चित्रकूट के तुलसी घाट पर 17 लाख रुपये से लगेगा फ्लोटिंग बैरियर, यमुना में श्रद्धालु कर सकेंगे सुरक्षित स्नान चित्रकूट के राजापुर स्थित तुलसी घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 17 लाख रुपये की लागत से फ्लोटिंग बैरियर लगाया जाएगा। यमुना नदी में जलस्तर सामान्य होते ही यह कार्य शुरू होगा। चित्रकूट जिले के ऐतिहासिक राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर स्थित तुलसी घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भगवान श्रीराम की तपोभूमि और गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध इस धार्मिक स्थल पर हर साल देश भर से लाखों श्रद्धालु दर्शन और पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और तेज बहाव में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन ने तुलसी घाट पर एक विशेष फ्लोटिंग बैरियर लगाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना पर लगभग 17 लाख रुपये की लागत आएगी, जिससे यमुना तट पर स्नान का दायरा सुरक्षित और नियंत्रित किया जा सके। सुरक्षित स्नान के लिए बनाया जाएगा निर्धारित दायरा राजापुर स्थित तुलसी जन्मकुटीर और मानस मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के केंद्र हैं। मंदिर के ठीक सामने बहने वाली यमुना नदी में स्नान करने के लिए प्रतिदिन भारी संख्या में लोग जुटते हैं। हालांकि, यमुना में पानी का तेज बहाव और अत्यधिक गहराई श्रद्धालुओं के लिए हमेशा जोखिम भरा साबित होती रही है। कई बार उत्साही श्रद्धालु गहरे पानी में उतर जाते हैं, जिससे डूबने और हादसों का खतरा बना रहता है। अब 17 लाख रुपये की लागत से लगने वाला यह फ्लोटिंग बैरियर पानी में एक स्पष्ट सीमा तय करेगा। इस बैरियर के लगने के बाद श्रद्धालु केवल चिन्हित और सुरक्षित क्षेत्र के भीतर ही स्नान कर सकेंगे, जिससे अनजाने में गहरे पानी में जाने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। बाढ़ का पानी कम होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य यमुना नदी में फिलहाल मानसून और बाढ़ के कारण जलस्तर बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव बेहद तेज है। चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने योजना की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की जान-माल की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जैसे ही जलस्तर सामान्य होगा और नदी का बहाव नियंत्रित होगा, तुलसी घाट पर फ्लोटिंग बैरियर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बैरियर के लग जाने से घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा और प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था संभालने में आसानी होगी। इसका आप पर असर तुलसी घाट पर फ्लोटिंग बैरियर लगने से राजापुर और चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यमुना नदी में स्नान करना बेहद सुरक्षित हो जाएगा। • भारत भर के श्रद्धालुओं के लिए: देश भर से तुलसी जन्मकुटीर और मानस मंदिर दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्री अब बिना किसी भय के पवित्र स्नान कर सकेंगे। सुरक्षा घेरा तय होने से अनजाने में गहरे पानी में जाने का जोखिम समाप्त होगा। • चित्रकूट और स्थानीय निवासियों के लिए: राजापुर और आसपास के क्षेत्रों में नदी हादसों में कमी आएगी, जिससे स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों पर दबाव घटेगा। घाट पर व्यवस्थित सुरक्षा इंतजामों से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सवाल-जवाब 1. तुलसी घाट कहां स्थित है? तुलसी घाट उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर स्थित है। 2. तुलसी घाट पर क्या नया सुरक्षा इंतजाम किया जा रहा है? श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने और सुरक्षित स्नान के लिए 17 लाख रुपये की लागत से फ्लोटिंग बैरियर लगाया जा रहा है। 3. फ्लोटिंग बैरियर का काम कब शुरू होगा? यमुना नदी में बाढ़ का पानी कम होने और जलस्तर सामान्य होने के बाद बैरियर लगाने का काम शुरू होगा। 4. चित्रकूट के जिलाधिकारी कौन हैं जिन्होंने इस परियोजना की जानकारी दी? चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग हैं, जिन्होंने इस 17 लाख रुपये की परियोजना की पुष्टि की है। https://trendkia.com/religion/chitrakoot-ke-tulsi-ghat-para-17-lakha-rupaye-se-lagega-phlotinga-bairiyara-yamuna-men-shraddhalu-kara-sakenge-surakshita-snana-23486 TrendKia — Har trend, sabse pehle.