# वर्ष 2026 में रक्षाबंधन पर इस शुभ समय बांधें रक्षा सूत्र, जानें पूरी पूजा विधि और पवित्र मंत्र

> रक्षाबंधन का त्यौहार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। जानिए भाई की कलाई पर राखी बांधने की सही विधि, शुभ मुहूर्त, क्या करें और क्या न करें, तथा पौराणिक रक्षा मंत्र।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/varsha-2026-men-raksha-bandhan-para-isa-shubha-samaya-bandhen-raksha-sutra-janen-puri-puja-vidhi-aura-pavitra-mntra-22599 · **Language:** Hindi
**Tags:** रक्षाबंधन 2026, राखी बांधने की विधि, रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त, राखी मंत्र, रक्षाबंधन नियम, भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी

रक्षाबंधन का पावन त्यौहार भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम, स्नेह और अटूट विश्वास का सबसे सुंदर प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर बहनें अपने भाई की दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य, सुख, समृद्धि तथा दीर्घायु की ईश्वर से कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहन को उपहार देने के साथ-साथ जीवनभर उसकी हर परिस्थिति में रक्षा करने का पवित्र संकल्प लेता है। इस वर्ष रक्षाबंधन का त्यौहार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, राखी बांधने के लिए सही समय और धार्मिक विधि का पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है।

## रक्षाबंधन 2026 का शुभ मुहूर्त और तिथि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में सावन माह की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 09:08 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 को सुबह 09:48 बजे समाप्त होगी। उदय तिथि के अनुसार रक्षाबंधन का त्यौहार 28 अगस्त 2026 को ही मनाया जाएगा। इस दिन रक्षा सूत्र बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 05:57 बजे से लेकर सुबह 09:48 बजे तक रहेगा। बहनों को इसी शुभ समय सीमा के भीतर अपने भाई को राखी बांधनी चाहिए।

## राखी बांधने की संपूर्ण और सही पूजा विधि
रक्षाबंधन के दिन शुभ फल प्राप्त करने के लिए पूजा विधि का सही ढंग से पालन करना चाहिए

- प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ एवं सुंदर वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद भगवान गणेश, भगवान विष्णु और अपने कुलदेवता का ध्यान कर उनका आशीर्वाद लें।
- एक स्वच्छ पूजा की थाली तैयार करें, जिसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें।
- राखी बांधते समय भाई को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं।
- सबसे पहले भाई के माथे पर रोली और अक्षत का शुभ तिलक लगाएं।
- तत्पश्चात दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें।
- अब भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर प्रेमपूर्वक राखी बांधें।
- इसके बाद भाई को मिठाई खिलाकर उसके उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सफलता की कामना करें।

## राखी बांधते समय बोलने वाला पवित्र मंत्र
शास्त्रों में राखी बांधते समय एक विशेष रक्षा मंत्र का जाप करने का विधान बताया गया है। इस मंत्र का उच्चारण करने से रक्षा सूत्र का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। राखी बांधते समय यह मंत्र बोलें

> येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

## रक्षाबंधन पर क्या करें और किन बातों से बचें
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कुछ नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना गया है

- भद्रा काल का विशेष ध्यान रखें और भद्रा काल के समय भूलकर भी राखी न बांधें।
- बिना पूजा-अर्चना और भगवान के स्मरण के भाई को राखी कभी न बांधें।
- राखी बांधते समय मन में किसी भी प्रकार का क्रोध, द्वेष या नकारात्मक भाव न रखें।
- पूजा के दौरान भगवान विष्णु और भगवान गणेश जी की विशेष पूजा करें।
- सच्चे मन से अपने भाई की लंबी उम्र और सुखद जीवन की प्रार्थना करें।

## कैसी होनी चाहिए भाई के लिए राखी

## बाजार से राखी खरीदते और चुनते समय इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है
- कभी भी काले रंग की राखी न खरीदें और न ही भाई को बांधें।
- खंडित या टूटी हुई राखी बांधना अशुभ माना जाता है।
- हमेशा प्राकृतिक धागे से बनी राखी का ही चुनाव करें।

## रक्षाबंधन की पौराणिक कथा और महत्व
रक्षाबंधन के त्यौहार का संबंध पौराणिक काल से जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया था, तब उनकी उंगली में चोट लग गई थी और रक्त बहने लगा था। यह देखकर माता द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर तुरंत भगवान श्रीकृष्ण की उंगली पर पट्टी के रूप में बांध दिया था। जिस दिन यह घटना घटी थी, उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी। मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से रक्षाबंधन मनाने की परंपरा शुरू हुई। बाद में जब कौरवों की सभा में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उसी कपड़े के टुकड़े के ऋण को चुकाते हुए द्रौपदी की लाज बचाई थी।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** 28 अगस्त 2026 को सुबह 05:57 बजे से 09:48 बजे के बीच भाई को राखी बांधने का सबसे शुभ समय है, इसलिए त्यौहार की तैयारी इसी समय सीमा के अनुसार करें।

## सवाल-जवाब

### 1. रक्षाबंधन 2026 किस तारीख को मनाया जाएगा?
रक्षाबंधन का त्यौहार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।

### 2. रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है?
28 अगस्त 2026 को सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त है।

### 3. राखी बांधते समय भाई का मुख किस दिशा में होना चाहिए?
राखी बांधते समय भाई को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाना चाहिए।

### 4. राखी बांधते समय किस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए?
राखी बांधते समय 'येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥' मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।

### 5. रक्षाबंधन पर किस प्रकार की राखी नहीं बांधनी चाहिए?
काले रंग की राखी और टूटी या खंडित राखी नहीं बांधनी चाहिए। हमेशा प्राकृतिक धागे की राखी चुनें।

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