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  "title": "मनोज सिन्हा ने दिखाई हरी झंडी, अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था बेस कैंप से रवाना",
  "summary": "जम्मू-कश्मीर में आज से अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है, उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई और यह यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी।",
  "content": "जम्मू-कश्मीर में आज गुरुवार, 2 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की विधिवत शुरुआत हो गई है। सुबह-सुबह श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के जयकारे लगाते हुए बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीर्थयात्रियों के इस पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर विदा किया। हरी झंडी दिखाने से पहले उन्होंने सभी यात्रियों की सुख-शांति के लिए पूजा-अर्चना भी की। हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच निकले इस जत्थे में शामिल श्रद्धालु अब शुक्रवार को बाबा बर्फानी के पहले दर्शन करेंगे।\n\n57 दिन चलेगी यात्रा, जानें पूरा शेड्यूल\nपहलगाम और बालटाल बेस कैंप से कल यानी शुक्रवार सुबह से यात्रा की औपचारिक शुरुआत होगी। यह यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी, यानी कुल मिलाकर इस बार अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक जारी रहेगी। हर साल की तरह इस बार भी लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं के इस यात्रा में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।\n\nसुरक्षा के कड़े इंतजाम, गृह मंत्री ने खुद ली अधिकारियों की बैठक\nअमरनाथ यात्रा को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर है और सरकार के निर्देश एकदम साफ हैं कि बाबा के किसी भी भक्त को यात्रा के दौरान कोई तकलीफ न होने पाए। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी सीएपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने आपस में तालमेल बिठाकर यात्रियों की सुरक्षा को और भी कड़ा कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का पूरा जायजा लिया था। इस बैठक में अमित शाह ने एक बहुस्तरीय और अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार करने का सख्त निर्देश दिया था। सुरक्षा और यात्रा की तमाम व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालु भी काफी संतुष्ट और खुश नजर आ रहे हैं।\n\nकहां है अमरनाथ गुफा और किन रास्तों से पहुंचेंगे भक्त\nअमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह यात्रा दो अलग-अलग रास्तों से एक साथ शुरू होती है। पहला रास्ता अनंतनाग जिले का पारंपरिक और 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है, जो दूरी में भले ही छोटा हो लेकिन इसमें चढ़ाई काफी खड़ी और मुश्किल मानी जाती है। हर साल देश भर से लाखों श्रद्धालु इन्हीं दोनों रास्तों से होते हुए बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: देश भर से यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अब पूरा शेड्यूल पता है, वे 28 अगस्त तक कभी भी बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हो सकते हैं।\n• जम्मू-कश्मीर में: यात्रा मार्गों और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात रहने से इन क्षेत्रों में आवाजाही और दैनिक जनजीवन पर 57 दिनों तक असर रह सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई?\nअमरनाथ यात्रा आज गुरुवार, 2 जुलाई से शुरू हो गई है।\n\n2. पहले जत्थे को हरी झंडी किसने दिखाई?\nजम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई।\n\n3. अमरनाथ यात्रा कब तक चलेगी?\nयह यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी, यानी कुल 57 दिनों तक जारी रहेगी।\n\n4. श्रद्धालु पहला दर्शन कब करेंगे?\nपहले जत्थे में शामिल श्रद्धालु शुक्रवार को बाबा बर्फानी के पहले दर्शन करेंगे।\n\n5. यात्रा के लिए कौन-कौन से रास्ते हैं?\nयात्रा अनंतनाग जिले के 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होती है।\n\n6. अमरनाथ गुफा कहां और कितनी ऊंचाई पर स्थित है?\nअमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।\n\n7. सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?\nकेंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है, जिसका निर्देश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था।",
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  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-07-02",
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    "अमरनाथ यात्रा",
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