# नवरात्रि में कैसे सजाएं मां दुर्गा की चौकी, वास्तु दिशा और अखंड ज्योत के जरूरी नियम

> शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की चौकी स्थापित करते समय वास्तु शास्त्र के नियमों, सही दिशा और अखंड ज्योत की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-10-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/navaratri-men-kaise-sajaen-man-durga-ki-chauki-vastu-disha-aura-akhand-jyot-ke-jaruri-niyama-43741 · **Language:** Hindi
**Tags:** शारदीय नवरात्रि 2026, माता की चौकी, वास्तु शास्त्र, अखंड ज्योत, पूजा नियम, ईशान कोण

शारदीय नवरात्रि के नौ पावन दिनों के दौरान घरों में कलश स्थापना के साथ माता की चौकी सजाने की परंपरा निभाई जाती है। धार्मिक विधान के अनुसार पूजा स्थल की रूपरेखा, दिशा और साफ-सफाई से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम तय किए गए हैं। यदि माता की चौकी स्थापित करने में उचित वास्तु दिशा, शुद्धता और अखंड दीप के रखरखाव का ध्यान न रखा जाए, तो पूजा व्यवस्था अधूरी रह सकती है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार पूजा अनुष्ठान को विधिपूर्वक संपन्न करने के लिए चौकी सजावट से जुड़े इन दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है।

## शारदीय नवरात्रि 2026 की तिथियां और समय सारिणी
धार्मिक पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। वर्ष 2026 में नवरात्रि का महापर्व 11 अक्टूबर, रविवार के दिन से आरंभ हो रहा है। नौ दिनों की आराधना का यह पर्व 19 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा। नवरात्रि के समापन के ठीक अगले दिन यानी 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

## माता की चौकी के लिए सही दिशा का चयन
वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के मुताबिक घर का उत्तर-पूर्व कोना, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, देव पूजन और आध्यात्मिक कार्यों के लिए सबसे उत्तम क्षेत्र माना गया है। इसी कारण माता की चौकी को स्थापित करने के लिए पहली प्राथमिकता ईशान कोण को ही देनी चाहिए। यदि घर में स्थान की कमी के चलते उत्तर-पूर्व में चौकी लगाना संभव न हो, तो उत्तर अथवा पूर्व दिशा को विकल्प के रूप में चुन सकते हैं। इसके अतिरिक्त इस बात का भी पूरा प्रबंध करें कि पूजा अर्चना करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर ही रहे।

## पूजा स्थल की स्वच्छता और चौकी की सजावट
माता की चौकी स्थापित करने से पहले निर्धारित स्थान को भली-भांति साफ और पवित्र करना चाहिए। लकड़ी से बनी एक मजबूत चौकी लेकर उस पर एकदम नया अथवा साफ लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। इसके पश्चात ही उस पर मां दुर्गा की पावन प्रतिमा अथवा चित्र को आदरपूर्वक विराजमान करें। पूजा क्षेत्र की मर्यादा और सात्विकता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करें कि चौकी के समीप जूते, चप्पल, झाड़ू या किसी भी तरह का पुराना कबाड़ बिल्कुल न रखा हो।

## पूजा सामग्री और मूर्तियों की शुद्धता
माता की चौकी पर उपयोग में लाई जाने वाली प्रत्येक वस्तु का दोषरहित होना अनिवार्य है। स्थापित की जाने वाली देवी की प्रतिमा, तस्वीर और कलश पूरी तरह स्वच्छ और उत्तम दशा में होने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा वेदी पर किसी भी प्रकार की टूटी हुई अथवा खंडित मूर्ति या सामग्री रखना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए चौकी सजाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही सभी पूजन सामग्रियों की बारीकी से जांच कर लें।

## अखंड ज्योत की स्थापना और सुरक्षा सावधानियां
यदि आपने नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक निरंतर अखंड ज्योत प्रज्वलित रखने का संकल्प लिया है, तो उसके स्थान चयन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। जलते हुए दीपक को खिड़की के पर्दों, कागजों, कपड़ों या किसी भी अन्य प्रकार की ज्वलनशील वस्तुओं से काफी दूरी पर स्थापित करें। अखंड दीप को ऐसे सुरक्षित स्थान पर रखें जहां सीधे तेज हवा के झोंके न आते हों और उसके चारों ओर पर्याप्त खाली स्थान उपलब्ध हो ताकि किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका न रहे।

## ताजे फूलों का अर्पण और चौकी का स्थान
देवी दुर्गा की उपासना में नित्य ताजे पुष्प अर्पित करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। चौकी पर चढ़ाए गए फूल जब बासी या सूखे हो जाएं, तो उन्हें लंबे समय तक वहीं न पड़े रहने दें। ऐसे सूखे फूलों को नियमित समय पर वहां से हटाकर चौकी और पूजा स्थल को सुव्यवस्थित बनाए रखना चाहिए। इसके साथ ही माता की चौकी को घर के ऐसे शांत हिस्से में स्थापित करना चाहिए जहां लोगों की बेवजह भागदौड़ या अत्यधिक आवाजाही न हो।

## इसका आप पर असर
नवरात्रि में घर पर माता की चौकी सजाने वाले श्रद्धालुओं को सही दिशा, सामग्री और अग्नि सुरक्षा के बुनियादी नियमों की सीधी जानकारी मिलती है।

- **पूजा की दिशा:** चौकी को घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में ही स्थापित करने की सलाह दी जाती है। इससे पूजा के दौरान उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना सहज हो जाता है।
- **अग्नि सुरक्षा:** अखंड ज्योत को पर्दे, कपड़े और अन्य ज्वलनशील चीजों से पूरी तरह दूर रखना जरूरी है। तेज हवा से बचाकर रखने पर नौ दिनों तक दीपक बिना किसी खतरे के सुरक्षित जलता रहता है।
- **सामग्री की जांच:** पूजा में किसी भी टूटी या खंडित मूर्ति और कलश का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। चौकी सजाने से पहले सभी सामग्रियों की शुद्धता जांच लेने से धार्मिक नियमों का पालन सुनिश्चित होता है।
- **घर की व्यवस्था:** पूजा स्थल के आसपास झाड़ू, जूते और कबाड़ जैसी चीजें नहीं होनी चाहिए। इससे घर का आध्यात्मिक वातावरण व्यवस्थित और स्वच्छ बना रहता है।

## ऐसा क्यों हुआ
नवरात्रि के दौरान माता की चौकी और अखंड ज्योत स्थापित करने के नियम धार्मिक मान्यताओं और वास्तु सिद्धांतों के आधार पर तय किए गए हैं।

- **ईशान कोण का महत्व:** वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है। इसी कारण अधिकांश पूजा अनुष्ठानों के लिए ईशान कोण, पूर्व या उत्तर दिशा को प्राथमिकता दी जाती है।
- **अखंड ज्योत की संवेदनशीलता:** नौ दिनों तक लगातार दीपक जलाने का धार्मिक संकल्प रहने के कारण आग की सुरक्षा सबसे बड़ा कारण बन जाती है। तेज हवा या पास में कपड़ा होने से दीप बुझने अथवा आग फैलने का जोखिम रहता है।
- **शुद्धता की धार्मिक परंपरा:** सनातन परंपरा में खंडित मूर्तियों या बासी फूलों को पूजा में रखना वर्जित माना गया है। यही कारण है कि चौकी पर केवल ताजे पुष्प और दोषरहित सामग्री ही सजाने का विधान है।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि कब से शुरू होगी?
वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगी और 19 अक्टूबर को समाप्त होगी।

### 2. दशहरा का पर्व किस तारीख को मनाया जाएगा?
नवरात्रि की समाप्ति के अगले दिन 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा मनाया जाएगा।

### 3. वास्तु के अनुसार माता की चौकी किस दिशा में लगानी चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार माता की चौकी घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना सबसे शुभ होता है, या फिर उत्तर अथवा पूर्व दिशा चुनी जा सकती है।

### 4. पूजा करते समय व्यक्ति का मुख किस दिशा में होना चाहिए?
पूजा करते समय व्यक्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

### 5. चौकी पर किस रंग का कपड़ा बिछाना चाहिए?
लकड़ी की चौकी पर साफ लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाना चाहिए।

### 6. अखंड ज्योत रखते समय किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?
अखंड ज्योत को पर्दे, कपड़े और कागजों जैसी ज्वलनशील चीजों से दूर तथा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां तेज हवा न आती हो।

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