# दौसा के नीलकंठ महादेव मंदिर में उमड़ी भारी भीड़, सावन के आखिरी सोमवार से पहले गूंजे हर हर महादेव के जयकारे

> सावन के अंतिम सोमवार से पहले दौसा के देवगिरी पर्वत पर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर में भव्य झांकी सजाई गई है और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-08-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/dausa-ke-nilkanth-mahadev-mandir-mein-umdi-bhari-bheed-20827 · **Language:** Hindi
**Tags:** दौसा, नीलकंठ महादेव मंदिर, सावन सोमवार, शिव पूजा, देवगिरी पर्वत

दौसा के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में सावन महीने के आखिरी सोमवार से ठीक एक दिन पहले रविवार को श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। देवगिरी पर्वत की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र मंदिर में बाबा के दर्शन पाने के लिए दूर-दराज के इलाकों से शिव भक्त लगातार पहुंच रहे हैं। सावन के इस अंतिम रविवार की पूरी रात मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगा रहा, जिससे आसपास का पूरा इलाका पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति में डूबा हुआ नजर आया।

मंदिर की व्यवस्था संभाल रही नीलकंठ धर्म सेवा समिति के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने परिसर के भीतर एक बेहद मनमोहक और भव्य झांकी सजाई है। इस अलौकिक झांकी को देखकर श्रद्धालु काफी भावुक और आनंदित महसूस कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से तय की गई व्यवस्था के तहत, भक्तजन झांकी के अगले हिस्से से बाबा नीलकंठ के सीधे दर्शन कर रहे हैं, वहीं झांकी के पीछे जाकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया जा रहा है। रविवार की देर रात हुई भव्य आरती के दौरान भी बड़ी संख्या में शिव भक्त उपस्थित रहे।

## अंतिम सोमवार को उमड़ेगा आस्था का सैलाब
सावन महीने का आखिरी सोमवार होने के कारण दौसा जिले के तमाम छोटे और बड़े शिवालयों में भारी से भारी भीड़ जुटने की पूरी संभावना है। देवगिरी पर्वत पर बने नीलकंठ महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो चुका है। इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, आवागमन और दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो।

## भक्ति भाव से सराबोर हुआ पूरा क्षेत्र
सावन के इस आखिरी हफ्ते में भगवान शिव की पूजा और आराधना का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। नीलकंठ महादेव मंदिर में गूंज रहे ॐ नमः शिवाय और हर हर महादेव के जयकारों से पूरा पहाड़ी इलाका गूंज उठा है। चारों तरफ लहराते भगवा झंडे और हाथ में बेलपत्र तथा धतूरा लिए कतारों में खड़े भक्त अपनी बारी का इंतजार करते हुए बाबा के दर्शन कर रहे हैं। इस बड़े धार्मिक आयोजन से पूरे दौसा शहर में आस्था और उत्साह का अनूठा माहौल नजर आ रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** देश भर के शिवालयों में सावन के आखिरी सोमवार को भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, जिससे विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की गई है।

**दौसा में:** देवगिरी पर्वत पर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के आसपास यातायात और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

## सवाल-जवाब

### 1. नीलकंठ महादेव मंदिर कहां स्थित है?
नीलकंठ महादेव मंदिर राजस्थान के दौसा में देवगिरी पर्वत पर स्थित है।

### 2. मंदिर परिसर में विशेष क्या सजाया गया है?
नीलकंठ धर्म सेवा समिति द्वारा मंदिर परिसर में एक बेहद मनमोहक और भव्य झांकी सजाई गई है।

### 3. श्रद्धालु जलाभिषेक कैसे कर रहे हैं?
भक्त झांकी के अगले हिस्से से दर्शन कर रहे हैं और पिछले हिस्से में पहुंचकर जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर रहे हैं।

### 4. प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं?
अंतिम सोमवार की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और दर्शन के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

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