# योगिनी एकादशी व्रत पर जानें 10 जुलाई का पंचांग, शुभ घड़ियां और अपने शहर का राहुकाल समय

> 10 जुलाई 2026 को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। जानें इस पावन दिन के शुभ मुहूर्त, देश के विभिन्न शहरों में राहुकाल का समय और व्रत पारण की पूरी जानकारी।

**Type:** article · **Category:** धर्म · **Published:** 2026-07-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/religion/yogini-ekadashi-vrata-para-janen-10-julai-ka-pnchanga-shubha-ghariyan-aura-apane-shahara-ka-rahu-kaal-samaya-6164 · **Language:** Hindi
**Tags:** योगिनी एकादशी 2026, आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, पंचांग, पारण का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को बेहद पवित्र माना जाता है। वर्ष 2026 में 10 जुलाई, शुक्रवार को योगिनी एकादशी का महत्वपूर्ण व्रत रखा जाएगा। इस दिन सुबह के समय दशमी तिथि का प्रभाव रहेगा और उसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन का धार्मिक महत्व अत्यधिक है और व्रतियों को अपनी साधना को सफल बनाने के लिए शुभ समय और राहुकाल जैसी ज्योतिषीय घड़ियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं इस पावन दिन के पंचांग, विभिन्न शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त के सटीक समय के साथ-साथ आपके शहर में राहुकाल की स्थिति क्या रहेगी।

 

## 10 जुलाई 2026 का विस्तृत दैनिक पंचांग और नक्षत्र स्थिति

इस विशेष दिन की शुरुआत आषाढ़ कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के साथ होगी। दशमी तिथि शुक्रवार की सुबह 8 बजकर 17 मिनट तक ही प्रभावी रहेगी। इसके ठीक बाद एकादशी तिथि लग जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नक्षत्रों की बात करें तो 10 जुलाई को दोपहर के 1 बजकर 15 मिनट तक भरणी नक्षत्र का प्रभाव रहने वाला है। इसके पश्चात नक्षत्र में परिवर्तन होगा। इस दिन का सबसे मुख्य आकर्षण योगिनी एकादशी का व्रत है, जिसे वैष्णव और सनातन धर्म के अनुयायी पूरी श्रद्धा और नियम के साथ मनाते हैं। इस दिन दान-पुण्य और उपासना का विशेष फल मिलता है।

 

## अत्यंत फलदायी और शुभ मुहूर्त का समय

धार्मिक कार्यों, पूजा-अर्चना और किसी भी मांगलिक गतिविधि के लिए शुभ समय का चयन करना हिंदू परंपरा में महत्वपूर्ण माना गया है। 10 जुलाई 2026 को कई कल्याणकारी और श्रेष्ठ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जिनका विवरण इस प्रकार है:

- **ब्रह्म मुहूर्त:** इस अत्यंत पवित्र काल की शुरुआत सुबह 04 बजकर 41 मिनट पर होगी और यह सुबह 05 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इस समय ध्यान और ईश्वर आराधना सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।

- **अभिजित मुहूर्त:** दोपहर के समय आने वाला यह शुभ मुहूर्त 12 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर दोपहर 01 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में किए गए कार्य सफल होते हैं।

- **विजय मुहूर्त:** दोपहर बाद 02 बजकर 56 मिनट से लेकर शाम 03 बजकर 49 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा, जो शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

- **गोधूलि मुहूर्त:** शाम के समय जब दिन और रात का मिलन होता है, तब शाम 07 बजकर 19 मिनट से लेकर 07 बजकर 41 मिनट तक गोधूलि बेला रहेगी।

- **अमृत काल:** दिन का एक और अत्यंत फलदायी समय सुबह 08 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगा।

 

## देश के प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय

शास्त्रों के अनुसार, राहुकाल की अवधि में किसी भी प्रकार का नया, मांगलिक या शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए क्योंकि इस समय राहु का नकारात्मक प्रभाव रहता है। भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के समय के अनुसार राहुकाल का समय भिन्न होता है। 10 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग इस समय सीमा का ध्यान रख सकते हैं:

- **दिल्ली:** राष्ट्रीय राजधानी में राहुकाल सुबह 10 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।

- **मुंबई:** देश की आर्थिक राजधानी में यह समय दोपहर से ठीक पहले 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।

- **चंडीगढ़:** इस केंद्र शासित प्रदेश में राहुकाल सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

- **लखनऊ:** उत्तर प्रदेश की राजधानी में सुबह 10 बजकर 29 मिनट से दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक राहुकाल का समय रहेगा।

- **भोपाल:** मध्य प्रदेश की राजधानी में सुबह 10 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक का समय राहुकाल का होगा।

- **कोलकाता:** पश्चिम बंगाल के इस महानगर में सुबह 10 बजकर 01 मिनट से दोपहर पूर्व 11 बजकर 42 मिनट तक राहुकाल रहेगा।

- **अहमदाबाद:** गुजरात के इस प्रमुख शहर में दोपहर पूर्व 11 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक राहुकाल का प्रभाव रहेगा।

- **चेन्नई:** दक्षिण भारत के इस महानगर में सुबह 10 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 14 मिनट तक राहुकाल रहेगा।

 

## सूर्योदय, सूर्यास्त और योगिनी एकादशी का महात्म्य

शुक्रवार, 10 जुलाई को सूर्योदय का समय सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर निर्धारित है, जबकि सूर्यास्त का समय शाम को 7 बजकर 21 मिनट पर रहेगा। हिंदू धर्मग्रंथों में योगिनी एकादशी व्रत का अत्यधिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आषाढ़ कृष्ण पक्ष की इस एकादशी का विधि-विधान से व्रत रखता है, उसे जीवन में असीम पुण्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत का फल हजारों ब्राह्मणों को उत्तम भोजन कराने से मिलने वाले पुण्य के बराबर आंका गया है। इसके अलावा, यदि मनुष्य से जाने-अनजाने में कोई भूल या पाप हो गया हो, तो इस व्रत के प्रभाव से उन गलतियों और मानसिक उलझनों से मुक्ति मिल जाती है और मन शांत होता है।

 

## एकादशी तिथि और पारण का शुभ समय

व्रत की सफलता के लिए तिथि के प्रारंभ, समापन और पारण यानी व्रत खोलने के सही समय का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है:

- **एकादशी तिथि का प्रारंभ:** आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 10 जुलाई 2026 को सुबह 08 बजकर 16 मिनट पर होगा।

- **एकादशी तिथि की समाप्ति:** यह तिथि अगले दिन यानी 11 जुलाई 2026 को सुबह 05 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।

- **व्रत पारण की तिथि:** योगिनी एकादशी व्रत के पारण की तिथि 11 जुलाई 2026 निर्धारित है।

- **पारण का शुभ समय:** एकादशी व्रत खोलने का सबसे उत्तम समय 11 जुलाई को दोपहर 02 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इसी समय अवधि में व्रतियों को पारण कर अपना व्रत संपन्न करना चाहिए।

## इसका आप पर असर
- **व्रत करने वाले श्रद्धालुओं के लिए:** एकादशी व्रत रखने वाले लोग पारण के सही समय (11 जुलाई दोपहर 02:03 बजे से शाम 04:42 बजे तक) का ध्यान रखकर अपनी साधना को शास्त्रीय नियमों के अनुसार पूर्ण कर सकते हैं।
- **दैनिक कार्यों के नियोजन के लिए:** 10 जुलाई को किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से पहले विभिन्न शहरों के राहुकाल समय को देखकर असमंजस और बाधाओं से बचा जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. योगिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
वर्ष 2026 में योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा।

### 2. योगिनी एकादशी तिथि कब प्रारंभ और समाप्त होगी?
एकादशी तिथि 10 जुलाई 2026 को सुबह 08:16 बजे शुरू होगी और 11 जुलाई 2026 को सुबह 05:22 बजे समाप्त होगी।

### 3. योगिनी एकादशी व्रत के पारण का शुभ समय क्या है?
व्रत पारण का शुभ समय 11 जुलाई 2026 को दोपहर 02:03 बजे से शाम 04:42 बजे तक रहेगा।

### 4. 10 जुलाई को दिल्ली और मुंबई में राहुकाल का समय क्या है?
दिल्ली में राहुकाल सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक और मुंबई में दोपहर पूर्व 11:05 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक रहेगा।

### 5. योगिनी एकादशी व्रत रखने का क्या धार्मिक महत्व है?
मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से हजारों ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है।

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