सावन 2026 का आखिरी सोमवार 24 अगस्त को, इन आसान उपायों से करें शिव को प्रसन्न सावन 2026 का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को आ रहा है। ज्योतिषी धीरज शर्मा के अनुसार, यदि पूरे महीने व्रत या पूजा न कर पाए हों, तो इस दिन सरल उपायों से भोलेनाथ की कृपा पाई जा सकती है। पवित्र सावन 2026 अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। भगवान शिव की उपासना के लिए समर्पित इस पावन मास का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को है, जबकि पूरे महीने का समापन 28 अगस्त को होगा। इस बार सावन के दौरान कुल चार सोमवार पड़े, जिसके चलते देश भर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। अब सावन के इस आखिरी सोमवार को लेकर शिव भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और वे भोलेनाथ की अंतिम बार विशेष आराधना करने की तैयारियों में जुटे हैं। अंतिम सोमवार का धार्मिक महत्व और अवसर जो श्रद्धालु व्यस्तता या किसी अन्य कारण के चलते पूरे सावन के दौरान नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना नहीं कर सके हैं, उनके लिए यह अंतिम सोमवार बेहद खास मौका लेकर आया है। इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ महादेव की आराधना करके उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है। ज्योतिषी धीरज शर्मा का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति पूरे महीने अनुष्ठान न भी कर पाया हो, तो भी सावन के इस आखिरी सोमवार को विधि-विधान से सरल पूजा करके अपनी मनोकामनाएं पूरी करने का आशीर्वाद मांग सकता है। कम समय में ऐसे करें भगवान शिव का अभिषेक पंडित धीरज शर्मा के अनुसार, जिन शिव भक्तों के पास पूजा के लिए अधिक समय नहीं है, वे बेहद सरल तरीकों से भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते हैं। अंतिम सोमवार के दिन श्रद्धालुओं को सबसे पहले भगवान शिव का जल और गाय के कच्चे दूध से अभिषेक करना चाहिए। इसके पश्चात पवित्र शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित किए जाने चाहिए। पूजा प्रक्रिया के अंत में भगवान शिव की आरती करना और अपनी किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा-प्रार्थना करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और आस्था के साथ की गई यह छोटी सी पूजा भी भगवान शिव को तुरंत प्रसन्न करती है। स्वास्थ्य और धन प्राप्ति के लिए विशेष उपाय ज्योतिषी के मुताबिक, यदि कोई भक्त स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहा है और उनसे मुक्ति पाना चाहता है, तो वह सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव को धतूरा अर्पित कर सकता है। वहीं दूसरी ओर, जो लोग अपने जीवन में धन और संपन्नता की कामना रखते हैं, वे भोलेनाथ को कनेर के पुष्प अर्पित कर सकते हैं। इन सभी उपायों को सनातन धर्म की ज्योतिषीय मान्यताओं और परंपराओं से जोड़ा गया है, जिन्हें करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। छात्रों के लिए परीक्षा में सफलता के अचूक उपाय पंडित धीरज शर्मा ने विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी शिक्षा को ध्यान में रखते हुए भी एक विशेष उपाय सुझाया है। जो छात्र आगामी परीक्षाओं में उत्तम सफलता हासिल करना चाहते हैं, वे सावन के इस आखिरी सोमवार को भगवान शिव का शुद्ध घी से अभिषेक कर सकते हैं। घी के अभिषेक के बाद शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया जाना चाहिए और अंत में भगवान शिव से अपनी पढ़ाई में सफलता के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। धार्मिक आस्था के अनुसार, इस विशेष उपाय को अपनाने से विद्यार्थियों पर भोलेनाथ की कृपा बरसती है। सावन के अंतिम दिन ऐसे करें विदाई सावन के अंतिम सोमवार के दिन पूजा करते समय भक्तों को जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और आरती की परंपरा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा के समापन पर दोनों हाथ जोड़कर अपनी मनोकामना भगवान के सामने रखनी चाहिए और अनजाने में हुई किसी भी गलती के लिए क्षमा मांगनी चाहिए। इसी प्रकार अटूट श्रद्धा, गहरे विश्वास और सरल पूजा-पाठ के साथ साल 2026 के सावन महीने के इस पवित्र अध्याय का समापन किया जा सकता है। इसका आप पर असर भारत में: सावन के अंतिम सोमवार को देश भर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा और जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ जुटने की संभावना है। सवाल-जवाब 1. सावन 2026 का आखिरी सोमवार किस तारीख को है? सावन 2026 का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। 2. सावन का महीना कब समाप्त हो रहा है? सावन महीने का समापन 28 अगस्त को होगा। 3. समय की कमी होने पर भगवान शिव का अभिषेक कैसे करें? कम समय होने पर जल और गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें तथा बेलपत्र अर्पित करें। 4. स्वास्थ्य लाभ के लिए अंतिम सोमवार को क्या अर्पित करना चाहिए? स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव को धतूरा अर्पित करना चाहिए। 5. छात्र परीक्षा में सफलता के लिए क्या उपाय कर सकते हैं? छात्र परीक्षा में सफलता की कामना के लिए भगवान शिव का घी से अभिषेक कर सकते हैं और गंगाजल अर्पित कर सकते हैं। https://trendkia.com/religion/last-sawan-somwar-2026-falls-on-august-24-simple-rituals-and-remedies-to-please-lord-shiva-17970 TrendKia — Har trend, sabse pehle.