# सागर के खेजरा गांव में बना महाकाल मंदिर, सावन में हर दिन भस्म आरती देखने उमड़ रहे भक्त

> मध्य प्रदेश के सागर जिले के खेजरा गांव में उज्जैन जैसा महाकाल मंदिर बना है, जहां सावन के महीने में रोजाना भस्म आरती हो रही है और हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-08-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/sagar-ke-khejra-ganva-men-bana-mahakal-mndira-savana-men-hara-dina-bhasma-arati-dekhane-umara-rahe-bhakta-13652 · **Language:** Hindi
**Tags:** महाकाल मंदिर, सागर, खेजरा गांव, सावन, भस्म आरती, बुंदेलखंड, उज्जैन महाकालेश्वर, पालकी यात्रा

मध्य प्रदेश के सागर जिले के श्रद्धालुओं को अब मनोकामना पूर्ति के लिए उज्जैन तक का सफर तय करने की जरूरत उतनी नहीं रह गई है। सागर मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 44 के पास बसे खेजरा गांव में बाबा महाकाल का एक भव्य मंदिर बनाया गया है, जो हूबहू उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। सावन के महीने में यहां हर दिन उज्जैन जैसी ही भस्म आरती हो रही है और रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

## मंदिर की बनावट और स्थान
खेजरा गांव का यह मंदिर सागर से जुड़े नेशनल हाईवे 44 के बिल्कुल करीब है, जिससे आवागमन आसान हो जाता है। मंदिर की संरचना, महाकाल की मूर्ति और प्रवेश द्वार, सभी उज्जैन के मूल मंदिर से काफी मिलते जुलते बनाए गए हैं, ताकि जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं पहुंच पाते, वे यहीं महाकाल के दर्शन का अनुभव कर सकें।

## सावन में खास दर्शन व्यवस्था
मंदिर के पुजारी हिमांशु तिवारी के अनुसार सावन के महीने में मंदिर की खास सजावट की गई है और दर्शनार्थियों के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। महिलाओं के लिए अलग लाइन और पुरुषों के लिए अलग लाइन रखी गई है। यहां आने वाले श्रद्धालु सीधे गर्भ गृह तक पहुंचकर खुद बाबा महाकाल का पूजन अर्चन कर सकते हैं, जो इस मंदिर की एक बड़ी खासियत मानी जा रही है।

## उज्जैन की तरह हर दिन भस्म आरती
इस मंदिर में सावन के महीने में बिल्कुल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तरह ही रोजाना भस्म आरती की जा रही है। रात में करीब दो से तीन घंटे तक बाबा का श्रृंगार चलता है, इसके बाद सुबह साढ़े तीन बजे से भस्म आरती शुरू होती है। सुबह साढ़े चार बजे भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाते हैं और फिर दिनभर दर्शन का सिलसिला चलता रहता है। सुबह और शाम, दिन में दो बार बाबा महाकाल का अभिषेक भी किया जा रहा है।

## तीसरे सोमवार को निकलेगी पालकी यात्रा
हिमांशु तिवारी बताते हैं कि हर साल की तरह इस बार भी सावन के तीसरे सोमवार को बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर हजारों भक्तों के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे। यह यात्रा क्षेत्र के लोगों के लिए सावन की सबसे बड़ी धार्मिक गतिविधियों में गिनी जाती है।

## 52 फीट का मंदिर, भविष्य में होगा 96 फीट ऊंचा
खेजरा धाम में बाबा महाकाल की स्थापना करने वाले मुख्य पुजारी महेश तिवारी गुरुजी के अनुसार उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर बनाया गया यह मंदिर फिलहाल 52 फीट ऊंचा है, लेकिन इसका विस्तार लगातार जारी है और भविष्य में इसकी ऊंचाई 96 फीट तक पहुंचाई जाएगी। उनके मुताबिक मंदिर का जो भी निर्माण कार्य अब तक हुआ है, वह पुष्य नक्षत्र में ही संपन्न किया जाता है, इसलिए काम थोड़ा थोड़ा करके हो पा रहा है और इसमें समय भी ज्यादा लग रहा है।

## दर्शन मात्र से चार दोषों का निवारण
मान्यता है कि बाबा महाकाल के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं के चार तरह के दोष, दैहिक, दैविक, तापिक और भौतिक, दूर हो जाते हैं। यही वजह है कि सावन के महीने में बुंदेलखंड के इस महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

## इसका आप पर असर
अगर आप बुंदेलखंड इलाके से हैं या सावन में महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं तो यह खबर आपके काम की है।

- **भारत में:** जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं पहुंच पाते, वे अब अपने नजदीकी इस मंदिर में उज्जैन जैसी भस्म आरती और पूजा व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं।
- **सागर में:** सागर मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर खेजरा गांव में सुबह 3:30 बजे भस्म आरती और 4:30 बजे दर्शन शुरू हो जाते हैं, इसलिए स्थानीय श्रद्धालु सावन के तीसरे सोमवार की पालकी यात्रा और रोजाना के अभिषेक में आसानी से शामिल हो सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. यह मंदिर कहां स्थित है?
सागर मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे 44 के पास खेजरा गांव में यह मंदिर स्थित है।

### 2. मंदिर की ऊंचाई कितनी है?
फिलहाल मंदिर 52 फीट ऊंचा है, भविष्य में इसे बढ़ाकर 96 फीट तक किया जाएगा।

### 3. भस्म आरती किस समय होती है?
रात में दो-तीन घंटे श्रृंगार के बाद सुबह साढ़े तीन बजे से भस्म आरती होती है और साढ़े चार बजे भक्तों के दर्शन के लिए पट खोल दिए जाते हैं।

### 4. यह मंदिर किसने स्थापित किया?
खेजरा धाम में बाबा महाकाल की स्थापना मुख्य पुजारी महेश तिवारी गुरुजी ने की थी।

### 5. पालकी यात्रा कब निकलती है?
हर साल की तरह इस साल भी सावन के तीसरे सोमवार को बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकलेगी।

### 6. मंदिर का निर्माण कार्य धीरे-धीरे क्यों हो रहा है?
क्योंकि मंदिर का निर्माण कार्य केवल पुष्य नक्षत्र में ही किया जाता है, इसलिए काम थोड़ा-थोड़ा करके होता है।

### 7. बाबा महाकाल के दर्शन से क्या लाभ माना जाता है?
मान्यता है कि दर्शन मात्र से दैहिक, दैविक, तापिक और भौतिक, इन चार तरह के दोषों का निवारण होता है।

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