# धनतेरस पर नया वाहन लाने की कर रहे हैं तैयारी, यहाँ जानें खरीदारी के श्रेष्ठ मुहूर्त और राहुकाल का समय

> धनतेरस पर वाहन खरीदना बेहद मंगलकारी माना जाता है, जानिए 6 नवंबर 2026 को गाड़ी की डिलीवरी लेने के लिए चौघड़िया, अभिजीत मुहूर्त और शहर अनुसार राहुकाल की पूरी समय सारणी।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/dhanteras-para-naya-vahana-lane-ki-kara-rahe-hain-taiyari-yahan-janen-kharidari-ke-shreshtha-muhurta-aura-rahu-kaal-ka-samaya-56646 · **Language:** Hindi
**Tags:** धनतेरस 2026, वाहन खरीद मुहूर्त, शुभ चौघड़िया, राहुकाल समय, अभिजीत मुहूर्त, धनतेरस पूजा विधि, कार डिलीवरी मुहूर्त

सनातन परंपरा में धनतेरस का पावन पर्व नई वस्तुओं, बहुमूल्य आभूषणों, बर्तनों और वाहनों की खरीदारी के लिए सर्वोत्तम माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को घर लाई गई वस्तुएं जीवन में दीर्घकालिक समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। साल 2026 में धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर देवी लक्ष्मी के साथ बुद्धि प्रदाता भगवान गणेश, आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि और धन के अधिपति कुबेर देव की विधिवत उपासना की जाती है। भारी संख्या में लोग इस दिन अपनी मनपसंद कार, बाइक या व्यावसायिक गाड़ी की डिलीवरी लेना शुभ मानते हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से किसी भी नए वाहन की खरीदारी अथवा उसकी चाबी लेते समय शुभ चौघड़िया और विशेष मुहूर्तों का ध्यान रखना आवश्यक होता है, ताकि वह यात्रा में सुखद और सुरक्षित सिद्ध हो। साथ ही अशुभ माने जाने वाले राहुकाल के समय किसी भी प्रकार के नए सौदे या वाहन डिलीवरी से परहेज करना चाहिए।

## सुबह के समय वाहन खरीदने के चौघड़िया मुहूर्त
दिन की शुरुआत में वाहन क्रय करने अथवा शोरूम से उसकी डिलीवरी प्राप्त करने के लिए दो अत्यंत फलदायी मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। जो लोग प्रातः काल में अपना नया वाहन घर लाना चाहते हैं, वे इन समय अंतरालों का चयन कर सकते हैं

- **लाभ चौघड़िया:** सुबह 7 बजकर 54 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। यह समय आर्थिक दृष्टि से उन्नति और कार्य सिद्धि के लिए उत्तम माना जाता है।
- **अमृत चौघड़िया:** सुबह 9 बजकर 16 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। अमृत मुहूर्त में किए गए कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करते हैं।

## दोपहर के विशेष और गतिशील मुहूर्त
दोपहर के समय दिन का सबसे शक्तिशाली अभिजीत मुहूर्त और चलायमान कार्यों के लिए उपयुक्त चर चौघड़िया प्राप्त हो रहा है। वाहन एक गतिशील वस्तु है, इसलिए चर लग्न और अभिजीत वेला इसके लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती हैं

- **अभिजीत मुहूर्त:** दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस 45 मिनट की अवधि को समस्त दोषों का निवारण करने वाला सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है।
- **चर चौघड़िया:** दोपहर 4 बजकर 11 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यात्रा और गति से जुड़े साधनों के लिए चर मुहूर्त अत्यधिक अनुकूल माना जाता है।

## शाम और रात्रि के समय खरीदारी के श्रेष्ठ मुहूर्त
कार्यालय अथवा व्यापारिक व्यस्तताओं के चलते जो लोग गोधूलि वेला या शाम के समय वाहन लेना चाहते हैं, उनके लिए भी पंचांग अनुसार उत्तम योग बन रहे हैं

- **शाम का शुभ समय:** शाम 6 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 19 मिनट तक खरीदारी की जा सकती है।
- **रात्रिकालीन लाभ चौघड़िया:** रात 8 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 27 मिनट तक उपलब्ध रहेगा। यह समय उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो देर शाम पूजा संपन्न होने के उपरांत वाहन प्राप्त करना चाहते हैं।

## शहर अनुसार राहुकाल का समय, इस दौरान न लें डिलीवरी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, नए अनुबंध पर हस्ताक्षर अथवा मूल्यवान वस्तुओं का क्रय वर्जित माना गया है। प्रत्येक शहर के सूर्योदय के आधार पर राहुकाल का समय अलग-अलग होता है। 6 नवंबर को प्रमुख नगरों में राहुकाल इस प्रकार रहेगा

- **दिल्ली:** सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक।
- **मुंबई:** सुबह 10 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक।
- **चंडीगढ़:** सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक।
- **लखनऊ:** सुबह 10 बजकर 27 मिनट से दोपहर पहले 11 बजकर 50 मिनट तक।
- **भोपाल:** सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक।
- **कोलकाता:** सुबह 9 बजकर 56 मिनट से दोपहर पहले 11 बजकर 20 मिनट तक।
- **अहमदाबाद:** सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक।
- **चेन्नई:** सुबह 10 बजकर 25 मिनट से दोपहर पहले 11 बजकर 52 मिनट तक।

## गाड़ी की डिलीवरी लेते ही करें यह आवश्यक पूजा विधान
धनतेरस पर वाहन प्राप्त करते समय शोरूम परिसर में ही सबसे पहले उसकी शास्त्रीय विधि से पूजा अर्चना करनी चाहिए। वाहन के अग्र भाग पर लाल चंदन का उपयोग करके पवित्र स्वास्तिक का निर्माण करें। इसके पश्चात स्वास्तिक पर अक्षत छिड़कें और मौली का एक टुकड़ा उस पर अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप प्रज्वलित करके वाहन की आरती उतारें और श्रीफल यानी नारियल को फोड़कर मंगल कामना करें। पूजा संपन्न हो जाने के बाद वाहन के स्टीयरिंग या सुरक्षात्मक भाग पर कलावा अवश्य बांधें। चूंकि आधुनिक वाहनों में मुख्य धातु लोहा होती है, जिसका सीधा संबंध कर्मफल दाता शनि देव से माना गया है, अतः वाहन की प्राप्ति के बाद शनि देव के वैदिक अथवा बीज मंत्रों का स्मरण और जप करना चाहिए। साथ ही नवग्रहों की अनुकूलता के लिए प्रार्थना करें। विधिवत पूजन से मार्ग में आने वाली बाधाओं और दुर्घटनाओं की आशंकाओं का शमन होता है।

## इसका आप पर असर
धनतेरस पर वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए डिलीवरी का समय निर्धारित करने हेतु यह जानकारी सीधे काम की है।

- **समय प्रबंधन:** शोरूम जाने से पूर्व उपयुक्त चौघड़िया मुहूर्त चुनकर आप डिलीवरी प्रक्रिया को समयबद्ध बना सकते हैं। इससे आपको शोरूम में अनावश्यक भीड़ और लंबी प्रतीक्षा से बचने में सहायता मिलेगी।
- **राहुकाल से बचाव:** अपने शहर के सटीक राहुकाल का समय नोट करके आप उस अवधि में कागजी कार्रवाई अथवा गाड़ी की चाबी लेने से बच सकते हैं। सुबह करीब 10:00 बजे से दोपहर 12:25 के बीच विभिन्न शहरों में यह निषेध काल रहेगा।
- **धार्मिक अनुष्ठान:** वाहन लेने के तुरंत बाद लाल चंदन, अक्षत और कलावा से पूजा करने की तैयारी पहले से कर लें। शोरूम में ही नारियल और पूजन सामग्री साथ ले जाने से पूजा निर्विघ्न संपन्न होगी।
- **शाम का विकल्प:** कामकाजी लोग शाम 6:03 से 7:19 बजे या रात 8:49 से 10:27 बजे के मुहूर्त में गाड़ी घर ला सकते हैं। इस समय सीमा में ऑफिस के बाद आराम से डिलीवरी ली जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
धनतेरस पर नए वाहन खरीदने और विशेष मुहूर्त के चयन के पीछे गहरी ज्योतिषीय और सांस्कृतिक मान्यताएं विद्यमान हैं।

- **धातु और समृद्धि का योग:** धनतेरस के दिन नई धातु घर लाने से लक्ष्मी और धन्वंतरि देव का स्थायी आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है। आधुनिक युग में वाहन परिवार की सबसे बड़ी धातु जन्य संपत्तियों में से एक है।
- **शनि देव का प्रभाव:** वाहन निर्माण में लोहे का व्यापक उपयोग होता है, जिसे ज्योतिष में शनि देव का प्रतिनिधि तत्व माना गया है। उपयुक्त समय पर पूजन करने से शनि के क्रूर प्रभावों और आकस्मिक दुर्घटनाओं का शमन माना जाता है।
- **राहुकाल की वर्जना:** वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को किसी भी नए उपक्रम के लिए विघ्नकारी माना गया है। इस समय अंतराल में किए गए सौदे या वाहन परिचालन में बाधाओं की आशंका मानी जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. साल 2026 में धनतेरस किस तारीख को मनाया जाएगा?
साल 2026 में धनतेरस का पावन पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा।

### 2. दोपहर के समय वाहन लेने के लिए अभिजीत मुहूर्त कब से कब तक है?
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।

### 3. दिल्ली में 6 नवंबर 2026 को राहुकाल का समय क्या है?
दिल्ली में राहुकाल सुबह 10 बजकर 43 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक रहेगा।

### 4. धनतेरस पर वाहन की डिलीवरी लेते समय कौन सी प्राथमिक पूजा करनी चाहिए?
वाहन पर लाल चंदन से स्वास्तिक बनाएं, अक्षत और मौली अर्पित करें, आरती उतारकर नारियल फोड़ें और कलावा बांधें।

### 5. गाड़ी खरीदने के बाद किस देवता के मंत्रों का जप करना लाभकारी बताया गया है?
वाहन में लोहे की प्रधानता होने के कारण शनि देव के मंत्रों का जप करना विशेष लाभकारी माना गया है।

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