भारी बारिश की चेतावनी के बीच अमरनाथ यात्रा पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों पर रोकी गई मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रविवार को पहलगाम और बालटाल, दोनों रास्तों पर अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी, यह कदम हाईवे पर हुए दो हादसों के बाद उठाया गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रविवार, 19 जुलाई को पहलगाम और बालटाल, दोनों रास्तों पर चल रही अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया। भारतीय मौसम विभाग ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया और दोनों पहाड़ी रास्तों पर श्रद्धालुओं की नई आवाजाही रोक दी गई। सिर्फ मौसम की वजह से एहतियात अधिकारियों के मुताबिक यह रोक पूरी तरह एहतियाती कदम है, किसी एक घटना की वजह से नहीं लिया गया। हर दिन हजारों श्रद्धालु संकरे पहाड़ी रास्तों से होते हुए अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर वाले पहलगाम मार्ग और मध्य कश्मीर वाले बालटाल मार्ग, दोनों पर आवाजाही रोक दी है, जब तक मौसम सुरक्षित यात्रा लायक नहीं हो जाता। यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब यात्रा के इस सीजन में हाईवे पर लगातार हादसों की वजह से प्रशासन पहले से चौकस था। एक दिन पहले उधमपुर में हादसा यह फैसला उस हादसे के एक दिन बाद आया, जिसमें शनिवार सुबह उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर कम से कम चार अमरनाथ श्रद्धालु घायल हो गए थे। बालटाल बेस कैंप जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक टोयोटा इनोवा गाड़ी संगूर चौक पर सड़क किनारे खड़े एक डंपर से पीछे से टकरा गई। पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे, घायल श्रद्धालुओं को बचाकर सरकारी मेडिकल कॉलेज, उधमपुर से जुड़े एसोसिएटेड अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की असल वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है, जांच से जुड़ी आगे की जानकारी अभी आना बाकी है। 13 जुलाई को रामबन में भी 18 श्रद्धालु घायल यात्रा के दौरान यह अकेला हादसा नहीं था। इससे पहले सोमवार, 13 जुलाई को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ही रामबन जिले के चंद्रकोट लंगर पॉइंट के पास जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की दो बसें और श्रद्धालुओं को ले जा रही एक कार आपस में टकरा गई थीं। इस हादसे में 18 श्रद्धालु घायल हुए थे। सिविल प्रशासन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर मौके पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। 57 दिन की यात्रा फिलहाल मौसम की भेंट 57 दिन तक चलने वाली यह अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और रक्षाबंधन के मौके पर 28 अगस्त को समाप्त होगी। रविवार को लगाई गई रोक यात्रा को रद्द नहीं करती, बल्कि तब तक दोनों रास्तों पर नई आवाजाही रोकती है जब तक प्रशासन को मौसम सुरक्षित यात्रा लायक नहीं लगता। इसके अलावा खराब मौसम की चेतावनी के चलते वैष्णो देवी यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोका गया है, जिससे साफ है कि इस हफ्ते पूरे इलाके में मौसम खराब बना हुआ है। इसका आप पर असर भारत में: अगर आप देश के किसी भी हिस्से से अमरनाथ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो रवाना होने से पहले मौसम और यात्रा से जुड़ी ताजा एडवाइजरी जरूर देख लें, क्योंकि बारिश बढ़ने पर रास्ते दोबारा भी रोके जा सकते हैं। • जम्मू-कश्मीर में: पहलगाम, बालटाल, उधमपुर और रामबन इलाकों में मौजूद श्रद्धालुओं को तब तक इंतजार करना पड़ सकता है जब तक प्रशासन दोबारा आवाजाही शुरू नहीं करता, और हाल के हादसों के बाद जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सवाल-जवाब 1. 19 जुलाई को अमरनाथ यात्रा क्यों रोकी गई? भारतीय मौसम विभाग ने पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की चेतावनी दी थी, जिसके बाद एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों पर यात्रा रोक दी। 2. अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई थी और कब खत्म होगी? 57 दिन की यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और रक्षाबंधन के मौके पर 28 अगस्त को समाप्त होगी। 3. शनिवार को उधमपुर में हुए हादसे में क्या हुआ था? बालटाल बेस कैंप जा रही एक टोयोटा इनोवा संगूर चौक पर खड़े एक डंपर से टकरा गई, जिसमें कम से कम चार श्रद्धालु घायल हुए और उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज, उधमपुर के एसोसिएटेड अस्पताल में भर्ती कराया गया। 4. 13 जुलाई को रामबन में हुए हादसे में कितने लोग घायल हुए थे? जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की दो बसों और एक कार की टक्कर में 18 श्रद्धालु घायल हुए थे, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 5. क्या कोई और यात्रा भी मौसम के चलते रोकी गई है? हां, खराब मौसम की चेतावनी के चलते वैष्णो देवी यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोका गया है। 6. क्या उधमपुर हादसे की जांच शुरू हो गई है? हां, पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की असल वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। https://trendkia.com/religion/bhari-barisha-ki-chetavani-ke-bicha-amarnath-yatra-pahalgam-aura-baltal-donon-raston-para-roki-gai-8667 TrendKia — Har trend, sabse pehle.