प्रदूषण की मार झेल रहे परिवारों को कैलिफोर्निया देगा मुआवजा, तेल कुओं के जुर्माने से मिलेंगे पैसे कैलिफोर्निया विधानसभा में पारित नए विधेयक के तहत इंग्लेवुड तेल क्षेत्र के आसपास स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे एक हजार परिवारों को पांच हजार डॉलर तक की सीधी वित्तीय सहायता दी जाएगी। शहरी तेल खनन के जहरीले धुएं और रिसाव के साए में पीढ़ियां गुजारने वाले परिवारों के लिए इंसाफ की एक नई कानूनी राह खुली है। अमेरिका में कैलिफोर्निया राज्य के सांसदों ने एक अभूतपूर्व विधेयक पारित किया है, जिसके जरिए तेल कुओं के नजदीक रहने की वजह से गंभीर बीमारियों का सामना करने वाले निवासियों को सीधे नकद सहायता दी जाएगी। इस ऐतिहासिक कदम को पर्यावरण क्षतिपूर्ति यानी पर्यावरण सुधार मुआवजे की दिशा में देश का पहला बड़ा प्रयोग माना जा रहा है। इसका मकसद उन स्थानीय बस्तियों को राहत पहुंचाना है जिन्होंने दशकों तक अपनी सेहत और जीवन की कीमत चुकाई है। तेल निष्कर्षण से हुए ऐतिहासिक नुकसान की भरपाई लॉस एंजेलिस और अमेरिका के कई हिस्सों में अश्वेत समुदाय ऐतिहासिक रूप से तेल कुओं, रिफाइनरियों और औद्योगिक कचरा स्थलों के बेहद करीब रहने को मजबूर रहे हैं। जमीन के भीतर से कच्चा तेल निकालने वाली इन मशीनों से होने वाले जहरीले उत्सर्जन का सीधा संबंध जन्म संबंधी जटिलताओं, बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में आने वाली रुकावटों, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों और कैंसर से पाया गया है। कई निवासियों को वयस्क होने के बाद ही यह समझ आया कि उनके बचपन की लगातार बीमारियां और परिवार में सांस की तकलीफें असल में देश के सबसे बड़े शहरी तेल खनन क्षेत्र के ठीक ऊपर रहने का परिणाम थीं। इस लंबे संघर्ष को सार्वजनिक नीति का रूप देते हुए कैलिफोर्निया विधायिका ने एबी 1661 विधेयक पारित किया है। इस कानून के तहत इंग्लेवुड तेल क्षेत्र के पेनाल्टी फंड से 50 लाख डॉलर यानी 5 मिलियन डॉलर की राशि निकालकर पास के प्रभावित घरों में बांटी जाएगी। यह सहायता राशि उन 1,000 चुनिंदा परिवारों को दी जाएगी जिनके सदस्य श्वसन या प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इंग्लेवुड, लाडेरा हाइट्स और बाल्डविन हिल्स जैसे बहुसंख्यक अश्वेत आबादी वाले इलाके सीधे तौर पर इस विशाल तेल क्षेत्र से घिरे हुए हैं। सीधी नकद सहायता और पर्यावरण क्षतिपूर्ति का मॉडल असेंबली सदस्य इसाक जी ब्रायन द्वारा पेश किए गए इस विधेयक को गवर्नर गैविन न्यूसम द्वारा अक्टूबर तक औपचारिक रूप से कानून में तब्दील किए जाने की पूरी संभावना है। तय योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 5,000 डॉलर तक की एकमुश्त या किस्तों में वित्तीय मदद दी जाएगी। यह पैसा राज्य के कम्युनिटी रिपेयर एंड रीइन्वेस्टमेंट फंड से आएगा, जिसे विशेष रूप से तेल खनन क्षेत्र के सबसे करीबी बाशिंदों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए तैयार किया गया है। लंबे समय से रिफाइनरियों, राजमार्गों और लैंडफिल के साए में सांस ले रहे समुदायों के लिए यह महज एक चेक नहीं बल्कि कई पीढ़ियों के नुकसान की पहचान है। लगातार प्रदूषण की वजह से लोगों की औसत उम्र घटती रही, भारी मेडिकल बिलों ने घरेलू बचत को खत्म कर दिया और प्रदूषण की मार के कारण उनकी संपत्तियों के दाम गिरते रहे। ब्रायन और उनके समर्थक इसे पर्यावरण क्षतिपूर्ति करार दे रहे हैं। उनका मानना है कि यह पूरे देश के लिए एक ऐसा मॉडल बन सकता है, जिसके जरिए प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक कंपनियों को पीड़ित स्थानीय लोगों के पुनर्वास के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके। जमीनी आंदोलनों की जीत और पुराने कानूनों का विस्तार लॉस एंजेलिस के संगठन ब्लैक विमेन फॉर वेलनेस में पर्यावरण न्याय कार्यक्रम निदेशक टियाना शॉ वेकमैन का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर एक नजीर बनेगी। उन्होंने कहा कि मेरी आशा हमेशा जमीनी स्तर के सामुदायिक आंदोलनों से बंधी रही है। जमीनी लामबंदी ने स्थानीय समुदायों में दीर्घकालिक बदलाव की नींव रखी है और इसे पूरे देश में दोहराया जा सकता है। कैलिफोर्निया असेंबली की प्राकृतिक संसाधन समिति की अध्यक्षता करने वाले पहले अश्वेत विधायक इसाक जी ब्रायन ने बताया कि उनके क्षेत्र के मतदाताओं ने दशकों से दमे और दिल के रोगों की उच्च दर झेली है। ब्रायन ने कहा कि कंपनी बुनियादी तौर पर समुदाय से संसाधन निकालती रही, जबकि उसने यहां कोई निवेश नहीं किया और पूरे इलाके की भलाई की कतई परवाह नहीं की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समुदाय का यह हक बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था। यह नया उपाय ब्रायन के पिछले कानून एबी 2716 पर आधारित है, जिसे गवर्नर न्यूसम ने साल 2024 में मंजूरी दी थी। उस कानून के तहत इंग्लेवुड तेल क्षेत्र को साल 2030 तक पूरी तरह बंद करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, कम उत्पादन देने वाले कुओं पर सख्त जुर्माना लगाया गया था। ऐसे कम उत्पादन वाले कुएं अक्सर हवा और पानी में खतरनाक मीथेन व अन्य जहरीली गैसें छोड़ते हैं। कंपनियों को यह प्रदूषण रोकने और सफाई करने पर मजबूर करने के लिए नियामकों ने प्रति कुआं 10,000 डॉलर का मासिक जुर्माना लगाया था। इस जुर्माने से मिलने वाला राजस्व तेल क्षेत्र के 2.5 मील के दायरे में विकास कार्यों के लिए सुरक्षित किया गया है। भविष्य का पुनर्वास और टैक्स छूट की व्यवस्था इस फंड का इस्तेमाल आने वाले दिनों में किफायती आवास, शहरी हरियाली, सार्वजनिक पार्क और अन्य सामुदायिक प्राथमिकताओं के लिए भी किया जा सकेगा। ब्रायन के मुताबिक यह नकद सहायता कार्यक्रम एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिससे यह परखा जाएगा कि क्या सीधे बैंक खाते में पैसा पहुंचाना ही वह मदद है जिसे नागरिक सबसे ज्यादा चाहते हैं। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की तंगहाली के बीच सीधे लोगों की जेब में राहत पहुंचाना सबसे व्यावहारिक जरिया साबित हो सकता है। इस सहायता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कैलिफोर्निया ने एक और कानून पारित किया है जो क्षतिपूर्ति भुगतानों को आयकर से पूरी तरह मुक्त रखेगा। इस कानून को लाने वाली असेंबली सदस्य टीना मैकिनॉर ने स्पष्ट किया कि कैलिफोर्निया क्षतिपूर्ति कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने के लिए तेजी से तैयार हो रहा है, ताकि लाभार्थियों को सरकार की कोशिशों का पूरा फायदा बिना किसी टैक्स कटौती के मिल सके। इस पहल को तीन दर्जन सामुदायिक संगठनों का पुरजोर समर्थन मिला और किसी भी समूह ने सार्वजनिक रूप से इसका विरोध नहीं किया। पात्रता नियम और विस्थापन की नई चुनौतियां हालांकि यह कानून तेल क्षेत्र को तुरंत बंद नहीं कराएगा और न ही लॉस एंजेलिस काउंटी में ड्रिलिंग के पूरे विवाद को खत्म करेगा। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक तेल क्षेत्र के 2.5 मील के दायरे में रहने वाले वही परिवार इसके पात्र होंगे जिनके किसी सदस्य को सांस या प्रजनन से जुड़ी बीमारी का सामना करना पड़ा हो। लेकिन इस योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लॉस एंजेलिस काउंटी आवेदन प्रक्रिया को कितना सरल बनाती है और 1,000 से ज्यादा आवेदन आने पर चयन कैसे करती है, क्योंकि इस दायरे में हजारों अन्य परिवार भी रहते हैं। काउंटी प्रशासन अभी इस बात की समीक्षा कर रहा है कि यह मदद एकमुश्त दी जाए या मासिक किस्तों के रूप में। इस बीच टियाना शॉ वेकमैन और उनके सहयोगी संगठनों ने मांग की है कि आवेदन प्रक्रिया में जटिल मेडिकल रिकॉर्ड मांगने की अनिवार्यता न रखी जाए, क्योंकि कई गरीब परिवारों के पास इलाज के औपचारिक पर्चे नहीं होते। उन्होंने जोर दिया कि निवासियों के स्वप्रमाणन को ही मान्यता दी जानी चाहिए ताकि कागजी पेचीदगियों के चलते जरूरतमंद बाहर न छूट जाएं। इसके अलावा उत्पादन बंद होने के बाद शहरी जमीनों के पुनर्विकास को लेकर भी एक बड़ी बहस छिड़ गई है। हाल के वर्षों में लॉस एंजेलिस में जब तेल कुएं बंद हुए तो आसपास के इलाकों में मकानों के किराए और जमीनों की कीमतें अचानक बढ़ गईं। इससे दशकों से वहां रह रहे पुराने अश्वेत निवासियों पर विस्थापन का खतरा मंडराने लगा है। शॉ वेकमैन ने आगाह किया कि जहरीले तेल खनन को केवल महंगे शहरीकरण और विस्थापन से नहीं बदला जा सकता। उन्होंने कहा कि 1,000 परिवारों की मदद तो सिर्फ शुरुआत है, असली लड़ाई उन सभी कारणों को खत्म करने की है जो लोगों को रोजाना नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसका आप पर असर कैलिफोर्निया का यह नया कानून तेल खनन क्षेत्रों के करीब रहने वाले उन परिवारों के लिए सीधी वित्तीय राहत सुनिश्चित करता है जो दशकों से प्रदूषण जनित बीमारियों का इलाज कराने के लिए अपनी जेब खाली कर रहे थे। • सीधी नकद सहायता: चिन्हित पात्र परिवारों को 5,000 डॉलर तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि परिवारों को महंगे इलाज और दवाओं के खर्च से तुरंत राहत पहुंचाने का काम करेगी। • कर मुक्त भुगतान: राज्य सरकार ने इस सहायता राशि पर लगने वाले टैक्स को पूरी तरह माफ कर दिया है। इसका मतलब है कि जरूरतमंदों को पूरी की पूरी सहायता राशि बिना किसी कटौती के प्राप्त होगी। • बुनियादी ढांचे में सुधार: तेल कुओं से वसूले जाने वाले जुर्माने की राशि से स्थानीय पार्कों और किफायती आवास का निर्माण होगा। इससे पूरे इलाके में हरियाली बढ़ेगी और प्रदूषण का स्तर नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। • पर्यावरण नीतियों की नई मिसाल: औद्योगिक कंपनियों पर भारी जुर्माने से बने इस मॉडल को अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी आजमाया जा सकता है। भविष्य में अन्य प्रदूषित इलाकों के नागरिक भी इसी तर्ज पर क्षतिपूर्ति की मांग कर सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ यह कानून दशकों से तेल कुओं के समीप रहने वाले वंचित समुदायों में बढ़ती फेफड़ों की बीमारियों और औद्योगिक जवाबदेही की कमी के कारण लाया गया है। • दशकों पुराना अनियंत्रित प्रदूषण: इंग्लेवुड तेल क्षेत्र के आसपास की बस्तियों ने पीढ़ियों से जहरीली गैसों और रिसाव को झेला है। इन रसायनों की वजह से स्थानीय लोगों में दमा, कैंसर और प्रजनन संबंधी समस्याएं अत्यधिक बढ़ गईं। • कम उत्पादन वाले कुओं से खतरा: धीमे तेल कुओं से मीथेन गैस और अन्य विषैले तत्वों का भारी रिसाव हो रहा था। कंपनियों को इस लापरवाही से रोकने के लिए नियामकों ने प्रति कुआं 10,000 डॉलर का मासिक जुर्माना तय किया। • जमीनी सामाजिक आंदोलन: स्थानीय अश्वेत और पर्यावरण संगठनों ने विधानसभा में लंबे समय तक जवाबदेही की मांग उठाई। इस दबाव के चलते ही पहले कुओं को 2030 तक बंद करने और अब जुर्माना फंड को सीधे जनता में बांटने का फैसला हुआ। सवाल-जवाब 1. विधेयक एबी 1661 के तहत कितनी सहायता राशि दी जाएगी? इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में 1,000 प्रभावित परिवारों को 5,000 डॉलर तक की सीधी नकद सहायता दी जाएगी। 2. इस सहायता राशि का स्रोत क्या है? यह राशि इंग्लेवुड तेल क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वाले और कम उत्पादन देने वाले कुओं पर लगाए गए जुर्माने से जुटाई गई है। 3. कौन से परिवार इस वित्तीय सहायता के पात्र होंगे? तेल क्षेत्र के 2.5 मील के दायरे में रहने वाले वे परिवार जिनके सदस्य श्वसन या प्रजनन संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं, इसके पात्र होंगे। 4. इंग्लेवुड तेल क्षेत्र को कब तक बंद करने का कानून है? साल 2024 में पारित एबी 2716 कानून के अनुसार इस तेल क्षेत्र को 2030 तक पूरी तरह बंद करना अनिवार्य है। 5. क्या इस सहायता राशि पर कोई सरकारी टैक्स कटेगा? नहीं, कैलिफोर्निया विधायिका ने क्षतिपूर्ति राशि को टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए अलग से कानून पारित किया है। https://trendkia.com/science/california-men-tela-kuon-ke-pradushana-ki-mara-jhela-rahe-parivaron-ko-milega-muavaja-34009 TrendKia — Har trend, sabse pehle.