हरितालिका तीज व्रत में भूलकर भी न करें ये 7 बड़ी गलतियां, आचार्य अनुपम महाराज ने दी खास चेतावनी हरितालिका तीज के कठिन व्रत के दौरान महिलाओं को किन खास नियमों का पालन करना चाहिए और कौन सी गलतियों से बचना चाहिए, इस पर विंध्यधाम के विद्वान आचार्य अनुपम महाराज ने महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। मिर्जापुर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और उनकी सलामती के लिए हरितालिका तीज का पावन व्रत रखती हैं। इस कठिन उपवास के दौरान महिलाएं विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं। विंध्यधाम के जाने-माने विद्वान आचार्य अनुपम महाराज के अनुसार, यदि इस व्रत के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान न रखा जाए, तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है और इसका नकारात्मक परिणाम भी भुगतना पड़ सकता है। इसलिए व्रती महिलाओं को कुछ खास नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। झूठ और निंदा से पूरी तरह बनाएं दूरी आचार्य अनुपम महाराज ने बताया कि हरितालिका तीज को सभी व्रतों में अत्यंत पवित्र माना गया है। इस दिन महिलाओं को विशेष रूप से अपने आचरण पर संयम रखना चाहिए। व्रत के दौरान किसी भी व्यक्ति की निंदा करने से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके अलावा, झूठ बोलने से भी परहेज करना बेहद जरूरी है। ऐसा करने से व्रत का पुण्य क्षीण होता है और पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं हो पाता है। रात्रि जागरण और सोने से परहेज धार्मिक मान्यताओं और परंपरा के अनुसार, हरितालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए रात में सोना वर्जित माना गया है। आचार्य ने सलाह दी है कि व्रती महिलाओं को पूरी रात भगवान शिव की आराधना और भजन-कीर्तन में बितानी चाहिए। रात्रि जागरण करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है और साधक के जीवन के सभी संकट टल जाते हैं। प्यास बुझाने और खानपान के नियम व्रत के दौरान यदि प्यास महसूस हो, तो महिलाओं को बार-बार स्नान आदि करते रहना चाहिए, क्योंकि प्यास से बचने का यही एकमात्र तरीका बताया गया है। इसके अलावा, इस पूरे दिन नमक का स्पर्श करना भी पूरी तरह वर्जित है। व्रती महिलाओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस दिन उनके द्वारा लहसुन, प्याज और मांस जैसी तामसिक चीजों का स्पर्श तक न हो। यात्रा और दूसरों की वस्तुओं से परहेज आचार्य अनुपम महाराज ने स्पष्ट किया है कि हरितालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दिन लंबी यात्राओं से बचना चाहिए। इस दौरान सफर करने से पूरी तरह परहेज करना उचित रहता है। इसके साथ ही, इस पवित्र दिन किसी दूसरे के घर की कोई भी वस्तु अपने घर नहीं लानी चाहिए। ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है और भगवान शिव तथा माता लक्ष्मी नाराज हो सकते हैं। इसका आप पर असर उत्तर प्रदेश में: मिर्जापुर और आसपास के क्षेत्रों में हरितालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं को आचार्य अनुपम महाराज द्वारा बताए गए सभी नियमों और वर्जनाओं का विशेष रूप से पालन करना चाहिए, ताकि व्रत का पूर्ण पुण्य प्राप्त हो सके। सवाल-जवाब 1. हरितालिका तीज का व्रत क्यों रखा जाता है? महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, उनकी सुरक्षा और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए हरितालिका तीज का कठिन व्रत रखती हैं। 2. हरितालिका तीज पर आचार्य अनुपम महाराज ने मुख्य रूप से किस बात से बचने की सलाह दी है? आचार्य अनुपम महाराज ने इस दिन झूठ बोलने, किसी की निंदा करने, यात्रा करने और नमक या तामसिक भोजन का स्पर्श करने से बचने की सलाह दी है। 3. क्या हरितालिका तीज की रात में सोना चाहिए? नहीं, हरितालिका तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए रात्रि में सोना वर्जित है और इस दौरान भगवान शिव की आराधना व जागरण करना चाहिए। 4. व्रत के दौरान प्यास लगने पर क्या करना चाहिए? प्यास से बचने के लिए व्रती महिलाओं को बार-बार स्नान आदि करते रहना चाहिए। 5. क्या इस दिन किसी दूसरे के घर की वस्तु लानी चाहिए? नहीं, इस दिन दूसरे के घर की कोई भी वस्तु अपने घर लाना दरिद्रता का कारक माना गया है। https://trendkia.com/religion/haritalika-teej-vrat-me-galtiyan-acharya-anupam-maharaj-11186 TrendKia — Har trend, sabse pehle.