# चढ़ावे में हेरफेर के शक के बीच बद्रीनाथ में बीकेटीसी अध्यक्ष के करीबी अधिकारी पर गिरी गाज

> बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में गड़बड़ी की आशंका सामने आने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को मंदिर के कामकाज से दूर कर दिया गया है। खुलासा हुआ है कि इससे पहले 1 जुलाई को मंदिर के 16 सीसीटीवी कैमरे बदले गए थे।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-07-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/charhave-men-heraphera-ke-shaka-ke-bicha-badrinath-men-bktc-adhyaksha-ke-karibi-adhikari-para-giri-gaja-4891 · **Language:** Hindi
**Tags:** बद्रीनाथ धाम, बीकेटीसी, चढ़ावा हेरफेर, सीसीटीवी कैमरे, प्रमोद नौटियाल, सोहन सिंह रांगड़, मंदिर समिति, उत्तराखंड

बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की रकम में हेरफेर की आशंका सामने आने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने बड़ा कदम उठाया है। बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को फिलहाल मंदिर समिति के कामकाज से अलग कर दिया गया है और उन्हें मंदिर के प्रबंधन में किसी तरह का दखल न देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी खुद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने दी है।

## 1 जुलाई को बदले गए 16 कैमरे
इस मामले में एक बेहद अहम जानकारी सामने आई है कि बद्रीनाथ धाम परिसर में लगे 16 सीसीटीवी कैमरे 1 जुलाई को बदल दिए गए थे। गौर करने वाली बात यह है कि इसके ठीक बाद ही दान और चढ़ावे में गड़बड़ी की बात सामने आई, जिससे कैमरे बदलने और चढ़ावे में हेरफेर के बीच सीधा संबंध होने की आशंका और गहरी हो गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के एक कर्मचारी पर इस पूरे मामले में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

## सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पत्र
यह पूरा प्रकरण उस वक्त सामने आया जब एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस पत्र में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यानी बीकेटीसी के कर्मचारियों पर मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की रकम में हेरफेर करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे। बद्रीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ स्थान है, इसलिए यहां गड़बड़ी की खबर फैलते ही तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय हक-हकूकधारियों और राजनीतिक हलकों तक में हलचल मच गई। स्थानीय लोगों और पुरोहितों ने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके, और जो भी दोषी पाया जाए उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

## सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने क्या बताया
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है, लेकिन फुटेज में अभी तक कुछ भी स्पष्ट या साफ नजर नहीं आया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इसके बावजूद विभाग की तरफ से जांच शुरू कर दी गई है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। यही सीईओ रांगड़ थे जिन्होंने प्रमोद नौटियाल को मंदिर समिति के कामकाज से दूर रखे जाने के फैसले की भी पुष्टि की।

## आगे क्या होगा
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद इतने बड़े और आस्था से जुड़े धाम के भीतर से आखिर क्या सच बाहर आता है। श्रद्धालुओं, पुरोहितों और स्थानीय हक-हकूकधारियों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी, ताकि बद्रीनाथ धाम की पवित्रता और मंदिर प्रशासन पर लोगों का भरोसा बना रहे।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** देश-विदेश से बद्रीनाथ धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के चढ़ावे में पारदर्शिता और भरोसा बना रहे, इसके लिए मंदिर प्रशासन को जवाबदेह ठहराना जरूरी हो गया है।
- **उत्तराखंड में:** चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और व्यापारियों के लिए यह जांच आगे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावा प्रबंधन में बदलाव ला सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव को क्यों हटाया गया?
दान और चढ़ावे में हेरफेर के आरोपों के बीच निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को मंदिर समिति के कामकाज से अलग कर उन्हें दखल न देने के निर्देश दिए गए हैं।

### 2. बद्रीनाथ धाम में कैमरे कब बदले गए थे?
बद्रीनाथ धाम परिसर के 16 सीसीटीवी कैमरे 1 जुलाई को बदले गए थे, जिसके तुरंत बाद चढ़ावे में गड़बड़ी की बात सामने आई।

### 3. यह मामला सामने कैसे आया?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पत्र में बीकेटीसी कर्मचारियों पर दान-चढ़ावे में हेरफेर के आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ।

### 4. सीसीटीवी फुटेज की जांच में अब तक क्या मिला?
सीईओ सोहन सिंह रांगड़ के मुताबिक फुटेज खंगाली जा चुकी है लेकिन उसमें अभी कुछ भी स्पष्ट नजर नहीं आया, फिर भी विभागीय जांच जारी है।

### 5. इस मामले में और किस पर आरोप है?
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के एक कर्मचारी पर भी दान-चढ़ावे में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं।

### 6. स्थानीय लोग और पुरोहित क्या मांग कर रहे हैं?
वे चाहते हैं कि पूरे मामले की गहराई से जांच हो, सच्चाई सामने आए और जो भी दोषी पाया जाए उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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