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  "title": "शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा और 13 अक्टूबर का संपूर्ण पंचांग",
  "summary": "आश्विन शुक्ल तृतीया को मां चंद्रघंटा की उपासना की जाएगी, इस दिन प्रीति योग और विशाखा नक्षत्र के साथ शुभ मुहूर्तों का विशेष महत्व रहेगा।",
  "content": "आश्विन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया जा रहा है। 13 अक्टूबर को पड़ने वाले इस पावन दिन पर मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि मंगलवार रात 11 बजकर 28 मिनट तक प्रभावी रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी के इस रूप की साधना करने से जीवन के कष्टों का निवारण होता है और साहस में वृद्धि होती है।\n\nज्योतिषीय योग और नक्षत्र की स्थिति\nइस विशिष्ट तिथि पर बनने वाले खगोलीय संयोगों का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। 13 अक्टूबर को रात 8 बजकर 24 मिनट तक प्रीति योग बना रहेगा। इसके साथ ही विशाखा नक्षत्र देर रात 1 बजकर 43 मिनट तक उपस्थित रहेगा। पंचांग गणनाओं और ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार इन शुभ योगों में की गई साधना साधक को मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक बल प्रदान करती है। दिन की शुरुआत सुबह 06:20 बजे सूर्योदय के साथ होगी, जबकि सूर्यास्त शाम 05:53 बजे होगा।\n\n13 अक्टूबर के प्रमुख शुभ मुहूर्त\nदैनिक पूजा, मंत्र जप और नए कार्यों के शुभारंभ के लिए दिन भर कई महत्वपूर्ण मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। साधक इन समय अवधियों में अपनी उपासना संपन्न कर सकते हैं\n\n• ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 बजे से सुबह 05:43 बजे तक\n• प्रातः संध्या: सुबह 05:19 बजे से सुबह 06:32 बजे तक\n• अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक\n• विजय मुहूर्त: दोपहर 02:22 बजे से दोपहर 03:09 बजे तक\n• अमृत काल: शाम 04:14 बजे से शाम 05:57 बजे तक\n• गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:17 बजे से शाम 06:42 बजे तक\n• सायाह्न संध्या: शाम 06:17 बजे से शाम 07:31 बजे तक\n\nप्रमुख शहरों में राहुकाल का समय\nज्योतिष शास्त्र में राहुकाल की अवधि को किसी भी नए काम या महत्वपूर्ण अनुष्ठान के लिए वर्जित माना गया है। देश के विभिन्न नगरों में 13 अक्टूबर को राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा\n\n• दिल्ली: दोपहर बाद 03:00 बजे से शाम 04:27 बजे तक\n• मुंबई: दोपहर बाद 03:21 बजे से शाम 04:49 बजे तक\n• चंडीगढ़: दोपहर बाद 03:01 बजे से शाम 04:28 बजे तक\n• लखनऊ: दोपहर 02:46 बजे से शाम 04:13 बजे तक\n• भोपाल: दोपहर बाद 03:01 बजे से शाम 04:29 बजे तक\n• कोलकाता: दोपहर 02:18 बजे से दोपहर बाद 03:46 बजे तक\n• अहमदाबाद: दोपहर बाद 03:21 बजे से शाम 04:48 बजे तक\n• चेन्नई: दोपहर 02:53 बजे से शाम 04:22 बजे तक\n\nमां चंद्रघंटा का अलौकिक स्वरूप और पूजा विधान\nनवदुर्गा परंपरा में तीसरे दिन पूजित मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत कल्याणकारी और भव्य है। देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित रहता है, जिसकी वजह से उन्हें चंद्रघंटा पुकारा जाता है। सिंह पर सवार यह देवी शक्ति का उग्र रूप भी मानी जाती हैं, जो अधर्म और नकारात्मकता का नाश करती हैं।\n\nदेवी चंद्रघंटा की दस भुजाएं हैं। उनके चार दाहिने हाथों में कमल का फूल, धनुष, जप माला और तीर विराजमान हैं, जबकि पांचवां दाहिना हाथ अभय मुद्रा में भक्तों को निर्भयता प्रदान करता है। वहीं उनके चार बाएं हाथों में त्रिशूल, गदा, कमंडल और तलवार सुसज्जित हैं तथा पांचवां बायां हाथ वरद मुद्रा में आशीर्वाद बरसाता है। उनके घंटे की ध्वनि से आसुरी शक्तियां और बड़े से बड़ा शत्रु भी पराजित हो जाते हैं। इस दिन मां चंद्रघंटा को गाय के दूध से तैयार खीर का नैवेद्य अर्पित करने की विशेष परंपरा है, जिससे जीवन के सभी विघ्न और संकट दूर होते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nनवरात्रि के तीसरे दिन पूजा और दैनिक कार्यों की योजना बनाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंचांग का समय सारणी बेहद उपयोगी है।\n\n• दैनिक पूजा के लिए: अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:48 तक रहेगा। इस दौरान देवी चंद्रघंटा का विशेष अनुष्ठान और पाठ करना उत्तम माना जाता है।\n• अशुभ समय से बचाव: शाम के समय विभिन्न शहरों में लगभग 2:30 से 4:50 के बीच राहुकाल प्रभावी रहेगा। इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।\n• प्रसाद का चयन: मां चंद्रघंटा को गाय के दूध की खीर का भोग लगाया जाता है। भक्त इसे तैयार करके सभी बाधाओं से मुक्ति के लिए अर्पित कर सकते हैं।\n• अमृत काल का लाभ: शाम 04:14 से 05:57 के बीच अमृत काल रहेगा। साधना और ध्यान के लिए यह समय विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नवरात्रि के तीसरे दिन किस देवी की पूजा की जाती है?\nनवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की उपासना की जाती है।\n\n2. 13 अक्टूबर को तृतीया तिथि कब तक रहेगी?\nआश्विन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 अक्टूबर को रात 11 बजकर 28 मिनट तक रहेगी।\n\n3. मां चंद्रघंटा को किस वस्तु का भोग लगाया जाता है?\nमां चंद्रघंटा को गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाने की विशेष परंपरा है।\n\n4. 13 अक्टूबर को अभिजित मुहूर्त का समय क्या है?\nइस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा।\n\n5. 13 अक्टूबर को दिल्ली में राहुकाल किस समय रहेगा?\nदिल्ली में राहुकाल दोपहर बाद 03:00 बजे से शाम 04:27 बजे तक रहेगा।",
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  "category": "धर्म",
  "publishedAt": "2026-10-12",
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