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  "type": "article",
  "title": "अमेरिका में कगारों की मौजूदगी से हिरणों के कारण होने वाले सड़क हादसों में आई 76 प्रतिशत की गिरावट",
  "summary": "करेंट बायोलॉज़ी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अमेरिका के जिन जंगलों में कगार रहते हैं, वहां हिरण शिकारी के डर से सड़कों से दूर रहते हैं, जिससे वाहन दुर्घटनाएं काफी कम हो गई हैं।",
  "content": "जंगल के खूंखार शिकारी इंसान की जान बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं। हाल ही में जर्नल करेंट बायोलॉज़ी में बुधवार को प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अमेरिका में कगार यानी माउंटेन लायन की अच्छी मौजूदगी वाले क्षेत्रों में हिरणों से टकराने वाली कार दुर्घटनाओं में 76 प्रतिशत तक की बड़ी कमी देखी गई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, घने जंगलों के बीच से गुजरने वाली सड़कों और इंसानी बस्तियों के आसपास कगारों की आवाजाही के कारण हिरण उन इलाकों में जाने से कतराते हैं। हिरणों द्वारा सड़कों के किनारे जाने से बचने के इस व्यवहारिक बदलाव के कारण मुख्य राजमार्गों पर बड़े वाहन हादसे काफी हद तक घट गए हैं।\n\nसड़क हादसों पर जंगली शिकारियों का अप्रत्याशित प्रभाव\nकगार जिन्हें माउंटेन लायन, पैंथर या प्यूमा के नाम से भी जाना जाता है, मूल रूप से अमेरिकी महाद्वीपों के वन्यजीव हैं। यूरोपीय उपनिवेशीकरण के बाद अमेरिका में बड़े पैमाने पर हुए शिकार और उनके प्राकृतिक आवासों के विनाश के कारण उत्तरी अमेरिका में इनकी आबादी बेहद सिमट गई थी। वर्तमान स्थिति में यह बड़े शिकारी मुख्य रूप से पश्चिमी अमेरिकी राज्यों और फ्लोरिडा के एक छोटे से हिस्से तक ही सीमित रह गए हैं। इसके विपरीत, हिरणों की प्रजाति पिछले एक शतक के दौरान अमेरिका में काफी तेजी से फली-फूली है। जंगलों में प्राकृतिक शिकारियों की घटती संख्या, हिरणों के शिकार पर लगे कानूनी प्रतिबंधों और कृषि विस्तार के लिए साफ की गई जमीनों के कारण हिरणों का प्राकृतिक दायरा और उनकी संख्या पूरे देश में बहुत अधिक बढ़ गई है।\n\nअमेरिका में हिरणों की बढ़ती आबादी और सड़क हादसों के आंकड़े\nहिरणों की अनियंत्रित आबादी के साथ ही अमेरिकी सड़कों पर वाहनों से उनकी टक्कर के मामलों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। वाहन बीमा कंपनी स्टेट फार्म द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022 और 2023 के बीच जानवरों से होने वाली दुर्घटनाओं से जुड़े 1.8 मिलियन ऑटो बीमा दावे दर्ज किए गए थे, जिनमें हिरण सबसे बड़ा कारण बनकर उभरे। सड़क सुरक्षा से जुड़ी संस्था इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट फॉर हाईवे सेफ्टी के आंकड़ों से पता चलता है कि 1970 के दशक से कारों और जानवरों के बीच होने वाली जानलेवा मुठभेड़ों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। बीते वर्ष ही जानवरों से टकराने के कारण हुए कार हादसों में 200 से अधिक लोगों की असमय मौत हुई थी। सड़क दुर्घटनाओं के लिए हिरण सबसे बड़ा खतरा इसलिए बनते हैं क्योंकि एक तो उनकी संख्या अत्यधिक है और दूसरा वे भोजन की तलाश में अक्सर राजमार्गों के किनारे उगी घास चरने आ जाते हैं।\n\nओलंपिक पेनिनसुला का अध्ययन और कगारों की शिकार रणनीति\nइस नए शोध में यह अध्ययन किया गया है कि कैसे माउंटेन लायन एक तरह से ट्रैफिक पुलिस की भूमिका निभाते हैं। शोधकर्ताओं ने वाशिंगटन स्थित ओलंपिक पेनिनसुला से एकत्र किए गए डेटा का गहन विश्लेषण किया, जहां वर्ष 2018 से कगारों पर निगरानी रखने का एक विशेष कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वन्यजीव कल्याण संगठन पेंथेरा द्वारा संचालित यह परियोजना उन आदिवासी जीव वैज्ञानिकों के काम पर आधारित है जो कई दशकों से इन बड़ी बिल्लियों के व्यवहार पर नजर रख रहे थे। इस अध्ययन में शामिल गैर-लाभकारी संस्था कंजर्वेशन साइंस पार्टनर्स के वरिष्ठ वैज्ञानिक और मुख्य लेखकों में से एक जस्टिन सुराची ने बताया कि इस शोध का मुख्य उद्देश्य शिकारियों के साथ इंसानी सह-अस्तित्व से होने वाले लाभों और नुकसान का मूल्यांकन करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकारियों द्वारा मवेशियों के मारे जाने से पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान के आंकड़े तो हमेशा दर्ज किए जाते रहे हैं, लेकिन इन जंगली जानवरों से इंसानी समाज को मिलने वाले अप्रत्यक्ष फायदों पर पहले कभी इतना गहन अध्ययन नहीं किया गया था।\n\nव्यवहार में बदलाव: हिरणों ने कैसे बनाई सड़कों से दूरी\nकगारों की मौजूदगी का हिरणों की दैनिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ता है, यह जांचने के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने ओलंपिक पेनिनसुला में 500 से अधिक कैमरों से मिले दृश्यों का मिलान एक साल के दौरान हुए हिरण दुर्घटनाओं के आंकड़ों से किया। वैज्ञानिक जस्टिन सुराची के अनुसार, कगार घात लगाकर हमला करने वाले शिकारी होते हैं। वे घने जंगलों के बीच से गुजरने वाली सड़कों और जंगल की सीमा से सटी कम घनी इंसानी बस्तियों जैसे कटे-फट इलाकों को अपना ठिकाना बनाना पसंद करते हैं। इस तरह का परिवेश उन्हें छिपने की बेहतरीन जगह देता है, जहां से वे सड़क किनारे चर रहे हिरणों पर अचानक हमला कर सकते हैं। शिकारी के इस खतरे को भांपकर हिरणों ने उन जोखिम भरे इलाकों से दूर रहने का फैसला कर लिया। हिरण अब जंगल के किनारों से हटकर गहरे जंगलों के सुरक्षित इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे वे सड़कों और भारी ट्रैफिक के संपर्क में कम आते हैं।\n\nशोधकर्ताओं ने पाया कि हिरण उन सड़कों वाले इलाकों से दूर रहने के मामले में 15 प्रतिशत अधिक सतर्क पाए गए जहां कगार शिकार करते थे। इसके अलावा, हिरणों के घने जंगलों में समय बिताने की संभावना 86 प्रतिशत तक बढ़ गई थी और वे रात के बजाय दिन के समय अधिक सक्रिय रहने लगे थे। 5 साल की अवधि के दौरान जुटाए गए आंकड़ों से साफ हुआ कि कगारों की अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में वाहन दुर्घटनाओं की दर उन इलाकों की तुलना में 76 प्रतिशत से अधिक कम हो गई जहां कगारों की संख्या बहुत कम थी।\n\nपूर्व अध्ययनों का योगदान और विशेषज्ञों की राय\nवैज्ञानिक जस्टिन सुराची ने बताया कि मांसाहारी जीवों की आबादी से हिरणों की दुर्घटनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़े पूर्व शोधों ने उनकी कार्यप्रणाली तैयार करने में काफी मदद की। इसमें कगारों के विस्तार का मॉडल तैयार करने वाला अध्ययन और विस्कॉन्सिन के इलाकों में भेड़ियों को पुनर्जीवित करने से जुड़ा शोध शामिल था। इन पुराने मॉडलों की मदद से शोधकर्ताओं की टीम यह साबित करने में सफल रही कि हादसों में आई कमी महज कगारों द्वारा हिरणों को मार दिए जाने से उनकी संख्या घटने के कारण नहीं है, बल्कि यह हिरणों के व्यवहार में आए सतर्कतापूर्ण बदलाव का परिणाम है।\n\nयूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन में वन्यजीव विज्ञान की प्रोफेसर लॉरा प्रू ने इस नए शोध की सराहना करते हुए कहा कि यह पिछले अध्ययनों के कई छूटे हुए पहलुओं को पूरा करता है। लॉरा प्रू ने वर्ष 2016 के उस अध्ययन में सह-लेखक की भूमिका निभाई थी, जिसमें कार दुर्घटनाओं पर कगारों के पुनः बसने के प्रभाव का एक मॉडल पेश किया गया था। उन्होंने इस अध्ययन पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि यह शोध गर्मियों के मौसम के व्यवहार तक सीमित है। पतझड़ के दौरान हिरणों के प्रजनन काल में उनका व्यवहार काफी बदल जाता है और उस समय हिरणों की वाहन दुर्घटनाओं में भारी उछाल आता है। प्रोफेसर प्रू का कहना था कि यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या कगारों के डर से दूर रहने का यह व्यवहारिक प्रभाव पतझड़ के प्रजनन काल में भी कायम रहता है, जब हिरण थोड़े भटके हुए होते हैं और खतरों पर उतना ध्यान नहीं देते।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: घने जंगलों और वन्यजीव क्षेत्रों से गुजरने वाले राजमार्गों पर जानवरों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक शिकारियों के पारिस्थितिक संतुलन को समझने का एक मॉडल मिलता है।\n\nवैश्विक स्तर पर: पर्यावरण संरक्षण और जंगली मांसाहारी जीवों की सुरक्षा से सीधे तौर पर इंसानी सड़क दुर्घटनाओं और वित्तीय नुकसान को कम किया जा सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्या अमेरिका में कगारों की उपस्थिति से सड़क हादसे कम हुए हैं?\nहाँ, हालिया शोध के अनुसार जिन क्षेत्रों में कगारों की अच्छी आबादी है, वहां हिरणों के कारण होने वाली कार दुर्घटनाओं में 76 प्रतिशत तक की कमी आई है।\n\n2. हिरण सड़कों के आसपास जाने से क्यों बच रहे हैं?\nकगार सड़कों के किनारे और जंगल की सीमाओं पर घात लगाकर शिकार करते हैं, जिसके डर से हिरण सड़कों से दूर घने जंगलों की ओर चले जाते हैं।\n\n3. यह अध्ययन किस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और किन संस्थाओं ने किया है?\nयह अध्ययन करेंट बायोलॉज़ी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और इसे पेंथेरा तथा कंजर्वेशन साइंस पार्टनर्स के वैज्ञानिकों द्वारा ओलंपिक पेनिनसुला में किए गए शोध पर आधारित किया गया है।\n\n4. अमेरिका में हर साल जानवरों से होने वाली दुर्घटनाओं के क्या आंकड़े हैं?\nस्टेट फार्म के अनुसार 2022-2023 के दौरान जानवरों से दुर्घटना के 1.8 मिलियन दावे दर्ज किए गए थे, और इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट फॉर हाईवे सेफ्टी के मुताबिक पिछले साल 200 से अधिक लोगों की मौत हुई।",
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  "category": "विज्ञान",
  "publishedAt": "2026-08-05",
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