गुजरात से रामदेवरा तक अनोखी यात्रा, बाबा रामसा पीर के दर्शन के लिए उल्टे पैर चले भक्त भादवा महीने की शुरुआत के साथ ही रामदेवरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी है। इसी बीच गुजरात से आए एक भक्त ने उल्टे पैर चलकर 80 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी की और बाबा रामसा पीर के दरबार में हाजिरी लगाई। भादवा महीने के आगमन के साथ ही लोक देवता बाबा रामसा पीर के पवित्र दरबार में देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। हर साल की तरह भक्त अपनी तमाम मन्नतों और अटूट आस्था के साथ रामदेवरा पहुंच रहे हैं, लेकिन इस बार गुजरात से आए एक श्रद्धालु के अनूठे संकल्प ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। इस भक्त ने सामान्य तरीके से चलने के बजाय उल्टे पैर चलकर अपनी यात्रा तय करने का कठिन संकल्प लिया और रोजाना करीब 80 किलोमीटर का सफर तय करते हुए आखिरकार रामदेवरा की पावन धरती पर कदम रखा। सड़क पर लोगों ने बनाए वीडियो जब यह भक्त उल्टे पैर आगे बढ़ रहा था, तो रास्ते से गुजरने वाले तमाम लोग उसे हैरानी से देखने के लिए थम जाते थे। कई राहगीरों ने इस अनूठी भक्ति का नजारा अपनी आंखों से देखा और तुरंत अपने मोबाइल फोन में इस अद्भुत सफर के वीडियो रिकॉर्ड करने लगे। देखते ही देखते यह फुटेज सोशल मीडिया पर खूब शेयर होने लगी और इंटरनेट पर तेजी से फैल गई। इस मुश्किल रास्ते और शारीरिक थकान के बावजूद इस भक्त के कदम जरा भी नहीं डगमगाए और वह अपनी अटूट आस्था के बल पर लगातार आगे बढ़ता रहा। रुणिचा धाम पहुंचकर पूरी हुई यात्रा लगातार कई दिनों तक बिना रुके और बिना थके चलने के बाद यह श्रद्धालु आखिरकार बाबा रामसा पीर की नगरी रामदेवरा पहुंच गया। रुणिचा धाम में प्रवेश करते ही उसकी यह अनूठी तपस्या पूरी हो गई और उसने सीधे बाबा के दरबार में जाकर अपनी हाजिरी लगाई। जैसे ही लोगों ने उसे मंदिर परिसर में देखा, वहां मौजूद भीड़ की नजरें उसी पर टिक गईं। मंदिर आने-जाने वाले तमाम श्रद्धालु भी इस अनोखे अंदाज को देखकर कुछ पलों के लिए रुक गए और इस लम्हे को अपने कैमरों में कैद करने लगे। कंगन के नीचे से गुजरे श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचने के बाद भी इस भक्त को देखने वालों का कौतूहल कम होने का नाम नहीं ले रहा था। जब श्रद्धालु मंदिर के भीतर से गुजर रहे थे और पारंपरिक कंगन के नीचे से निकल रहे थे, तब यह भक्त भी उसी अंदाज में आगे बढ़ा। भादवा के इस बड़े मेले में जहां लाखों की संख्या में भक्त अपनी विभिन्न मनोकामनाओं के साथ पहुंच रहे हैं, वहीं इस गुजराती भक्त के उल्टे पैर चलने के तरीके ने पूरे मेले के आकर्षण को और अधिक बढ़ा दिया है। सबकी खुशहाली के लिए की प्रार्थना रामदेवरा पहुंचने पर इस भक्त ने अपनी इस कठिन तपस्या के पीछे का मुख्य उद्देश्य भी साझा किया। उसने वीडियो के माध्यम से बाबा रामसा पीर के सामने अरदास लगाई कि संसार के सभी दुखियों के कष्ट समाप्त हों और बाबा सभी भक्तों की झोलियां खुशियों से भर दें। उसकी इस भावुक अपील ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और कठिन यात्रा के बावजूद उसके चेहरे पर दिखाई देने वाला अटूट विश्वास हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है। सवाल-जवाब 1. यह भक्त किस देवता के दर्शन के लिए रामदेवरा पहुंचा? यह भक्त लोक देवता बाबा रामसा पीर के दर्शन के लिए रामदेवरा पहुंचा था। 2. भक्त ने अपनी यात्रा किस राज्य से शुरू की थी? इस भक्त ने अपनी अनोखी यात्रा गुजरात राज्य से शुरू की थी। 3. भक्त ने रामदेवरा तक की यात्रा किस प्रकार पूरी की? इस भक्त ने रोजाना करीब 80 किलोमीटर की दूरी उल्टे पैर चलकर तय की। 4. यह घटना किस महीने के दौरान की है? यह घटना भादवा के महीने और मेले के दौरान की है। प्रेरणा और सबक कठिन संकल्प: शारीरिक चुनौतियों और लंबे रास्ते के बावजूद अपने लक्ष्य पर अडिग रहना सफलता की कुंजी है। निस्वार्थ भाव: अपनी व्यक्तिगत मन्नत के साथ-साथ समाज और अन्य लोगों की भलाई की कामना करना उच्च सोच को दर्शाता है। अटूट आस्था: विश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़ी से बड़ी बाधाओं को पार किया जा सकता है। https://trendkia.com/religion/gujarat-se-ramdevra-tak-anokhi-yatra-baba-ramsa-peer-ke-darshan-ke-liye-ulte-pair-chale-bhakt-21634 TrendKia — Har trend, sabse pehle.