सावन 2025: काशी विश्वनाथ धाम में उमड़े शिवभक्त, तीन किलोमीटर लंबी कतार और पुष्पवर्षा के बीच गूंजे जयकारे सावन के पहले सोमवार पर वाराणसी में शिवभक्तों का भारी सैलाब उमड़ा है। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए तीन किलोमीटर लंबी कतार लगी है और अधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया है। वाराणसी का कोना-कोना इस समय पूरी तरह से शिव की भक्ति में सराबोर नजर आ रहा है। सावन के पहले सोमवार के मौके पर देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए अहले सुबह से ही लंबी लाइनों में खड़े हैं। मंदिर परिसर के आसपास का पूरा इलाका केसरिया रंग में रंगा हुआ दिखाई दे रहा है और चारों तरफ केवल हर हर महादेव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। प्रशासन ने इस बड़े आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए खास इंतजाम किए हैं, जिससे भक्तों को दर्शन पाने में आसानी हो सके। श्रद्धालुओं पर बरसाए गए फूल भोर के वक्त मंगला आरती संपन्न होने के बाद मंदिर के कपाट आम जनता के लिए खोल दिए गए। भक्तों के इस भारी उत्साह का स्वागत करने के लिए अधिकारियों ने अनूठी पहल की। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार और मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वभूषण मिश्र समेत कई प्रमुख अधिकारियों ने मंदिर परिसर में कतारबद्ध खड़े शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की। इस तरह के भव्य स्वागत से दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु बेहद भावुक और प्रसन्न नजर आए। सुरक्षा और प्रवेश के कड़े इंतजाम मंदिर प्रशासन के अनुसार मंगला आरती के बाद से ही बाबा के झांकी दर्शन का सिलसिला अनवरत चल रहा है। इस बार भीड़ को नियंत्रित करने और सुगमता से प्रवेश देने के लिए कुल पांच एंट्री पॉइंट निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है, जिनके लिए गोदौलिया और मैदागिन क्षेत्रों से विशेष बैटरी कारें चलाई जा रही हैं। यातायात को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से मंदिर के आसपास के तीन किलोमीटर के पूरे दायरे को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो। घाटों से लेकर मंदिर तक उमड़ी भीड़ केवल मुख्य मंदिर ही नहीं बल्कि बनारस के प्रसिद्ध गंगा घाटों पर भी सुबह से भारी हलचल देखने को मिल रही है। दूर-दराज से आए कांवड़िए अहले सुबह गंगा में पवित्र डुबकी लगाने के बाद कांवड़ में जल भरकर बाबा विश्वनाथ के दरबार की ओर बढ़ते हुए दिखाई दिए। प्रशासन का अनुमान है कि आज देर शाम तक करीब छह से आठ लाख श्रद्धालु मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। दर्शन करने के बाद भक्तों ने व्यवस्थाओं की खुलकर तारीफ की। बिहार से आए राजीव कुमार ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यहां आने वाले भक्तों के लिए प्रशासन ने काफी बेहतरीन इंतजाम किए हैं, जिससे मन प्रसन्न हो गया। ऐसा ही सकारात्मक अनुभव रवीना कुमारी ने भी साझा किया। इसका आप पर असर सावन के पहले सोमवार के दौरान वाराणसी में जुटने वाली भारी भीड़ से स्थानीय स्तर पर यातायात और दैनिक गतिविधियों में बड़े बदलाव आए हैं। • स्थानीय यातायात में बदलाव: मंदिर के आसपास तीन किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह नो व्हीकल जोन बना दिया गया है, जिससे वाहन चालकों को लंबे रूट का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। • वरिष्ठ नागरिकों को राहत: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए गोदौलिया और मैदागिन से विशेष बैटरी कारें चलाई जा रही हैं, जिससे उन्हें पैदल चलने में आसानी हो रही है। • सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन: मंदिर परिसर में छह से आठ लाख तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसके चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। • व्यापारिक गतिविधियां: शहर में बड़ी संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के आने से स्थानीय बाजारों और फूल विक्रेताओं के कारोबार में तेजी आई है। ऐसा क्यों हुआ सावन के पहले महीने में काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली अपार भीड़ के पीछे धार्मिक मान्यताएं और प्रशासनिक तैयारियां मुख्य कारण हैं। • धार्मिक महत्व: हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान सोमवार का व्रत रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। • प्रशासनिक तैयारियां: भक्तों की भारी संख्या को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने इस बार पांच विशेष एंट्री पॉइंट और बैटरी वाहनों जैसी अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की हैं। • गंगा स्नान की परंपरा: कांवड़ियों द्वारा पवित्र गंगा में स्नान कर जल अर्पित करने की प्राचीन परंपरा के कारण घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगता है। सवाल-जवाब 1. काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर कितने भक्तों के आने का अनुमान है? प्रशासन के अनुसार देर शाम तक करीब छह से आठ लाख भक्त मंदिर में दर्शन कर सकते हैं। 2. मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए कितने एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं? बाबा धाम में प्रवेश के लिए इस बार पांच एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। 3. वृद्ध और दिव्यांगजनों के लिए कौन सी सुविधा शुरू की गई है? बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए गोदौलिया और मैदागिन से बैटरी कारें चलाई जा रही हैं। 4. मंदिर के आसपास कितने किलोमीटर के क्षेत्र को नो व्हीकल जोन किया गया है? मंदिर के आसपास का तीन किलोमीटर का पूरा एरिया नो व्हीकल जोन किया गया है। 5. श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा किसने की? पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, डीएम सतेंद्र कुमार और मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र ने शिवभक्तों पर फूल बरसाए। https://trendkia.com/religion/sawan-2025-kashi-vishwanath-temple-devotees-queue-flowers-52471 TrendKia — Har trend, sabse pehle.