मूर्तिकारों के लिए दो टूक: भोपाल में शास्त्रों से अलग मूर्ति बनी तो सीधे होगी कानूनी कार्रवाई भोपाल की हिंदू उत्सव समिति ने मूर्तिकारों और पूजा समितियों को चेतावनी दी है कि गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव में AI से बनी या काल्पनिक मूर्तियां लगीं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी. भोपाल में हिंदू उत्सव समिति की एक अहम बैठक में साफ कर दिया गया कि देवी-देवताओं के पारंपरिक स्वरूप में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समिति का कहना है कि आधुनिक तकनीक अपनी जगह ठीक है, लेकिन आस्था से जुड़े प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूप के साथ प्रयोग करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है. चेतावनी: गणेश और दुर्गा उत्सव में AI वाली मूर्तियां नहीं चलेंगी समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मूर्तिकारों और अलग-अलग पूजा समितियों को सीधी चेतावनी दी है. उनका कहना है कि आने वाले गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव में अगर कहीं भी AI की मदद से बनी या मनगढ़ंत प्रतिमाएं स्थापित हुईं, तो समिति संबंधित मूर्तिकारों और आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने समेत कानूनी कार्रवाई की मांग करेगी. तिवारी के मुताबिक पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया और इंटरनेट पर AI की मदद से बनाई गई देवी-देवताओं की कई नई और अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं, जिन पर समिति ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. शास्त्रों में तय है देवी-देवताओं का स्वरूप, बदलाव की गुंजाइश नहीं चंद्रशेखर तिवारी का तर्क है कि देवी-देवताओं के स्वरूप शास्त्रों और सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं में पहले से तय हैं. ऐसे में सिर्फ आधुनिक दिखने या ज्यादा आकर्षक बनाने के नाम पर उनका रूप बदलना धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ माना जाएगा. उन्होंने भोपाल समेत सभी जगहों की गणेश और दुर्गा पूजा समितियों से अपील की है कि पंडालों में सिर्फ वही मूर्तियां लगाई जाएं, जिनका जिक्र धार्मिक ग्रंथों और सनातन परंपरा में मिलता है. मूर्तिकारों से अपील, कमाई के लिए आस्था से समझौता न करें समिति ने मूर्तिकारों से भी सीधी अपील की है कि वे व्यावसायिक फायदे के लिए धार्मिक आस्था के साथ समझौता न करें और परंपरागत मूर्तिकला की गरिमा बनाए रखें. समिति के मुताबिक त्योहार सिर्फ उत्सव मनाने का मौका नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था को आगे तक बचाए रखने का जरिया भी है. फिलहाल सिर्फ चेतावनी, कार्रवाई का फैसला प्रशासन पर गौरतलब है कि यह पूरा बयान अभी हिंदू उत्सव समिति की तरफ से जारी अपील और चेतावनी भर है. अगर कोई मूर्तिकार या आयोजक AI से बनी प्रतिमा स्थापित करता है, तो उसके खिलाफ किस तरह की कानूनी कार्रवाई होगी, यह फैसला मौजूदा कानूनों के तहत संबंधित प्रशासन और पुलिस को ही करना होगा. इसका आप पर असर • भारत में: अगर यह मांग आगे बढ़ती है तो देशभर के मूर्तिकारों और पूजा आयोजकों को गणेश-दुर्गा प्रतिमाएं बनाते समय शास्त्रों में बताए गए पारंपरिक स्वरूप का ही पालन करना पड़ सकता है, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. • भोपाल में: भोपाल के मूर्तिकारों और पूजा समितियों को इस साल गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव के लिए मूर्ति ऑर्डर देते समय समिति की इस चेतावनी का सीधा असर झेलना पड़ सकता है, इसलिए डिजाइन को लेकर उन्हें अभी से सतर्क रहना होगा. सवाल-जवाब 1. यह चेतावनी किसने जारी की है? भोपाल की हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मूर्तिकारों और पूजा समितियों को यह चेतावनी दी है. 2. समिति को किस बात पर आपत्ति है? समिति को सोशल मीडिया और इंटरनेट पर AI की मदद से बनाई गई देवी-देवताओं की नई और अलग-अलग तस्वीरों तथा प्रतिमाओं पर आपत्ति है. 3. अगर कोई AI वाली मूर्ति स्थापित करता है तो क्या होगा? समिति ने कहा है कि ऐसे मूर्तिकारों और आयोजकों के खिलाफ वह FIR दर्ज कराने समेत कानूनी कार्रवाई की मांग करेगी. 4. यह चेतावनी किन त्योहारों को लेकर दी गई है? यह चेतावनी आने वाले गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव को ध्यान में रखकर दी गई है. 5. क्या यह सीधे तौर पर कानूनी कार्रवाई है? नहीं, फिलहाल यह सिर्फ समिति की तरफ से जारी अपील और चेतावनी है, असली कार्रवाई का फैसला संबंधित प्रशासन और पुलिस को करना होगा. 6. समिति मूर्तिकारों से क्या अपील करती है? समिति मूर्तिकारों से अपील करती है कि वे व्यावसायिक फायदे के लिए धार्मिक आस्था से समझौता न करें और परंपरागत मूर्तिकला की गरिमा बनाए रखें. https://trendkia.com/religion/murtikaron-ke-lie-do-tuka-bhopal-men-shastron-se-alaga-murti-bani-to-sidhe-hogi-kanuni-karravai-5164 TrendKia — Har trend, sabse pehle.