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  "title": "सावन से पहले आषाढ़ की मासिक शिवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए पूजा की सही तारीख",
  "summary": "आषाढ़ मास की मासिक शिवरात्रि की तिथि को लेकर बना असमंजस अब दूर हो गया है, इस बार निशिता काल के हिसाब से व्रत और पूजा 12 जुलाई को रखी जाएगी और इसी दिन वृद्धि व ध्रुव योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है।",
  "content": "हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर आने वाली मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ मानी जाती है, और इस बार आषाढ़ मास की यह शिवरात्रि खास संयोगों के साथ आ रही है। भक्त इस दिन व्रत रखकर विधि विधान से भोलेनाथ का अभिषेक और पूजन करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से महादेव प्रसन्न होते हैं, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि आती है। ऐसा भी माना जाता है कि शिवजी की कृपा से जीवन की तमाम बाधाएं, कष्ट और नकारात्मकता दूर हो जाती है। उज्जैन के जाने माने ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने इस बार की मासिक शिवरात्रि की सही तारीख, बनने वाले शुभ योग और व्रत के लाभों को लेकर विस्तार से जानकारी दी है।\n\n12 जुलाई को रखा जाएगा व्रत\nवैदिक पंचांग के मुताबिक आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 12 जुलाई की रात 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 13 जुलाई की शाम 6 बजकर 49 मिनट पर होगा। चूंकि मासिक शिवरात्रि का व्रत निशिता काल यानी मध्यरात्रि के समय को ध्यान में रखकर तय किया जाता है, इसलिए चतुर्दशी तिथि रात में लगने की वजह से यह व्रत 12 जुलाई, रविवार के दिन ही रखा जाएगा।\n\nवृद्धि और ध्रुव योग का बन रहा दुर्लभ संयोग\nइस बार की मासिक शिवरात्रि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन एक साथ दो शुभ योग बन रहे हैं। 12 जुलाई को सुबह से लेकर रात तक वृद्धि योग रहेगा, और इसके समाप्त होते ही ध्रुव योग शुरू हो जाएगा, जो अगले दिन यानी 13 जुलाई की शाम करीब 4 बजे तक बना रहेगा। ज्योतिष में वृद्धि और ध्रुव, दोनों ही योगों को शुभ कार्यों के लिए बेहद फलदायी माना जाता है, इसलिए इस दिन की गई पूजा का असर और भी बढ़ जाता है।\n\nपूजा विधि और मंत्रों का महत्व\nआचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार शिव मंत्रों का जाप शिवालय में बैठकर या फिर घर के पूर्व दिशा वाले हिस्से में बैठकर करना ज्यादा फलदायी माना गया है। पूजा पूरी होने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर फिर स्वयं भोजन ग्रहण करने की परंपरा है। पूजा में शिव से जुड़े इन मंत्रों का जाप विशेष रूप से किया जाता है, ॐ त्रिदलं त्रिगुणाकारम त्रिनेत्रम च त्रिधायुतम्। त्रिजन्म पाप संहारम एक बिल्व शिवार्पणम।। इसके साथ ही ॐ शिवाय नमः, ॐ सर्वात्मने नमः, ॐ त्रिनेत्राय नमः, ऊं हराय नमः और ॐ इन्द्रमुखाय नमः जैसे मंत्रों का भी जाप किया जाता है।\n\nश्रद्धा से व्रत रखने पर मिलता है यह फल\nमान्यता है कि जो भक्त इस व्रत को पूरी श्रद्धा और भाव से करता है, उसके माता पिता के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और खुद उसके भी सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इस व्रत की महिमा ऐसी बताई गई है कि इसे करने वाला व्यक्ति दीर्घायु, ऐश्वर्य, अच्छी सेहत और संतान जैसे सुख प्राप्त करता है। यह भी माना जाता है कि इस व्रत को पूरे विधि विधान से करने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयह तिथि सीधे तौर पर धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ी है, इसलिए इसका असर आस्था और पूजा पद्धति तक सीमित है।\n\n• भारत में: देश भर के शिव भक्तों को व्रत और पूजा की सही तारीख 12 जुलाई मालूम होने से कन्फ्यूजन दूर होगा और वे समय पर तैयारी कर सकेंगे।\n• उज्जैन में: शिव भक्ति के प्रमुख केंद्र उज्जैन में इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा और अभिषेक की तैयारी बढ़ जाएगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आषाढ़ मास की मासिक शिवरात्रि कब मनाई जाएगी?\nनिशिता काल के हिसाब से यह व्रत 12 जुलाई, रविवार को रखा जाएगा।\n\n2. चतुर्दशी तिथि कब शुरू और कब खत्म होगी?\nचतुर्दशी तिथि 12 जुलाई रात 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 13 जुलाई शाम 6 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी।\n\n3. इस बार की शिवरात्रि पर कौन से शुभ योग बन रहे हैं?\n12 जुलाई को सुबह से रात तक वृद्धि योग रहेगा, उसके बाद ध्रुव योग शुरू होगा जो 13 जुलाई शाम करीब 4 बजे तक रहेगा।\n\n4. शिव मंत्रों का जाप करने का सही तरीका क्या है?\nशिवालय में या घर की पूर्व दिशा में बैठकर शिव मंत्रों का जाप करना ज्यादा फलदायी माना जाता है।\n\n5. मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से क्या लाभ मिलते हैं?\nमान्यता है कि इससे माता पिता के पाप नष्ट होते हैं, खुद के कष्ट दूर होते हैं और दीर्घायु, ऐश्वर्य, आरोग्य व संतान जैसे सुख मिलते हैं।\n\n6. यह जानकारी किसने दी है?\nउज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने तिथि, शुभ योग और व्रत के लाभों की जानकारी दी है।",
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  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-07-06",
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