मुकेश अंबानी परिवार सहित लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे, बप्पा के चरणों में टेका माथा गणेशोत्सव के पावन अवसर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने अपने परिवार के साथ मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन किए। उनके साथ अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट ने भी विधि-विधान से आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुंबई में गणेशोत्सव की धूम के बीच देश के जाने-माने उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी गुरुवार शाम को लालबागचा राजा के पंडाल में पहुंचे। उनके साथ उनके छोटे बेटे अनंत अंबानी और बहू राधिका मर्चेंट भी मौजूद रहे। जैसे ही अंबानी परिवार पंडाल के अंदर दाखिल हुआ, सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए थे। परिवार के सभी सदस्यों ने बप्पा के दर्शन किए और विधिवत आरती उतारकर देश और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान अनंत और राधिका पारंपरिक परिधानों में नजर आए, जबकि मंडल के पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और उन्हें प्रसाद भेंट किया। मन्नत के राजा के रूप में प्रसिद्ध है लालबागचा राजा दरबार मुंबई के इस ऐतिहासिक पंडाल में गणेशोत्सव के दौरान दर्शन पाने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है और लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। मन्नत पूरी करने वाले इस ‘नवसाचा गणपति’ के दरबार में आम लोगों से लेकर देश की तमाम बड़ी हस्तियां आशीर्वाद लेने पहुंचती हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार मोदक और दूर्वा के साथ-साथ सोने और चांदी के कीमती आभूषण भी बप्पा को अर्पित करते हैं। इस साल इस भव्य पंडाल को महाकाल मंदिर की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया है, जो आने वाले भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दशकों पुरानी परंपरा और कांबली परिवार का योगदान लालबागचा राजा के इस ऐतिहासिक दरबार की स्थापना साल 1934 में स्थानीय मछुआरा समुदाय और व्यापारियों द्वारा मिलकर की गई थी। समय के साथ यह उत्सव मुंबई का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सार्वजनिक गणेशोत्सव बन गया। इस भव्य और चमत्कारी प्रतिमा को आकार देने का काम कांबली परिवार पीढ़ियों से पूरी निष्ठा के साथ निभाता आ रहा है। गणेशोत्सव के इन दिनों में यहां आने वाले हर भक्त की श्रद्धा और उत्साह देखते ही बनता है, जहां हर कोई बप्पा के एक झलक पाने के लिए बेताब रहता है। इसका आप पर असर लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान भारी भीड़ और वीवीआईपी मूवमेंट के कारण स्थानीय स्तर पर आवाजाही और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। • मुंबई में: लालबागचा राजा पंडाल के आसपास भारी भीड़ के चलते ट्रैफिक रूट में बदलाव किए जा सकते हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ सकता है। • भारत में: देश भर से गणेशोत्सव के दौरान मुंबई आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भारी जनसैलाब के बीच अपनी यात्रा की योजना पहले से तैयार करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ लालबागचा राजा के दरबार में श्रद्धालुओं की यह भारी भीड़ और हस्तियों का पहुंचना इस ऐतिहासिक उत्सव की गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है। • ऐतिहासिक परंपरा: साल 1934 से चली आ रही इस परंपरा में हर साल स्थानीय लोगों और व्यापारियों के सहयोग से गणेशोत्सव का आयोजन किया जाता है। • मन्नत का प्रतीक: इस गणपति को ‘नवसाचा गणपति’ यानी मन्नत पूरी करने वाला माना जाता है, जिसके कारण देश भर के लोग यहां अपनी मनोकामनाएं मांगने आते हैं। • आकर्षक थीम: इस साल महाकाल मंदिर की थीम पर पंडाल की भव्य सजावट ने आगंतुकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण को और बढ़ा दिया है। सवाल-जवाब 1. मुकेश अंबानी लालबागचा राजा के दर्शन करने कब पहुंचे? मुकेश अंबानी गुरुवार शाम को अपने परिवार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे। 2. मुकेश अंबानी के साथ कौन-कौन मौजूद था? उनके साथ उनके छोटे बेटे अनंत अंबानी और बहू राधिका मर्चेंट भी मौजूद थीं। 3. लालबागचा राजा का पंडाल किस थीम पर सजाया गया है? इस साल लालबागचा राजा के पंडाल को महाकाल मंदिर की थीम पर सजाया गया है। 4. लालबागचा राजा की स्थापना कब हुई थी? इस ऐतिहासिक दरबार की स्थापना साल 1934 में स्थानीय मछुआरा समुदाय और व्यापारियों द्वारा की गई थी। 5. लालबागचा राजा की प्रतिमा कौन तैयार करता है? लालबागचा राजा की प्रतिमा को कांबली परिवार पीढ़ियों से आकार देता आ रहा है। https://trendkia.com/religion/mukesha-anbani-parivara-sahita-lalbagcha-raja-ke-darabara-pahunche-bappa-ke-charanon-men-teka-matha-33042 TrendKia — Har trend, sabse pehle.