मन्नत पूरी होने पर भीलवाड़ा के भक्त ने भगवान देवनारायण को भेंट किया चांदी का दूध टैंकर राजस्थान के श्री देवनारायण मंदिर में एक स्थानीय निवासी ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद चांदी का दूध टैंकर अर्पित किया है, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी. राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में आस्था और समर्पण का एक बेहद अनूठा मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय निवासी ने अपनी मुराद पूरी होने के बाद भगवान को एक खास तोहफा दिया है. इस भक्त ने अपना आभार जताने के लिए पूरी तरह से चांदी से बना एक दूध का टैंकर मंदिर परिसर में अर्पित कर दिया. यह अनूठी भेंट भगवान के प्रति लोगों के गहरे विश्वास को दर्शाती है. मालासेरी डूंगरी में दिखा भक्ति का विशेष रूप यह भव्य कार्यक्रम विश्व स्तर पर पहचाने जाने वाले देवधाम मालासेरी डूंगरी में आयोजित किया गया, जिसे भगवान श्री देवनारायण जी की पवित्र जन्मस्थली के रूप में पूजा जाता है. यूं तो दान-पुण्य और अतरंगी चढ़ावे के मामले में अक्सर पड़ोसी जिले चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर का नाम सबसे ऊपर आता है. लेकिन अब भीलवाड़ा जिले का यह देवनारायण मंदिर भी इस तरह के असाधारण धार्मिक आयोजनों के कारण अपनी एक अलग और खास पहचान बना रहा है. इस चांदी के दूध टैंकर को भेंट करने वाले व्यक्ति का नाम कल्याण गुर्जर है, जो भीलवाड़ा जिले के ही जोधडास गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने पहले कोई मन्नत मांगी थी और जब उनकी वह इच्छा पूरी हो गई, तो उन्होंने भगवान श्री देवनारायण जी के चरणों में यह कीमती वस्तु चढ़ा दी. इस दुर्लभ नजारे को देखने और भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई. वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न हुई पूजा विधि चांदी का टैंकर सौंपने की यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारंपरिक और धार्मिक नियमों के अनुसार की गई. कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री देवनारायण जी की एक खास पूजा के साथ हुई. इसके बाद देवता को विभिन्न प्रकार का प्रसाद चढ़ाया गया. मंदिर के पुजारियों द्वारा लगातार किए जा रहे वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच यह कीमती दूध का टैंकर पूरे विधि-विधान से भगवान को समर्पित किया गया. वहां मौजूद मंदिर के मुख्य पुजारी देवकरण पोसवाल ने इस घटनाक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आसींद क्षेत्र के मालासेरी में स्थित भगवान की जन्मस्थली पर आज एक श्रद्धालु की तरफ से यह चांदी की भेंट चढ़ाई गई है. शांति और देश की खुशहाली के लिए सामूहिक प्रार्थना इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने के लिए पुजारियों का एक बड़ा समूह वहां मौजूद था. इनमें देवकरण पोसवाल के साथ-साथ नारायण पोसवाल, रामलाल पोसवाल, पांचू पोसवाल, भालूराम पोसवाल और घीसू पोसवाल जैसे कई अहम नाम शामिल रहे. इन सभी पुजारियों ने मिलकर मुख्य पूजा में हिस्सा लिया. आम जनता के साथ मिलकर उन्होंने भगवान श्री देवनारायण जी से पूरे राज्य और देश में लगातार बनी रहने वाली सुख-समृद्धि, खुशहाली और गहरी शांति की कामना की. अनुष्ठान के दौरान पूरे मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय बना रहा और चारों तरफ भगवान के जयकारे गूंजते रहे. पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी यह अनोखी भेंट मालासेरी डूंगरी के इस खास आयोजन ने न सिर्फ आस-पास के गांवों बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी भारी संख्या में लोगों को अपनी तरफ खींचा. वहां पहुंचे लोगों ने कतारों में लगकर भगवान श्री देवनारायण जी के दर्शन किए और अपने-अपने परिवारों की भलाई, अच्छे स्वास्थ्य तथा समाज में शांति बनाए रखने की दुआ मांगी. वहां आए हर इंसान के चेहरे पर एक अलग तरह का उत्साह देखा जा सकता था. कई दर्शनार्थियों ने इस कार्यक्रम को सच्ची आस्था का एक बहुत बड़ा उदाहरण बताया. लोगों का यह दृढ़ विश्वास था कि अगर ईश्वर से कोई भी प्रार्थना पूरे और सच्चे मन से की जाए, तो वह निश्चित रूप से पूरी होती है. कार्यक्रम खत्म होने पर लोगों ने लोककल्याण की कामना करते हुए भगवान से विदा ली. उनका मानना था कि मालासेरी डूंगरी के इस देवधाम में कदम रखते ही मन को एक अजीब सी शांति मिलती है और भगवान पर भरोसा और ज्यादा पक्का हो जाता है. चांदी का यह दूध टैंकर चढ़ाने की घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बन चुकी है और लोग इसे भगवान के प्रति अटूट आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक मान रहे हैं. इसका आप पर असर • आम श्रद्धालुओं के लिए: यह अनूठी भेंट धार्मिक स्थलों पर आस्था और दान की पुरानी परंपराओं को दर्शाती है, जो मंदिर पर्यटन को बढ़ावा देती है. • भीलवाड़ा में: मालासेरी डूंगरी में ऐसे आयोजनों से इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में नई पहचान मिल रही है. सवाल-जवाब 1. चांदी का दूध टैंकर किस मंदिर में चढ़ाया गया? यह टैंकर भीलवाड़ा जिले के आसींद स्थित मालासेरी डूंगरी में भगवान श्री देवनारायण जी के मंदिर में चढ़ाया गया है. 2. यह अनोखी भेंट किसने दी? भीलवाड़ा के जोधडास गांव के रहने वाले कल्याण गुर्जर ने अपनी मन्नत पूरी होने पर यह चांदी का टैंकर भेंट किया. 3. मालासेरी डूंगरी क्यों प्रसिद्ध है? यह स्थान भगवान श्री देवनारायण जी की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है और एक प्रमुख आस्था केंद्र है. 4. विशेष अनुष्ठान में किन पुजारियों ने हिस्सा लिया? इस पूजा में देवकरण पोसवाल, नारायण पोसवाल, रामलाल पोसवाल, पांचू पोसवाल, भालूराम पोसवाल और घीसू पोसवाल शामिल थे. https://trendkia.com/religion/mannata-puri-hone-para-bhilwara-ke-bhakta-ne-bhagavana-devnarayan-ko-bhenta-kiya-chandi-ka-dudha-tainkara-8992 TrendKia — Har trend, sabse pehle.