# जोधपुर में महिलाओं ने निकाली अनूठी डाक कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजी सड़कें

> सावन के दूसरे सोमवार पर जोधपुर में महिलाओं ने एक भव्य डाक कांवड़ यात्रा निकाली। गौरो के तालाब से शुरू हुई यह यात्रा प्रतापनगर से होते हुए अचलनाथ महादेव मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-10-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/jodhpur-me-mahilaon-ne-nikali-anuthi-daak-kanwar-yatra-har-har-mahadev-ke-jaikaron-se-gunji-sadke-51650 · **Language:** Hindi
**Tags:** कांवड़ यात्रा, जोधपुर, सावन, अचलनाथ महादेव मंदिर, शिव भक्ति

सावन का पवित्र महीना और सोमवार का दिन भगवान शिव की उपासना के लिए बेहद खास माना जाता है। इसी गहरी आस्था और समर्पण का अनूठा उदाहरण जोधपुर में देखने को मिला, जहां महिलाओं की ओर से एक भव्य डाक कांवड़ यात्रा निकाली गई। यह धार्मिक आयोजन सावन मास के दूसरे सोमवार को शहर के प्रतापनगर इलाके से शुरू हुआ, जिसे प्रतापनगर की महिला मंडली ने बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया।

 

## गौरो के तालाब से शुरू हुआ आस्था का सफर

इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत गौरो के तालाब मंदिर से हुई। यहां महिलाओं ने सबसे पहले विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और कलश में जल भरा। इसके बाद सैकड़ों महिलाओं ने अपने कंधों पर कांवड़ उठाकर शिवभक्ति की एक अद्भुत मिसाल पेश की। गौरो के तालाब से सिर पर कलश रखकर और भगवान शिव के जयकारों के साथ जैसे ही यह यात्रा आगे बढ़ी, पूरा इलाका शिवमय हो गया।

 

## ढोल-नगाड़ों के साथ गूंजे हर-हर महादेव के नारे

यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह से भक्ति से सराबोर था। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ इस यात्रा की अगुवाई की गई। करीब दो घंटे तक चली इस धार्मिक यात्रा में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। रास्ते भर सभी ने मिलकर हर-हर महादेव के जयकारे लगाए, जिससे आसपास का पूरा वातावरण पूरी तरह से शिव की भक्ति में लीन नजर आया।

 

## अचलनाथ महादेव मंदिर में हुआ समापन और जलाभिषेक

यह डाक कांवड़ यात्रा जोधपुर के ऐतिहासिक और प्राचीन अचलनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत तरीके से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। पूजा-पाठ के बाद सभी भक्तों ने मिलकर शिव आरती की और महादेव से अपने परिवार तथा शहर के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

 

## फूलों की वर्षा और स्थानीय लोगों का सहयोग

इस आयोजन में भारी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इसके अलावा स्थानीय निवासियों और आम लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया और रास्ते में जगह-जगह कांवड़ यात्रा पर फूलों की वर्षा करके इसका स्वागत किया। इस पूरे आयोजन के दौरान पूरा शहर शिव की भक्ति में डूबा हुआ दिखाई दिया।

## इसका आप पर असर
सावन के दौरान निकलने वाली इस तरह की धार्मिक यात्राओं से स्थानीय स्तर पर यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन में बदलाव देखने को मिलता है।

- **भारत में:** सावन माह के दौरान देश भर के विभिन्न शहरों में निकलने वाली कांवड़ यात्राओं के कारण यातायात में अस्थायी फेरबदल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। इन आयोजनों से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय बाजारों में फूलों तथा पूजन सामग्रियों की मांग बढ़ती है।

- **जोधपुर में:** जोधपुर के प्रतापनगर और अचलनाथ महादेव मंदिर मार्ग पर यात्रा के दौरान सुरक्षा और आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम रहे। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को जुलूस के गुजरने के दौरान कुछ समय के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह धार्मिक आयोजन सावन मास और सोमवार के विशेष दिन की धार्मिक मान्यताओं के कारण किया गया।

- **सावन मास का महत्व:** हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान सोमवार के दिन व्रत और विशेष अनुष्ठान करने की परंपरा है।

- **महिला मंडली की पहल:** प्रतापनगर की महिला मंडली ने समुदाय में धार्मिक उत्साह बढ़ाने और भगवान शिव की आराधना के लिए इस डाक कांवड़ यात्रा की रूपरेखा तैयार की थी।

- **परंपरागत अनुष्ठान:** प्राचीन मंदिरों में जल अर्पित करने और सामूहिक रूप से पूजा-पाठ करने की सनातन परंपरा के तहत इस यात्रा का समापन अचलनाथ महादेव मंदिर में किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह कांवड़ यात्रा कहाँ से शुरू हुई थी?
यह यात्रा जोधपुर के प्रतापनगर क्षेत्र में स्थित गौरो के तालाब मंदिर से शुरू हुई थी।

### 2. यह यात्रा किस दिन निकाली गई?
यह धार्मिक यात्रा सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर निकाली गई थी।

### 3. यात्रा का समापन कहाँ हुआ?
इस डाक कांवड़ यात्रा का समापन जोधपुर के ऐतिहासिक और प्राचीन अचलनाथ महादेव मंदिर में हुआ।

### 4. इस यात्रा में किसने भाग लिया?
इस यात्रा में प्रतापनगर की महिला मंडली और सैकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

### 5. यात्रा के दौरान क्या प्रमुख अनुष्ठान किए गए?
यात्रा के समापन पर अचलनाथ महादेव मंदिर में विधि-विधान से जलाभिषेक और शिव आरती की गई।

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