतला सप्तमी पर बन रहे रवि योग और कृतिका नक्षत्र के शुभ प्रभाव से धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यों के संपादन के लिए यह दिन बेहद फलदायी रहेगा।

  - **भारत में:** पंचांग के अनुसार 3 सितंबर 2026 को किसी भी नए व्यवसाय, वित्तीय सौदे या मांगलिक कार्य की शुरुआत के लिए दोपहर 11:55 AM से 12:46 PM का अभिजित मुहूर्त सबसे उपयुक्त रहेगा। इस समयावधि का लाभ उठाकर आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं।

  - **प्रमुख शहरों में:** अपने स्थानीय शहर के अनुसार राहुकाल के समय का विशेष ध्यान रखें, जैसे दिल्ली में दोपहर 01:55 PM से 03:30 PM और मुंबई में दोपहर 02:11 PM से 03:45 PM के बीच नया कार्य टालें। राहुकाल से बचकर कार्य करने पर अनचाही बाधाओं से बचाव होगा।

  - **व्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए:** शीतला सप्तमी का पूजन और सूर्य देव की उपासना प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त (04:30 AM से 05:15 AM) या प्रातः संध्या के दौरान करना अत्यंत फलदायी होगा। यह समय आत्मिक शांति और पारिवारिक आरोग्य में वृद्धि करने वाला माना जाता है।

  - **मेष और वृष राशि के जातकों के लिए:** कृतिका नक्षत्र का प्रभाव मेष और वृष राशि पर रहने के कारण इन राशियों के जातकों को सूर्य पूजा से विशेष मान-सम्मान और प्रगति प्राप्त होगी। इस अवसर पर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ परिणाम देगा।

## सवाल-जवाब

### 1. 3 सितंबर 2026 को कौन सा प्रमुख पर्व मनाया जाएगा?
3 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है और इस दिन शीतला सप्तमी का पावन पर्व मनाया जाएगा।

### 2. शीतला सप्तमी पर भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि कब तक रहेगी?
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि 3 सितंबर 2026 को देर रात 2 बजकर 26 मिनट तक प्रभावी रहेगी।

### 3. 3 सितंबर 2026 को रवि योग और कृतिका नक्षत्र का समय क्या है?
3 सितंबर को रवि योग रात 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, जबकि कृतिका नक्षत्र रात 12 बजकर 30 मिनट तक विद्यमान रहेगा।

### 4. शुभ कार्य शुरू करने के लिए सबसे उत्तम अभिजित मुहूर्त कब है?
3 सितंबर 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:55 AM से शुरू होकर दोपहर 12:46 PM तक रहेगा।

### 5. दिल्ली और मुंबई में 3 सितंबर को राहुकाल का समय क्या रहेगा?
दिल्ली में राहुकाल दोपहर 01:55 PM से अपराह्न 03:30 PM तक और मुंबई में दोपहर 02:11 PM से अपराह्न 03:45 PM तक रहेगा।

### 6. कृतिका नक्षत्र का संबंध किन राशियों से होता है?
कृतिका नक्षत्र का प्रथम चरण मेष राशि में और अंतिम तीन चरण वृष राशि में आते हैं, जिससे यह दोनों राशियों को प्रभावित करता है।

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