{
  "type": "article",
  "title": "मकर संक्रांति 2026: इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग, जान लें क्या दान करें और क्या नहीं",
  "summary": "साल 2026 में 14 जनवरी को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का एक साथ खास संयोग बन रहा है। इस दिन ज्योतिषीय नियमों के अनुसार किन चीजों का सेवन और दान करना चाहिए तथा किन चीजों से परहेज करना बेहद जरूरी है, आइए जानते हैं।",
  "content": "सनातन परंपरा में मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी दोनों का ही आध्यात्मिक और धार्मिक नजरिए से बहुत अधिक महत्व है। पंचांग के अनुसार आने वाली 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जाएगा और सबसे खास बात यह है कि इस दिन भगवान विष्णु को समर्पित षटतिला एकादशी का व्रत भी एक साथ पड़ रहा है। इस दुर्लभ संयोग के अवसर पर श्रद्धालुओं को किन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए, किन चीजों का दान करना फलदायी होता है और किन चीजों को बिल्कुल त्यागना चाहिए, इस विषय पर अंबाला के जाने-माने ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी ने विस्तार से कई जरूरी बातें साझा की हैं।\n\nशुभ मुहूर्त और स्नान-दान का समय\nअंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को ही मनाया जाएगा। पंचांग की गणना के मुताबिक मकर संक्रांति का कुल पुण्य काल सुबह 9:03 बजे से शुरू होकर शाम 5:46 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही इस दौरान महा पुण्य काल सुबह 9:03 बजे से लेकर सुबह 10:48 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस निश्चित समयावधि में पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान-पुण्य करने से व्यक्ति के पिछले सभी पाप नष्ट होते हैं और उसके जीवन में धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि में खासी वृद्धि होती है, लेकिन इस दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है।\n\nकिन चीजों के सेवन से करना है परहेज\nइस बार 14 जनवरी 2026 को पड़ने वाली मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के दिन कुछ खास खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पूरी तरह बचना चाहिए। इस दिन चावल, अन्य अनाज, प्याज, नमक, लहसुन और विभिन्न प्रकार की दालों को खाने की मनाही होती है। इसके अलावा इस पावन दिन किसी भी प्रकार की तामसिक वस्तु का सेवन बिल्कुल न करें। भोजन तैयार करने के लिए भी तिल के तेल, सरसों के तेल, कैनोला के तेल और सोयाबीन के तेल का उपयोग करने से बचना चाहिए। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाती है तो इससे न केवल भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं, बल्कि षटतिला एकादशी की पूजा का पूर्ण फल भी प्राप्त नहीं होता है।\n\nक्या खा सकते हैं और किन खाद्य पदार्थों का करें प्रयोग\nइस विशेष दिन पर उपवास या सामान्य खानपान में आप तिल, गुड़, मूंगफली, ताजे मौसमी फल, मौसमी सब्जियां, साबूदाना, कुट्टू के आटे से बनी चीजें, दूध, नारियल और सिंघाड़े का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा भोजन पकाते समय साधारण नमक के स्थान पर सेंधा नमक का उपयोग करें। साथ ही खाना बनाने के लिए शुद्ध घी, जैतून के तेल या सूरजमुखी के तेल का ही इस्तेमाल करना उचित माना गया है, जिससे स्वास्थ्य और धार्मिक नियमों दोनों का संतुलन बना रहता है।\n\nकिन चीजों का दान करने से बचें\nआने वाली 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के पावन अवसर पर कुछ खास वस्तुओं का दान करने से बचना बेहद आवश्यक है। इस दिन अनाज (विशेष तौर पर चावल), लोहे से बनी वस्तुएं, नमक, तामसिक भोजन, किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तुएं और तेल का दान करने की सख्त मनाही है। यदि कोई व्यक्ति इन चीजों का दान करता है तो इससे घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ सकता है और पुण्य की जगह पाप का भागी बनना पड़ सकता है।\n\nकिन चीजों का दान लाना है फलदायी\nइस मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के संयोग पर दान करने के लिए कई शुभ वस्तुएं बताई गई हैं। इस दिन आप फल, हरी सब्जियां, वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें या वस्तुएं, शुद्ध जल, गुड़, तिल, दूध, धन, छाता, चप्पल, मूंगफली और पीले रंग की सामग्री का दान कर सकते हैं। इन सभी चीजों का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।\n\nइसका आप पर असर\nमकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के इस दुर्लभ संयोग पर खानपान और दान के नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक लाभ मिलता है।\n\n• भारत में: देश भर में लोग 14 जनवरी 2026 को स्नान, दान और उपवास के प्राचीन नियमों का पालन करेंगे। इन नियमों का पालन करने से पारिवारिक सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि बनी रहती है।\n• अंबाला में: अंबाला के स्थानीय श्रद्धालु ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी के बताए गए शुभ मुहूर्त के अनुसार ही दान-पुण्य और पूजा-पाठ के अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इससे स्थानीय निवासियों को इस विशेष व्रत का पूर्ण आध्यात्मिक फल प्राप्त होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का एक ही दिन पड़ना पंचांग की तिथि गणना और सौर चक्र के मेल पर आधारित है, जिसके कारण सनातन धर्म में इसके नियमों का विशेष महत्व है।\n\n• तिथि का संयोग: इस बार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने की तिथि और एकादशी तिथि एक ही दिन होने से यह दुर्लभ धार्मिक संयोग बना है।\n• धार्मिक मान्यता: प्राचीन शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन चावल और तामसिक चीजों का सेवन वर्जित माना गया है, और संक्रांति पर दान के विशेष नियम तय हैं।\n• नियमों का पालन: शास्त्रों में बताए गए निषेधों का पालन करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मकर संक्रांति 2026 कब है?\nमकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।\n\n2. इस बार मकर संक्रांति के साथ कौन सा व्रत है?\nइस दिन भगवान विष्णु को समर्पित षटतिला एकादशी का व्रत भी पड़ रहा है।\n\n3. स्नान और दान का पुण्य काल कब से कब तक रहेगा?\nपुण्य काल सुबह 9:03 बजे से शाम 5:46 बजे तक रहेगा और महा पुण्य काल सुबह 9:03 बजे से 10:48 बजे तक रहेगा।\n\n4. इस दिन किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए?\nचावल, अनाज, प्याज, नमक, लहसुन, दालें और किसी भी तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।\n\n5. किन वस्तुओं का दान करने से बचना चाहिए?\nअनाज विशेषकर चावल, लोहे का सामान, नमक, तामसिक भोजन, नुकीली वस्तुएं और तेल का दान करने से बचना चाहिए।\n\n6. इस दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना गया है?\nफल, सब्जी, वस्त्र, धार्मिक वस्तु, जल, गुड़, तिल, दूध, धन, छाता, चप्पल, मूंगफली और पीले रंग की चीजों का दान करना शुभ है।",
  "url": "https://trendkia.com/religion/makara-snkranti-2026-rare-coincidence-of-makar-sankranti-and-shattila-ekadashi-on-january-14-know-what-to-donate-and-what-to-avoid-38746",
  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-09-25",
  "tags": [
    "मकर संक्रांति 2026",
    "षटतिला एकादशी",
    "पंडित दीपलाल जयपुरी",
    "दान पुण्य",
    "धार्मिक नियम"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}