महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर के खिलाफ भड़के विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता, शंख द्वार पर किया प्रदर्शन उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए वीआईपी कल्चर खत्म करने की मांग की। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर एक बार फिर दर्शन व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में है। मंदिर परिसर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर वीआईपी कल्चर और श्रद्धालुओं के साथ कथित बदसलूकी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों की साफ मांग है कि मंदिर प्रशासन व्यवस्थाओं को सुधारे ताकि आम भक्तों को परेशानी न हो। मामला मंगलवार का है, जब दोनों संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी तादाद में महाकाल मंदिर के शंख द्वार पर इकट्ठा हुए। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए मौजूदा इंतजामों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बीते दिनों में मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता और मारपीट की, जिसके चलते भक्तों में गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। आम भक्तों को घंटों इंतजार, वीआईपी को तरजीह प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सबसे बड़ा सवाल वीआईपी प्रोटोकॉल पर उठाया। उनका कहना है कि खास लोगों के लिए अलग व्यवस्था होने की वजह से सामान्य श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने भस्म आरती और दर्शन व्यवस्था के नाम पर भक्तों के साथ धोखाधड़ी की शिकायतों को भी जोर-शोर से उठाया। लाइव दर्शन प्रसारण पर भी उठे सवाल कार्यकर्ताओं ने मंदिर के लाइव दर्शन प्रसारण को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि मंदिर समिति ने तय समय सीमा के भीतर यह व्यवस्था दोबारा शुरू नहीं की, जिससे श्रद्धालुओं में असंतोष है। प्रदर्शन के दौरान मांग की गई कि मंदिर प्रशासन पारदर्शी और भक्तों के हित वाली व्यवस्था लागू करे। क्या बोले विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री जसवंत सिंह ठाकुर ने दो टूक कहा कि महाकाल मंदिर में वीआईपी संस्कृति का खत्म होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान बेवजह की दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल चरणबद्ध तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे। मंदिर प्रशासन की चुप्पी प्रदर्शन के बाद फिलहाल मंदिर प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि दर्शन व्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल पर उठे इन सवालों ने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। इसका आप पर असर • भारत में: देशभर से महाकाल मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मुद्दा अहम है, क्योंकि वीआईपी प्रोटोकॉल और दर्शन व्यवस्था में सुधार सीधे उनकी कतार और इंतजार के समय पर असर डालेगा। • उज्जैन में: स्थानीय भक्तों को भस्म आरती और लाइव दर्शन प्रसारण से जुड़ी शिकायतों के समाधान का इंतजार है, जो उनके रोजमर्रा के मंदिर अनुभव को सीधे प्रभावित करता है। सवाल-जवाब 1. महाकाल मंदिर में प्रदर्शन किसने किया? विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में प्रदर्शन किया। 2. यह प्रदर्शन कब और कहां हुआ? यह प्रदर्शन मंगलवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर के शंख द्वार पर हुआ। 3. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है? उनकी मांग है कि मंदिर में वीआईपी कल्चर खत्म हो और पारदर्शी, भक्त हितैषी दर्शन व्यवस्था लागू की जाए। 4. कार्यकर्ताओं ने सुरक्षाकर्मियों पर क्या आरोप लगाया? आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की, जिससे भक्तों में नाराजगी है। 5. लाइव दर्शन प्रसारण को लेकर क्या सवाल उठा? कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंदिर समिति ने तय समय सीमा में यह व्यवस्था बहाल नहीं की, जिससे श्रद्धालुओं में असंतोष है। 6. विश्व हिंदू परिषद के जसवंत सिंह ठाकुर ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि मंदिर में वीआईपी संस्कृति खत्म होनी चाहिए और सुधार न होने पर चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। 7. क्या मंदिर प्रशासन ने कोई जवाब दिया? नहीं, प्रदर्शन के बाद फिलहाल मंदिर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। https://trendkia.com/religion/mahakal-mndira-men-vip-kalchara-ke-khilapha-bharake-vishwa-hindu-parishad-aura-bajrang-dal-ke-karyakarta-shankh-dwar-para-kiya-pra-2608 TrendKia — Har trend, sabse pehle.