रक्षाबंधन पर भाइयों के साथ इन देवी-देवताओं को भी राखी बांधना बेहद शुभ, जानिए किसे कौन सा रंग अर्पित करें रक्षाबंधन के पावन पर्व पर केवल भाइयों ही नहीं, बल्कि भगवान शिव, गणेश, हनुमान और श्रीकृष्ण को भी राखी बांधने की परंपरा है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है। सनातन धर्म में रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस खास दिन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनकी लंबी आयु, बेहतर स्वास्थ्य तथा खुशहाल भविष्य की प्रार्थना करती हैं। हालांकि, धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस दिन केवल इंसानों तक ही यह रस्म सीमित नहीं रहती, बल्कि देवी-देवताओं को भी राखी अर्पित करने का विधान है। ऐसा करने से भक्तों पर ईश्वर की विशेष कृपा बरसती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम का कहना है कि जिन युवतियों या महिलाओं के भाई नहीं हैं, वे अपने इष्ट देव को ही अपना भाई मानकर उन्हें राखी बांध सकती हैं और इस पर्व का पूरा आनंद ले सकती हैं। इसके अलावा, जिन लोगों के भाई हैं, वे भी यदि चाहें तो देवी-देवताओं को रक्षा सूत्र बांध सकते हैं, जिसे बेहद शुभ फलदायी माना गया है। भगवान शिव को अर्पित करें हरी राखी श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर ही रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस समय भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में लीन रहते हैं, और ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान संसार के संचालन का जिम्मा भगवान शिव के पास आ जाता है। यही वजह है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महादेव यानी भगवान शिव को हरे रंग की राखी बांधना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस विधि से पूजा करने पर जीवन में सुख, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति होती है। गणेश जी और हनुमान जी को रक्षा सूत्र बांधने के लाभ हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को सभी विघ्नों को हरने वाला और किसी भी कार्य में सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता के रूप में स्थान प्राप्त है। परंपरा के अनुसार, भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले भगवान गणेश को रक्षा सूत्र अर्पित करना बहुत अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन के तमाम संकट और बाधाएं समाप्त होती हैं तथा हर शुभ कार्य में सफलता हासिल होती है। वहीं दूसरी ओर, बजरंगबली हनुमान जी को असीम शक्ति, साहस और संकटमोचन के रूप में पूजा जाता है। हनुमान जी को राखी अर्पित करने से साधक को आंतरिक बल और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, इससे नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर से भी बचाव की कामना पूरी होती है. भगवान श्रीकृष्ण को राखी बांधने की परंपरा अनेक कन्याएं रक्षाबंधन के खास मौके पर जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण को भी प्रेमवश राखी बांधती हैं। पौराणिक कथाओं और प्रसंगों में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के बीच के पवित्र भाई-बहन जैसे स्नेह और रक्षा के अटूट बंधन का जिक्र मिलता है। इसी गहरी भावना के साथ भक्तगण भगवान श्रीकृष्ण को रक्षा सूत्र चढ़ाकर उनकी कृपा और जीवनभर अपनी रक्षा का आशीर्वाद मांगते हैं। पंडित कल्कि राम के अनुसार, रक्षाबंधन का यह पर्व महज एक धागे को भाई की कलाई पर सजाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से सुरक्षा, अटूट प्रेम और गहरी आस्था का उत्सव है। इसलिए इस पावन दिन पर अपने आराध्य देवी-देवताओं को भी पूरी श्रद्धा के साथ रक्षा सूत्र अर्पित करके उनका आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करना चाहिए। इसका आप पर असर भारत में: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहनों के साथ-साथ देवी-देवताओं को भी रक्षा सूत्र अर्पित करने से धार्मिक आस्था और मानसिक शांति मिलती है, जिससे देश भर के श्रद्धालुओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सवाल-जवाब 1. रक्षाबंधन पर देवी-देवताओं को राखी क्यों बांधी जाती है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी-देवताओं को राखी बांधने से भक्तों को ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। 2. जिन महिलाओं के भाई नहीं हैं, वे रक्षाबंधन कैसे मना सकती हैं? जिन बहनों के भाई नहीं हैं, वे अपने इष्ट देवता को भाई मानकर उन्हें राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकती हैं। 3. भगवान शिव को किस रंग की राखी बांधना शुभ माना जाता है? रक्षाबंधन पर भगवान शिव को हरे रंग की राखी बांधना शुभ माना जाता है, जिससे सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। 4. भगवान गणेश को राखी बांधने से क्या लाभ मिलता है? गणेश जी को राखी अर्पित करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और शुभ कार्यों में सफलता का आशीर्वाद मिलता है। 5. हनुमान जी को रक्षा सूत्र बांधने से क्या प्राप्त होता है? भगवान हनुमान को राखी अर्पित करने से भक्त को बल और आत्मविश्वास प्राप्त होता है तथा नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। https://trendkia.com/religion/raksha-bandhan-par-bhaiyon-ke-sath-in-devi-devataon-ko-bhi-rakhi-bandhna-behad-shubh-20566 TrendKia — Har trend, sabse pehle.