हरिद्वार में सावन पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त का गंगा स्नान मिटाएगा पंचक दोष, जानिए 28 अगस्त का शुभ समय 28 अगस्त 2026 को पंचक के साए में श्रावण पूर्णिमा मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य के अनुसार हरिद्वार के ब्रह्मकुंड घाट पर ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान करने से पंचक दोष का प्रभाव समाप्त हो जाएगा। श्रावण मास की पूर्णाहुति के पावन अवसर पर 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को देशभर में सावन पूर्णिमा का पर्व अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष ज्योतिषीय योग के अनुसार श्रावण पूर्णिमा की तिथि पंचक के साए में आ रही है, जिससे श्रद्धालुओं के बीच पूजा विधान और शुभ मुहूर्त को लेकर दुविधा देखी जा रही थी। हालांकि, धर्माचार्यों का मानना है कि तीर्थ नगरी हरिद्वार में पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाने से पंचक का समस्त नकारात्मक प्रभाव निष्प्रभावी हो जाता है और साधक को संपूर्ण सावन माह की आराधना का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। हरिद्वार के प्रमुख गंगा घाटों पर उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब सावन पूर्णिमा के विशिष्ट धार्मिक महत्व को देखते हुए हरिद्वार के विश्वप्रसिद्ध गंगा घाटों पर भोर से ही भारी भीड़ जुटने का अनुमान है। धार्मिक मान्यता है कि जो शिव भक्त पूरे सावन महीने में किसी कारणवश नियमित पूजा, जलाभिषेक या अनुष्ठान संपन्न नहीं कर पाए हैं, वे पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करके पूरा फल प्राप्त कर सकते हैं। धर्मनगरी में हर की पौड़ी स्थित पवित्र ब्रह्मकुंड घाट, मालवीय घाट और सुभाष घाट समेत तमाम घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालु सुगमता से स्नान और ध्यान कर सकें। गंगा स्नान और दान-पुण्य के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री के अनुसार 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर स्नान और दान-पुण्य के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सर्वोत्तम और अत्यंत कल्याणकारी रहेगा। इस दिन प्रातः 3:40 बजे से 5:15 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा। इस पावन समयावधि में गंगा नदी में डुबकी लगाकर पूजन करने से ग्रहों की प्रतिकूलता दूर होती है। ब्रह्म मुहूर्त में किया गया दान और धर्म कार्य साधक को अनंत गुना फल प्रदान करता है। पंचक दोष निवारण और अक्षय पुण्य प्राप्ति के विशेष उपाय ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री ने पंचक दोष के शमन के लिए विशेष धार्मिक विधान बताए हैं। ब्रह्म मुहूर्त के दौरान गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाते समय भगवान शिव के सिद्ध पंचाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का श्रद्धापूर्वक जाप करना चाहिए। स्नान के पश्चात हर की पौड़ी के ब्रह्मकुंड घाट पर साधकों को अपने पूर्वजों की शांति के लिए पितृ तर्पण करना चाहिए। इसके साथ ही भगवान सूर्य देव को अर्घ्य समर्पित करने और भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से अभिषेक करने से सभी प्रकार के ग्रह दोष और पंचक का दुष्प्रभाव पूर्ण रूप से नष्ट हो जाता है। इसका आप पर असर श्रावण पूर्णिमा पर बन रहे पंचक योग के बीच हरिद्वार में गंगा स्नान और विशेष पूजा अनुष्ठान से श्रद्धालुओं के लिए दोष निवारण का मार्ग प्रशस्त होगा। • भारत में: देशभर के सनातन धर्मावलंबियों को 28 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और दान करने का विशेष अवसर मिलेगा। जो श्रद्धालु पूरे सावन माह में व्रत या पूजा नहीं कर सके, वे इस दिन एक ही स्नान से सावन का संपूर्ण पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। • हरिद्वार और उत्तराखंड में: हरिद्वार तीर्थ क्षेत्र में 28 अगस्त की तड़के से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था द्वारा हर की पौड़ी तथा आसपास के घाटों पर सुरक्षा एवं स्नान प्रबंधन के इंतजाम मजबूत किए जाएंगे। • स्नान समय प्रबंधन: गंगा स्नान के इच्छुक श्रद्धालुओं को सुबह 3:40 बजे से 5:15 बजे के बीच ब्रह्म मुहूर्त का ध्यान रखना होगा। इस समयावधि में स्नान करने से पंचक दोष और ग्रह बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है। • दान और तर्पण: पूर्णिमा तिथि पर तर्पण एवं दान-पुण्य करने से पितृ दोष से राहत मिलेगी। श्रद्धालुओं को जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र या जल दान करने की सलाह दी जाती है। सवाल-जवाब 1. 2026 में श्रावण पूर्णिमा कब है? 2026 में श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाई जाएगी। 2. श्रावण पूर्णिमा पर गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त क्या है? 28 अगस्त को गंगा स्नान और दान-पुण्य के लिए सबसे शुभ ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:40 बजे से 5:15 बजे तक रहेगा। 3. क्या सावन पूर्णिमा पर पंचक का प्रभाव रहेगा? हां, ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2026 की श्रावण पूर्णिमा पंचक के साए में रहेगी, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान से इसका नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाएगा। 4. पंचक दोष निवारण के लिए कौन से उपाय करने चाहिए? ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान कर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें, सूर्य देव को अर्घ्य दें, पितरों का तर्पण करें और भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करें। 5. हरिद्वार के किन घाटों पर स्नान किया जा सकता है? हरिद्वार में हर की पौड़ी के ब्रह्मकुंड घाट, सुभाष घाट और मालवीय घाट सहित सभी प्रमुख गंगा घाटों पर स्नान किया जा सकता है। https://trendkia.com/religion/haridvara-men-savana-purnima-para-brahma-muhurta-ka-ganga-snana-mitaega-panchak-dosha-janie-28-agasta-ka-shubha-samaya-23011 TrendKia — Har trend, sabse pehle.