मंदिर के चढ़ावे में सेंध से दुखी महंत नृत्यगोपालदास ने दोषियों के लिए मांगी कड़ी सजा राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने चढ़ावा चोरी मामले पर पहली बार बयान देते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की, वहीं आज ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला हो सकता है। अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और आज इसी मुद्दे पर राम मंदिर ट्रस्ट की एक अहम बैठक होने वाली है। बैठक से ठीक पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास ने पहली बार इस पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है और कहा है कि मंदिर में हुई इस चोरी ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है। महंत नृत्यगोपालदास ने क्या कहा महंत नृत्यगोपालदास ने कहा कि श्रीराम लला सरकार के मंदिर से जुड़े दान की चोरी ने उन्हें बेहद आहत किया है। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी यह पाप किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले से जुड़े हर दोषी को सजा दिलाएंगे। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक चोरी का मामला नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा सवाल है। इसके साथ ही महंत नृत्यगोपालदास ने यह भी अपील की कि इस मामले को लेकर कोई भी व्यक्ति अपने निजी फायदे के लिए राजनीति न करे। आज ट्रस्ट की बैठक, इस्तीफों पर होगा फैसला चढ़ावा चोरी का मामला तूल पकड़ने के बाद आज राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर चर्चा होगी और आगे का रास्ता तय किया जाएगा। दोनों ने चोरी का मामला सामने आने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन अब तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। बैठक में इसी पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा यह जानकारी भी सामने आई है कि ट्रस्ट के लिए जल्द ही एक सीईओ की नियुक्ति भी की जा सकती है। 2020 में हुआ था ट्रस्ट का गठन गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन नवंबर 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फरवरी 2020 में हुआ था। शुरुआत में ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य शामिल थे, लेकिन इनमें से एक सदस्य का निधन हो चुका है, जिसके चलते अभी ट्रस्ट में 14 सदस्य ही बचे हैं। ट्रस्ट की बैठक आमतौर पर हर तीन महीने में होती है। इससे पहले पिछली बैठक 21 मार्च को हुई थी, जिसमें रामनवमी के आयोजन की तैयारियों पर चर्चा की गई थी। अब सबकी नजरें आज होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं, जिसमें यह तय होगा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या नहीं, और चढ़ावा चोरी के इस पूरे प्रकरण के बाद ट्रस्ट आगे किस दिशा में कदम बढ़ाएगा। इसका आप पर असर यह मामला सीधे तौर पर देशभर के राम भक्तों की आस्था और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता से जुड़ा है। • भारत में: करोड़ों राम भक्तों के लिए यह भरोसे का सवाल है कि मंदिर ट्रस्ट दान-चढ़ावे की सुरक्षा और प्रबंधन कितनी गंभीरता से संभालता है। • अयोध्या में: मंदिर ट्रस्ट के नेतृत्व, सुरक्षा व्यवस्था और महासचिव व ट्रस्टी के इस्तीफे पर आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले का सीधा असर पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर महंत नृत्यगोपालदास ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि इस चोरी से वे बेहद आहत हैं और जिसने भी यह पाप किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। 2. महंत नृत्यगोपालदास को किस पर भरोसा है कि दोषियों को सजा दिलाएंगे? उन्हें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है। 3. आज की ट्रस्ट बैठक में क्या फैसला हो सकता है? बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर विचार कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। 4. क्या राम मंदिर ट्रस्ट के लिए सीईओ नियुक्त किया जाएगा? यह जानकारी सामने आई है कि ट्रस्ट के लिए जल्द ही एक सीईओ की नियुक्ति हो सकती है। 5. राम मंदिर ट्रस्ट का गठन कब हुआ था? नवंबर 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद फरवरी 2020 में इसका गठन हुआ था। 6. ट्रस्ट में कुल कितने सदस्य हैं? शुरुआत में 15 सदस्य थे, लेकिन एक सदस्य के निधन के बाद अभी 14 सदस्य ही बचे हैं। 7. ट्रस्ट की बैठक कितने अंतराल पर होती है? ट्रस्ट की बैठक हर तीन महीने में होती है, पिछली बैठक 21 मार्च को रामनवमी की तैयारियों को लेकर हुई थी। 8. चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा कब दिया था? चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद दोनों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया गया है। https://trendkia.com/religion/mndira-ke-charhave-men-sendha-se-dukhi-mahant-nritya-gopal-das-ne-doshiyon-ke-lie-mangi-kari-saja-5192 TrendKia — Har trend, sabse pehle.