{
  "type": "article",
  "title": "गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की एंट्री रोकने के लिए VHP ने बनाया आधार और तिलक का नियम, विपक्ष ने बताया असंवैधानिक",
  "summary": "नवरात्रि से पहले VHP ने महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया आयोजनों में मुस्लिम समुदाय को रोकने के लिए आधार कार्ड जांच और तिलक अनिवार्य किया, जबकि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर भी नए दिशा-निर्देशों पर बहस छिड़ गई है.",
  "content": "नवरात्रि शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं और इससे पहले महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया आयोजनों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है. विश्व हिंदू परिषद ने राज्यभर में अगले महीने होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों को शामिल होने से रोकने का फैसला किया है, और इसके लिए आयोजकों को कुछ खास निर्देश भी भेजे गए हैं.\n\nप्रवेश से पहले आधार कार्ड और तिलक की शर्त\nसंगठन ने आयोजन समितियों से कहा है कि गरबा पंडाल में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति की हिंदू पहचान पक्की करने के लिए दो तरीके अपनाए जाएं, पहला आधार कार्ड दिखवाना और दूसरा माथे पर तिलक लगवाना. संगठन का तर्क है कि इन दोनों कदमों से यह साफ हो सकेगा कि कार्यक्रम में शामिल होने वाला व्यक्ति किस समुदाय से है, और इसी आधार पर मुस्लिम समुदाय के लोगों की एंट्री रोकी जा सकेगी. यह पूरी कवायद संगठन की ओर से जारी दिशानिर्देशों का हिस्सा है, जिसे आयोजकों तक पहुंचाया गया है. VHP के प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि संगठन ने जानबूझकर यह रास्ता चुना है ताकि गरबा और डांडिया जैसे आयोजनों में मुस्लिम समुदाय के सदस्य शामिल न हो सकें.\n\nविपक्ष का पलटवार, संविधान का हवाला\nVHP के इस कदम पर विपक्षी खेमे से तीखी टिप्पणियां आनी शुरू हो गई हैं. शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने संगठन को सीधे निशाने पर लेते हुए सुझाव दिया कि उसे RSS प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क में दिया गया हालिया भाषण एक बार फिर सुन लेना चाहिए. उनका इशारा इस ओर था कि क्या VHP खुद अपने ही संगठन प्रमुख की बातों से इत्तेफाक नहीं रखता. दूसरी ओर कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने इस मुद्दे को कानूनी नजरिए से देखा. उनका कहना है कि किसी समुदाय को धार्मिक उत्सवों में हिस्सा लेने से रोकना संविधान की मूल भावना के खिलाफ जाता है. पटेल ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर किसी नागरिक की धार्मिक पहचान जांचकर उसे किसी सार्वजनिक आयोजन से बाहर रखना किस कानून के दायरे में आता है. इन बयानों के बाद नवरात्रि से पहले ही महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया को लेकर राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है.\n\nअब कोलकाता की दुर्गा पूजा पर भी दिशानिर्देश\nसिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, पश्चिम बंगाल में भी VHP की सक्रियता से जुड़ी बहस छिड़ी है, इस बार मामला दुर्गा पूजा से जुड़ा है. 26 अगस्त को कोलकाता में हुए एक कार्यक्रम में VHP से जुड़े लोगों ने पूजा आयोजकों को पूजा की परंपरा, प्रतिमा के रूप-रंग, आयोजन में भागीदारी और पंडालों में परोसे जाने वाले खाने को लेकर विशेष सुझाव दिए. इस कार्यक्रम में मौजूद सनातन संस्कृति संसद के सचिव स्वामी निर्गुणानंद ने कहा कि दुर्गा पूजा एक हिंदू पर्व है, इसलिए इसे संभालने और चलाने की जिम्मेदारी हिंदू समुदाय के पास ही होनी चाहिए. उन्होंने पंडालों में सनातनी रीति-रिवाजों को तरजीह देने और वहां मांसाहारी खाना परोसने से बचने की बात कही, ताकि पूजा स्थल की पवित्रता बनी रहे. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अन्य धर्मों के लोग पूजा देखने पंडालों में आ सकते हैं, सिर्फ आयोजन चलाने और धार्मिक रस्में निभाने का जिम्मा हिंदू समुदाय का ही रहना चाहिए.\n\nयूनेस्को की मान्यता और सांस्कृतिक पहचान का सवाल\nVHP के इन सुझावों को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग बंटे हुए नजर आए. एक वर्ग का मानना है कि बंगाल की दुर्गा पूजा पिछले कई दशकों में सिर्फ धार्मिक रस्म न रहकर एक बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक उत्सव में बदल चुकी है, इसलिए उस पर इस तरह की सीमाएं थोपना ठीक नहीं. गौरतलब है कि दिसंबर 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को ने अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में जगह दी थी. यूनेस्को ने उस वक्त इसे धर्म, कला, हस्तशिल्प और अलग-अलग समुदायों की सहभागिता का एक दुर्लभ संगम बताया था. कुम्हारटोली के कारीगरों की बनाई प्रतिमाएं, शहर भर में सजने वाले भव्य पंडाल, ढाक की थाप और हर वर्ग के लोगों की मौजूदगी, यही सब मिलकर दुर्गा पूजा को सिर्फ एक धार्मिक आयोजन से कहीं आगे ले जाते हैं. ऐसे में VHP के नए निर्देशों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या बंगाल की दुर्गा पूजा को अब सिर्फ धार्मिक दायरे में समेटा जाए, या फिर उसकी वह खुली, सामूहिक और सांस्कृतिक पहचान बनी रहने दी जाए जिसने उसे दुनियाभर में पहचान दिलाई है.\n\nइसका आप पर असर\nअगर आप महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया देखने या भाग लेने जा रहे हैं, तो एंट्री से पहले आपकी पहचान जांची जा सकती है.\n\n• भारत में: यह घटनाक्रम त्योहारों में समुदाय आधारित पहचान जांच को लेकर देशभर में बहस छेड़ सकता है, जिससे दूसरे राज्यों के आयोजकों पर भी ऐसी शर्तें लागू करने का दबाव बन सकता है.\n• महाराष्ट्र में: राज्य के गरबा-डांडिया आयोजनों में शामिल होने वालों को आधार कार्ड साथ रखना पड़ सकता है और तिलक लगवाना पड़ सकता है, जिससे एंट्री गेट पर समय लगेगा और असहजता की स्थिति बन सकती है.\n• पश्चिम बंगाल में: दुर्गा पूजा पंडालों में भोजन और भागीदारी को लेकर नए निर्देशों से स्थानीय आयोजन समितियों को अपने पुराने खुले स्वरूप और नई शर्तों के बीच तालमेल बिठाना पड़ सकता है.\n• कानूनी पहलू: अमीन पटेल द्वारा उठाए गए संवैधानिकता के सवाल से यह मामला अदालत या मानवाधिकार आयोग तक पहुंच सकता है, जिससे आगे स्पष्ट कानूनी स्थिति सामने आ सकती है.\n• सामाजिक माहौल: ऐसे नियमों से त्योहारी सीजन में सामुदायिक तनाव बढ़ने की आशंका है, जिससे प्रशासन को सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर अतिरिक्त ध्यान देना पड़ सकता है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. VHP ने गरबा-डांडिया को लेकर क्या फैसला लिया है?\nVHP ने महाराष्ट्र में अगले महीने होने वाले गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भागीदारी पर रोक लगाने का फैसला किया है.\n\n2. आयोजकों को कौन-से कदम उठाने को कहा गया है?\nआयोजकों से कहा गया है कि वे प्रतिभागियों की पहचान जांचने के लिए आधार कार्ड देखें और उनके माथे पर तिलक लगवाएं.\n\n3. इस फैसले की पुष्टि किसने की?\nVHP के प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने इस फैसले की पुष्टि की है.\n\n4. संजय राउत ने VHP पर क्या टिप्पणी की?\nसंजय राउत ने कहा कि VHP को RSS प्रमुख मोहन भागवत का न्यूयॉर्क वाला हालिया भाषण सुनना चाहिए.\n\n5. अमीन पटेल ने इस फैसले को क्या बताया?\nकांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने किसी समुदाय को धार्मिक आयोजनों से रोकने को संविधान के खिलाफ बताया.\n\n6. पश्चिम बंगाल में VHP ने दुर्गा पूजा को लेकर क्या कहा है?\n26 अगस्त को कोलकाता में हुए कार्यक्रम में आयोजकों से पूजा परंपरा, प्रतिमा स्वरूप, भागीदारी और भोजन को लेकर खास निर्देश मानने की अपील की गई.\n\n7. पंडालों में भोजन को लेकर क्या निर्देश दिया गया?\nस्वामी निर्गुणानंद ने पंडालों की पवित्रता बनाए रखने के लिए वहां मांसाहारी भोजन से दूरी रखने पर जोर दिया.\n\n8. कोलकाता की दुर्गा पूजा को कौन-सी वैश्विक मान्यता मिली है?\nदिसंबर 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया था.",
  "url": "https://trendkia.com/religion/garaba-ayojanon-men-muslima-yuvaon-ki-entri-rokane-ke-lie-vhp-ne-banaya-aadhaar-aura-tilaka-ka-niyama-vipaksha-ne-bataya-asnvaidha-28463",
  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-09-06",
  "tags": [
    "गरबा",
    "VHP",
    "आधार कार्ड",
    "तिलक",
    "दुर्गा पूजा",
    "नवरात्रि",
    "संजय राउत",
    "अमीन पटेल"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}