मेरठ के एनएच 58 पर उमड़ा डाक कांवड़ियों का सैलाब, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा सावन के पावन महीने में हरिद्वार और गंगोत्री से जल लेकर लौट रहे लाखों डाक कांवड़ियों से मेरठ का एनएच 58 भगवामय हो गया है, जहां आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा करेंगे। पवित्र श्रावण मास के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंग गया है। हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। एनएच 58 पर अब डाक कांवड़ियों की तेज रफ्तार और भव्य जुलूस देखने को मिल रहे हैं, जिसे निहारने के लिए पूरे शहर के लोग सड़कों के किनारे जुट रहे हैं। इस पूरे मार्ग पर चारों तरफ भगवा झंडे और हर हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। कठिन परिश्रम के बीच अटूट आस्था और पैदल यात्रा सावन के इस पावन महीने में कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। शिव भक्तों का कहना है कि वे साल भर अपनी नौकरियों और आजीविका के कामों में कड़ी मेहनत करते हैं। जैसे ही श्रावण मास की शुरुआत होने वाली होती है, वे समय निकालकर हरिद्वार, गंगोत्री और ऋषिकेश के लिए रवाना हो जाते हैं। पवित्र नदियों से जल भरने के बाद ये श्रद्धालु पूरी यात्रा पैदल ही तय करते हैं और अपने गृह जनपदों के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। सैकड़ों किलोमीटर की इस लंबी और कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान का कोई नामोनिशान नजर नहीं आता। भक्ति और विश्वास का यह अनूठा संगम उन्हें रास्ते भर ऊर्जावान बनाए रखता है। एनएच 58 पर डीजे की धुन और मनमोहक धार्मिक झांकियां मेरठ से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 58 पर डाक कांवड़ की एक अलग ही रौनक दिखाई दे रही है। बड़ी बड़ी गाड़ियों पर सजे डीजे सिस्टम की भक्तिपूर्ण धुनों पर नाचते गाते युवा कांवड़िये निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। इस दौरान हाईवे पर भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों की अद्भुत झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। झांकियों में नंदी पर सवार भोले बाबा, उनका रौद्र महाकाल रूप, तथा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की प्रतिकृतियां सजाई गई हैं। इसके अलावा आदिशक्ति मां काली, भगवान जगन्नाथ और लड्डू गोपाल के मनमोहक स्वरूपों से सजी डाक कांवड़ भी देखने को मिल रही हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि महादेव की कृपा के कारण ही वे इतनी दूर से जल लाकर बिना रुके यात्रा पूरी करने में सफल होते हैं। लाखों श्रद्धालुओं का आगमन और मुख्यमंत्री द्वारा पुष्प वर्षा की तैयारी हर साल की तरह इस बार भी लाखों की संख्या में कांवड़िये मेरठ के रास्ते अपने गृह जिलों की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं के इस विशाल आगमन को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मेरठ पहुंच कर कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करेंगे। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हाईवे पर सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और पेयजल की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हो सके। इसका आप पर असर • भारत में: पवित्र श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा नियमों की जानकारी होना यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए बेहद जरूरी है। • मेरठ में: एनएच 58 से गुजरने वाले स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को कांवड़ मार्गों पर यातायात बदलावों का ध्यान रखना होगा और मुख्यमंत्री के पुष्प वर्षा कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। सवाल-जवाब 1. मेरठ में डाक कांवड़िये किस रास्ते से गुजर रहे हैं? डाक कांवड़िये हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री से जल लेकर मेरठ के नेशनल हाईवे 58 (एनएच 58) से होकर अपने गृह जनपदों की ओर बढ़ रहे हैं। 2. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कांवड़ियों के लिए क्या कार्यक्रम है? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मेरठ में एनएच 58 से गुजर रहे शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा करेंगे। 3. कांवड़ यात्रा के दौरान एनएच 58 पर किस तरह की झांकियां देखने को मिल रही हैं? एनएच 58 पर नंदी पर सवार भगवान शिव, महाकाल रूप, केदारनाथ, बद्रीनाथ, आदिशक्ति मां काली, भगवान जगन्नाथ और लड्डू गोपाल की आकर्षक झांकियां निकाली जा रही हैं। 4. कांवड़िये पवित्र गंगाजल कहां से ला रहे हैं? शिव भक्त हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री के पवित्र गंगा घाटों से जल भरकर अपने स्थानीय मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए ला रहे हैं। प्रेरणा और सबक • समर्पण और निष्ठा: साल भर की नियमित नौकरी और कठिन परिश्रम के बावजूद धार्मिक संकल्प के लिए समय निकालना। • शारीरिक व मानसिक सहनशीलता: सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के बाद भी बिना थकान महसूस किए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहना। • सामूहिक भक्ति और उत्साह: विभिन्न कलात्मक झांकियों और संगीत के माध्यम से अपनी यात्रा को आनंदमय और प्रेरणादायक बनाना। https://trendkia.com/religion/meerut-ke-nh-58-para-umara-daka-kanvariyon-ka-sailaba-mukhyamntri-yogi-adityanath-karenge-shiva-bhakton-para-pushpa-varsha-14973 TrendKia — Har trend, sabse pehle.