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  "type": "article",
  "title": "कॉरनेल और शंघाई यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा, 33.3 अरब साल की उम्र के बाद सिमट जाएगा पूरा ब्रह्मांड",
  "summary": "खगोलविदों के एक नए गणितीय मॉडल में संकेत मिला है कि डार्क एनर्जी का प्रभाव बदलने से ब्रह्मांड का विस्तार थम जाएगा और वह अंततः एक बिंदु में समा जाएगा।",
  "content": "खगोल विज्ञान के क्षेत्र में ब्रह्मांड की उत्पत्ति और इसके अंतिम भाग्य को लेकर शोध लगातार जारी हैं। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए एक ताज़ा अध्ययन ने इस विषय में एक नई और विचारोत्तेजक अवधारणा पेश की है। शोधकर्ताओं के बनाए नए मॉडल के अनुसार, हमारा ब्रह्मांड हमेशा के लिए फैलते रहने के बजाय एक दिन सिकुड़ना शुरू कर देगा। इस गणितीय और सैद्धांतिक अध्ययन में अनुमान जताया गया है कि ब्रह्मांड की कुल उम्र लगभग 33.3 अरब साल होगी, जिसके बाद बिग क्रंच नामक घटना में सब कुछ वापस एक असीम घनत्व वाले बिंदु में सिमट जाएगा।\n\nफैलाव से संकुचन की ओर ब्रह्मांड की यात्रा\nमौजूदा समय में ब्रह्मांड का लगातार विस्तार हो रहा है। सन 1920 के दशक से ही खगोलविद इस बात के प्रमाण देखते आ रहे हैं कि दूरस्थ आकाशगंगाएं एक-दूसरे से दूर भाग रही हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं की टीम द्वारा विकसित नई सैद्धांतिक रूपरेखा दर्शाती है कि यह फैलाव अनंत काल तक नहीं चलेगा। मॉडल के मुताबिक, भविष्य में एक ऐसा चरण आएगा जब विस्तार की गति धीमी होने लगेगी। ब्रह्मांड अपने अधिकतम आकार तक पहुंचेगा और फिर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से सिकुड़ने लगेगा। यह प्रक्रिया बिग बैंग की ठीक उल्टी होगी। जिस तरह 13.8 अरब साल पहले बिग बैंग के साथ स्थान और समय का विस्तार शुरू हुआ था, उसी तरह बिग क्रंच में समस्त पदार्थ, प्रकाश और ऊर्जा एक ही बिंदु में समाहित हो जाएंगे।\n\n69 प्रतिशत तक बढ़ने के बाद बदलेगी दिशा\nवैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार, संकुचन का दौर शुरू होने से पहले ब्रह्मांड अपने वर्तमान आकार की तुलना में लगभग 69 प्रतिशत अधिक फैल चुका होगा। अपने चरम विस्तार पर पहुंचने के बाद ही इसकी दिशा में यह ऐतिहासिक मोड़ आएगा। शोधकर्ताओं ने इस स्थिति को समझाने के लिए खिंचे हुए रबर बैंड का उदाहरण दिया है। जिस प्रकार किसी रबर बैंड को खींचने पर उसमें तनाव बढ़ता है और छोड़ने या सीमा समाप्त होने पर वह अपनी मूल स्थिति की तरफ वापस लौटता है, ठीक उसी तरह ब्रह्मांड में भी विस्तार बल कमज़ोर पड़ने पर संकुचन शुरू हो सकता है। यह विचार ब्रह्मांडीय भौतिकी की पुरानी स्थापित अवधारणाओं को एक नई दिशा में चुनौती देता है।\n\nडार्क एनर्जी का बदलता रूप और इसका प्रभाव\nइस पूरे मॉडल का मुख्य आधार डार्क एनर्जी का व्यवहार है। वर्तमान में ब्रह्मांड के कुल ऊर्जा-द्रव्यमान बजट का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा डार्क एनर्जी से निर्मित माना जाता है। डार्क एनर्जी ही वह अदृश्य बल है जो गुरुत्वाकर्षण के विपरीत काम करते हुए आकाशगंगाओं को एक-दूसरे से दूर धकेल रही है। अब तक कई खगोलशास्त्री यह मानते रहे हैं कि डार्क एनर्जी का मान एक स्थिर स्थिरांक है। लेकिन कॉर्नेल और शंघाई के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में यह संभावना जताई है कि डार्क एनर्जी का स्वभाव समय के साथ बदल सकता है। यदि डार्क एनर्जी का प्रसरणशील प्रभाव घटता है या इसका रूप बदलता है, तो गुरुत्वाकर्षण बल फिर से हावी हो जाएगा और ब्रह्मांड का संकुचन अनिवार्य हो जाएगा।\n\nसौरमंडल का अंत और आकाशगंगाओं की टक्कर\nवर्तमान समय में ब्रह्मांड की आयु लगभग 13.8 अरब वर्ष आंकी गई है। यदि इस अध्ययन के 33.3 अरब साल के कुल जीवनकाल वाले अनुमान को सच माना जाए, तो बिग क्रंच होने में अभी करीब 19.5 से 20 अरब वर्ष का समय बचा हुआ है। हालांकि, इंसानों या पृथ्वी के लिए इसका सीधा असर देखने का कोई अवसर नहीं होगा। वैज्ञानिकों के अन्य स्थापित खगोलीय आकलनों के अनुसार, हमारा सूर्य अगले 5 से 6 अरब वर्षों में अपना ईंधन समाप्त कर एक लाल दानव तारे में बदल जाएगा और पृथ्वी को नष्ट कर देगा। इसके अलावा, लगभग 4 से 5 अरब वर्षों में हमारी आकाशगंगा मिल्की वे और पास की एंड्रोमेडा आकाशगंगा के बीच भीषण टक्कर होगी, जिससे एक नई एकीकृत आकाशगंगा का निर्माण होगा। इसलिए जब ब्रह्मांड अपने अंतिम विनाशकारी चरण बिग क्रंच तक पहुंचेगा, तब तक पृथ्वी और सौरमंडल का अस्तित्व समाप्त हुए अरबों वर्ष बीत चुके होंगे।\n\nसैद्धांतिक मॉडल और ब्रह्मांडीय अनिश्चितता\nशोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि बिग क्रंच का यह अध्ययन एक गणितीय मॉडल और सैद्धांतिक संभावना पर आधारित है। इसे ब्रह्मांड के अंत की कोई अंतिम या अटल भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। ब्रह्मांड का वास्तविक अंतिम चक्र क्या होगा, यह अभी भी विज्ञान की सबसे जटिल गुथियों में से एक है। कुछ अन्य सिद्धांत ब्रह्मांड के अनवरत फैलाव और ठंडे होने के सिद्धांत की बात करते हैं, तो कुछ अन्य संभावनाओं की चर्चा करते हैं। फिर भी, यह नया मॉडल खगोलशास्त्रियों को डार्क एनर्जी की गतिशील प्रकृति और ब्रह्मांडीय नियति को एक नए दृष्टिकोण से समझने का एक महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।\n\nइसका आप पर असर\nमानव ज्ञान और खगोल विज्ञान पर असर: यह अध्ययन ब्रह्मांड के अंत के विषय में वैज्ञानिकों की समझ को नया दृष्टिकोण देता है और खगोलीय प्रेक्षणों के लिए नए मानक स्थापित करता है।\n\n• वैज्ञानिक शोध: खगोलविदों को डार्क एनर्जी के स्थिर मान की धारणा को छोड़कर इसके गतिशील व्यवहार का अध्ययन करने की नई प्रेरणा मिलेगी।\n• प्रौद्योगिकी और उपकरण: भविष्य के अंतरिक्ष दूरबीनों और उपग्रहों को डार्क एनर्जी के सूक्ष्म बदलावों को मापने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया जाएगा।\n• मानव अस्तित्व की समयसीमा: यह शोध स्पष्ट करता है कि पृथ्वी और जीवन का अंत सौर चक्र के कारण अगले कुछ अरब वर्षों में ही हो जाएगा, न कि ब्रह्मांड के अंत में।\n• शैक्षणिक पाठ्यक्रम: उच्च शिक्षा और भौतिकी के पाठ्यक्रमों में ब्रह्मांडीय मॉडल से जुड़े नए समीकरणों को शामिल किया जाएगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकॉर्नेल यूनिवर्सिटी और शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए इस नए गणितीय मॉडल में ब्रह्मांड के संकुचित होने के वैज्ञानिक कारणों की व्याख्या की गई है।\n\n• डार्क एनर्जी का बदलता स्वभाव: ब्रह्मांड के 70 प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करने वाली डार्क एनर्जी का प्रभाव हमेशा एक समान रहने के बजाय घट सकता है।\n• गुरुत्वाकर्षण की पुनरावृत्ति: जब डार्क एनर्जी का बाहरी धकेलने वाला बल कमज़ोर पड़ता है, तो कुल द्रव्यमान का आंतरिक गुरुत्वाकर्षण बल हावी होने लगता है।\n• अधिकतम विस्तार सीमा: मॉडल के अनुसार, वर्तमान आकार से 69 प्रतिशत अधिक फैलने के बाद ब्रह्मांड का विस्तार पूरी तरह रुक जाएगा।\n• विपरीत प्रतिक्रिया: फैलाव रुकने के बाद समस्त आकाशगंगाएं और पदार्थ गुरुत्वाकर्षण के कारण वापस एक केंद्रीय बिंदु की ओर खिंचने लगेंगे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अध्ययन के अनुसार ब्रह्मांड का कुल जीवनकाल कितना है?\nअध्ययन के अनुसार ब्रह्मांड का कुल जीवनकाल लगभग 33.3 अरब वर्ष आंका गया है।\n\n2. बिग क्रंच होने में अभी कितना समय बाकी है?\nब्रह्मांड की वर्तमान आयु 13.8 अरब वर्ष मानते हुए बिग क्रंच होने में लगभग 19.5 से 20 अरब वर्ष शेष हैं।\n\n3. क्या पृथ्वी बिग क्रंच तक बची रहेगी?\nनहीं, सूर्य के लाल दानव तारे में बदलने के कारण पृथ्वी लगभग 5 से 6 अरब वर्षों में ही नष्ट हो जाएगी।\n\n4. ब्रह्मांड के संकुचन में डार्क एनर्जी की क्या भूमिका है?\nयदि डार्क एनर्जी की शक्ति घटती है, तो गुरुत्वाकर्षण बल फैलाव को रोककर ब्रह्मांड को वापस सिकुड़ने पर मजबूर कर देगा।\n\n5. सिकुड़ने से पहले ब्रह्मांड कितना बड़ा हो जाएगा?\nमॉडल के अनुसार संकुचन शुरू होने से पहले ब्रह्मांड अपने वर्तमान आकार से लगभग 69 प्रतिशत अधिक बड़ा हो जाएगा।",
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  "category": "विज्ञान",
  "publishedAt": "2026-09-13",
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    "ब्रह्मांड का अंत",
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    "डार्क एनर्जी",
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