सावन में रुद्राभिषेक से पहले जान लें, किस चीज से मिलता है कौन सा फल सावन के महीने में भगवान शिव के रुद्राभिषेक में दूध, दही, शहद, गंगाजल और गन्ने के रस जैसी अलग-अलग चीजों के इस्तेमाल से अलग-अलग मनोवांछित फल मिलने की मान्यता है। सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही शिव भक्तों के घरों और मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक की रौनक बढ़ जाती है। मान्यता है कि इस पूरे महीने भगवान शिव की आराधना का फल कई गुना बढ़ जाता है, और रुद्राभिषेक में किस चीज का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसी के अनुसार भक्त को अलग-अलग मनचाहा फल मिलता है। इसका पूरा ब्योरा लिंग पुराण में दर्ज है। राशि से लेकर शिवलिंग तक, शास्त्रों में है पूरा विधान पंडित संजय उपाध्याय के मुताबिक शास्त्रों में हर राशि के हिसाब से अलग-अलग शिवलिंग के रुद्राभिषेक का तरीका बताया गया है। हालांकि उनका कहना है कि नर्मदेश्वर शिवलिंग और पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक करने से हर व्यक्ति को उसकी मनोकामना के अनुसार फल मिल जाता है, चाहे वह किसी भी राशि का क्यों न हो। दूध और गंगाजल से मिलता है यह फल सावन के महीने में गाय के दूध से भगवान शिव का अभिषेक करने पर संतान की प्राप्ति होने की मान्यता है। जिन दंपतियों की पहले से संतान है, उनके लिए भी यह अभिषेक बच्चों की उन्नति का रास्ता खोलता है। वहीं जो भक्त शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाकर रुद्राभिषेक करते हैं, उन्हें मोक्ष और मानसिक शांति मिलने की बात कही गई है। इससे मन एकाग्र होता है और व्यक्ति धीरे-धीरे आध्यात्म की तरफ बढ़ने लगता है। बुद्धि और विद्या के लिए दही, शत्रु नाश के लिए शहद अगर सावन में नर्मदेश्वर महादेव का अभिषेक दही से किया जाए, तो इससे विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है, ऐसा माना जाता है। वहीं भगवान शिव पर मधु यानी शहद चढ़ाकर अभिषेक करने से शत्रुओं का नाश होने की मान्यता है, यानी जो लोग किसी से परेशान हैं, उनके लिए यह अभिषेक खास बताया गया है। धन, वैभव और लक्ष्मी के लिए ये उपाय जिन भक्तों को धन और ऐश्वर्य की कामना है, उनके लिए सावन में गन्ने के रस से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अगर गंगाजल में गुलाब का इत्र मिलाकर रुद्राभिषेक किया जाए, तो इससे लक्ष्मी और वैभव की प्राप्ति होती है, साथ ही जीवन की आर्थिक तंगी भी दूर होने लगती है। वहीं गाय के घी से किया गया अभिषेक भी बेहद चमत्कारिक माना गया है और इससे भक्त की मनोकामना पूरी होने की मान्यता है। इसका आप पर असर • भारत में: देशभर के शिव भक्त सावन में अपनी मनोकामना जैसे संतान, धन या विद्या के अनुसार रुद्राभिषेक की सामग्री चुनकर पूजा कर सकते हैं। • वाराणसी में: काशी जैसी शिव नगरी में सावन के दौरान मंदिरों में रुद्राभिषेक कराने वाले भक्तों की भीड़ बढ़ती है, ऐसे में यह जानकारी उन्हें सही सामग्री चुनने में मदद कर सकती है। सवाल-जवाब 1. सावन में रुद्राभिषेक का क्या महत्व है? मान्यता है कि सावन के महीने में शिव की पूजा और रुद्राभिषेक का फल कई गुना बढ़ जाता है। 2. गाय के दूध से अभिषेक करने पर क्या फल मिलता है? संतान की प्राप्ति होती है और जिनकी पहले से संतान है, उनके लिए बच्चों की उन्नति के योग बनते हैं। 3. गंगाजल से रुद्राभिषेक करने का क्या लाभ है? मोक्ष और मानसिक शांति मिलती है, और मन धीरे-धीरे आध्यात्म की ओर बढ़ता है। 4. दही और शहद से अभिषेक करने पर क्या होता है? दही से विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होती है, वहीं शहद से शत्रुओं का नाश होने की मान्यता है। 5. धन और वैभव के लिए किस चीज से अभिषेक करें? गन्ने के रस और गुलाब का इत्र मिले गंगाजल से रुद्राभिषेक करने से धन, लक्ष्मी और वैभव की प्राप्ति होती है। 6. क्या हर राशि के लिए अलग शिवलिंग का अभिषेक जरूरी है? शास्त्रों में राशि के अनुसार अलग-अलग शिवलिंग बताए गए हैं, लेकिन नर्मदेश्वर और पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक हर किसी को मनचाहा फल देता है। https://trendkia.com/religion/sawan-men-rudrabhisheka-se-pahale-jana-len-kisa-chija-se-milata-hai-kauna-sa-phala-12616 TrendKia — Har trend, sabse pehle.