भारी बारिश की आशंका के बीच अमरनाथ यात्रा रविवार को स्थगित, नए जत्थों पर रोक मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने रविवार 19 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के नए जत्थों की रवानगी पर रोक लगा दी है। जम्मू, उधमपुर और रामबन में ठहरे श्रद्धालुओं से अपने ठिकानों पर ही रुकने को कहा गया है। जम्मू से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं को रविवार 19 जुलाई को अपनी यात्रा टालनी होगी, क्योंकि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने नए जत्थों को रवाना करने पर रोक लगा दी है। भारी बारिश की चेतावनी बनी वजह मौसम विभाग के मुताबिक रात ढाई बजे से लेकर सुबह साढ़े आठ बजे के बीच जम्मू, उधमपुर, कठुआ, राजौरी और रियासी में भारी बारिश पड़ सकती है, कुछ जगह बेहद भारी बारिश की भी आशंका है। इसी चेतावनी को आधार बनाकर प्रशासन ने तय किया है कि रविवार को जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से बालटाल और पहलगाम, दोनों बेस कैंपों के लिए कोई नया काफिला रवाना नहीं किया जाएगा। जम्मू संभाग के आयुक्त रमेश कुमार ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यात्रा मार्ग पर मौसम विभाग लगातार खराब मौसम को लेकर आगाह कर रहा है, और पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ भूस्खलन तथा नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने का डर है, इसलिए यह सावधानी बरती जा रही है। श्रद्धालुओं से ठहरे रहने की अपील प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रविवार को जम्मू से कश्मीर घाटी की तरफ कोई नया श्रद्धालु दल आगे नहीं बढ़ पाएगा। जम्मू, उधमपुर और रामबन में रुके श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे अपने तय ठहराव केंद्रों में ही रुकें और किसी अफवाह पर भरोसा न करें। आगे का रास्ता कब खुलेगा, इसका फैसला मौसम की ताजा स्थिति देखने के बाद लिया जाएगा। अधिकारियों की सलाह है कि श्रद्धालु सिर्फ सरकारी सूचना पर यकीन करें और जल्दबाजी में यात्रा शुरू न करें। पहाड़ी रास्तों पर मंडराता खतरा मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 24 घंटों में यात्रा मार्ग की स्थिति नाजुक बनी रह सकती है। लगातार बारिश से पहाड़ों पर मिट्टी धंसने, पत्थर लुढ़कने और नालों का पानी उफनने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, जिससे रास्ते में फंसने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि प्रशासन ने कोई जोखिम मोल न लेने का रुख अपनाया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु की जान खतरे में न पड़े। यात्रा पूरी तरह बंद नहीं, सिर्फ नए जत्थे रुके गौर करने वाली बात यह है कि पूरी अमरनाथ यात्रा को रोका नहीं गया है, बल्कि सिर्फ नए काफिलों की रवानगी पर फिलहाल विराम लगाया गया है। जो श्रद्धालु पहले से घाटी में मौजूद हैं उनकी यात्रा जारी रहेगी, उनके ठहरने और आगे बढ़ने का इंतजाम स्थानीय प्रशासन मौसम व सुरक्षा हालात को परखते हुए खुद कर रहा है, ताकि उन्हें किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। अब तक 3.45 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके दर्शन रोक के बावजूद अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ है। अब तक 3.45 लाख से अधिक भक्त पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के पावन दर्शन कर चुके हैं, जो समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। शुक्रवार को जम्मू से रवाना हुए 16वें जत्थे में कुल 4640 श्रद्धालु शामिल थे, जो 171 वाहनों के एक काफिले के जरिए यात्रा पर निकले। जिनमें से 1,626 श्रद्धालुओं ने बालटाल का रास्ता चुना जबकि 3,014 श्रद्धालु भी पारंपरिक पहलगाम मार्ग से रवाना हुए। भगवती नगर आधार शिविर से अब तक कुल 1,09,128 श्रद्धालु अमरनाथ गुफा की ओर कूच कर चुके हैं। कई परतों में तैनात है सुरक्षा पूरी यात्रा के दौरान बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रशासन का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नजर रखी जाएगी और उसी आधार पर यात्रा को आगे बढ़ाने पर कोई नया फैसला लिया जाएगा। इसका आप पर असर • भारत में: देशभर से अमरनाथ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को रवाना होने से पहले ताजा मौसम एडवाइजरी जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि जत्थों की रवानगी कभी भी रोकी जा सकती है। • जम्मू-कश्मीर में: जम्मू, उधमपुर और रामबन में ठहरे श्रद्धालुओं की आगे की यात्रा फिलहाल टल गई है, उन्हें मौसम साफ होने तक अपने ठिकानों पर ही रुकना होगा। सवाल-जवाब 1. अमरनाथ यात्रा क्यों रोकी गई है? मौसम विभाग ने जम्मू, उधमपुर, कठुआ, राजौरी और रियासी में भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है, इसी वजह से प्रशासन ने रविवार को नए जत्थों की रवानगी रोक दी है। 2. यह रोक कब से लागू है? यह फैसला रविवार, 19 जुलाई के लिए लिया गया है, जब जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कोई नया काफिला नहीं भेजा जाएगा। 3. क्या पूरी अमरनाथ यात्रा बंद कर दी गई है? नहीं, सिर्फ नए जत्थों की रवानगी रोकी गई है, जो श्रद्धालु पहले से कश्मीर घाटी में मौजूद हैं उनके लिए यात्रा जारी रहेगी। 4. जम्मू, उधमपुर और रामबन में मौजूद श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए? उन्हें अपने तय ठहराव केंद्रों में ही रुकने और सिर्फ प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की सलाह दी गई है। 5. अब तक कितने श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं? अब तक 3.45 लाख से अधिक श्रद्धालु 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में दर्शन कर चुके हैं। 6. शुक्रवार के 16वें जत्थे में कितने श्रद्धालु शामिल थे? 16वें जत्थे में 4640 श्रद्धालु 171 वाहनों के काफिले के साथ रवाना हुए थे, जिनमें 1,626 श्रद्धालु बालटाल और 3,014 श्रद्धालु पहलगाम मार्ग से गए। 7. यात्रा दोबारा कब शुरू होगी? प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम की समीक्षा के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। https://trendkia.com/religion/bhari-barisha-ki-ashnka-ke-bicha-amarnath-yatra-ravivara-ko-sthagita-nae-jatthon-para-roka-8577 TrendKia — Har trend, sabse pehle.