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  "type": "article",
  "title": "इंडोनेशिया के आसमान में समाया नासा का स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी, दो दशक की ऐतिहासिक अंतरिक्ष खोज का हुआ अंत",
  "summary": "नासा का 1,452 किलोग्राम वजनी स्विफ्ट टेलीस्कोप 22 साल की सफल वैज्ञानिक यात्रा पूरी करने के बाद वायुमंडल में जलकर समाप्त हो गया। अमेरिकी स्पेस फोर्स के अनुसार, यह उपग्रह अत्यधिक तेज गति से पृथ्वी की कक्षा में वापस लौटा और कहीं किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली।",
  "content": "ब्रह्मांडीय रहस्यों की पड़ताल में दो दशकों से अधिक समय बिताने वाला अंतरिक्ष यान आखिरकार पृथ्वी की ओर लौटते हुए राख में बदल गया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा संचालित प्रसिद्ध नील गेहरेल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी ने बुधवार को ग्रह के वायुमंडल में अपनी अंतिम सांस ली। लगभग 1,452 किलोग्राम भारी यह वैज्ञानिक उपकरण बेहद तीव्र रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण से टकराया। सतह पर मौजूद आबादी के लिए राहत की बात यह रही कि इसके अधिकांश हिस्से हवा में ही नष्ट हो गए और धरातल पर किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं आई।\n\nउत्तरी सुमात्रा के ऊपर अत्यधिक गति से वापसी\nअमेरिकी स्पेस फोर्स ने इस उपग्रह के धरती पर लौटने के सटीक समय और स्थान की पुष्टि कर दी है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय समयानुसार बुधवार शाम 6:09 बजे यह उपग्रह इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत के ऊपर वायुमंडल की निचली परतों में प्रविष्ट हुआ। वातावरण में दाखिल होते वक्त इसकी चाल ध्वनि की गति से करीब 22 गुना ज्यादा मापी गई थी। इतनी प्रचंड गति और घने वायुमंडलीय घर्षण के चलते अंतरिक्ष यान में भीषण तापमान उत्पन्न हुआ, जिससे संरचना का ज्यादातर हिस्सा हवा में ही विलीन हो गया।\n\nजमीनी जोखिम का बेहद सीमित दायरा\nनासा ने इस खगोलीय यंत्र की वापसी से पहले ही स्पष्ट किया था कि पृथ्वी पर रहने वाले नागरिकों के लिए खतरा नगण्य है। गणितीय विश्लेषण के आधार पर एजेंसी ने आकलन लगाया था कि इसके मलबे से किसी इंसान के जख्मी होने की संभावना 2,100 में से केवल एक थी। ब्रिटिश फर्म एक्यू कंपोनेंट्स के एयरोस्पेस विशेषज्ञ डीन स्लेडन ने स्थिति को सामान्य बताते हुए उल्लेख किया कि इस पैमाने के उपग्रहों का वायुमंडल में पुनः प्रवेश होना सामान्य घटनाक्रम है। डीन स्लेडन के शब्दों में, \"अंतरिक्ष उड़ानों के लगभग 70 वर्षों के इतिहास में कभी भी किसी व्यक्ति की मौत गिरते हुए मलबे के कारण नहीं हुई है.\" विशेषज्ञों का मानना था कि अत्यधिक मजबूत सामग्री के इक्का-दुक्का अंश ही जमीन तक पहुंच पाए होंगे।\n\nजुलाई के बचाव प्रयास में आई थी तकनीकी बाधा\nअंतरिक्ष एजेंसी इस मूल्यवान वैज्ञानिक उपकरण को इतनी जल्दी खोना नहीं चाहती थी। इसके परिचालन काल को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जुलाई माह में एक निजी उपक्रम की मदद ली गई थी। एरिजोना के कैटलिस्ट नामक स्टार्टअप के साथ मिलकर एक रेस्क्यू मिशन तैयार किया गया, जिसमें लिंक नामक विशेष अंतरिक्ष यान शामिल था। योजना यह थी कि लिंक अंतरिक्ष यान स्विफ्ट से जुड़कर उसे एक सुरक्षित और ऊंची कक्षा में स्थानांतरित करेगा। लेकिन कक्षा में पहुंचते ही लिंक अनियंत्रित रूप से चक्राकार घूमने लगा, जिसके चलते वैज्ञानिकों को यह बचाव अभियान बीच में ही रद्द करने पर विवश होना पड़ा। उस अभियान की विफलता के तीन महीने से भी कम समय के भीतर टेलीस्कोप का पतन तय हो गया।\n\nदो वर्ष के लक्ष्य से 22 साल का कीर्तिमान\nवर्ष 2004 में जब इस अंतरिक्ष वेधशाला को प्रक्षेपित किया गया था, तब इसका आधिकारिक डिजाइन जीवनकाल केवल दो वर्षों के लिए निर्धारित था। इसका प्राथमिक मकसद गहरे अंतरिक्ष में होने वाले सबसे तीव्र और ऊर्जावान विस्फोटों, यानी गामा-रे बर्स्ट की बारीकियों को समझना था। स्विफ्ट ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए लगातार 22 सालों तक खगोलीय सेवाएं दीं। अपनी सेवा के दौरान इसने सुपरनोवा, ब्लैक होल, एक्स-रे फ्लेयर्स, सौरमंडल के क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं से जुड़े दुर्लभ आंकड़े संकलित किए। इन अवलोकनों की मदद से वैश्विक स्तर पर करीब 7,000 शोध पत्र तैयार किए गए। महीनों तक अपनी कक्षा में स्थिरता खोते रहने के बाद अंततः 20 अक्टूबर को इस टेलीस्कोप ने हमेशा के लिए काम करना बंद कर दिया था।\n\nइसका आप पर असर\nअंतरिक्ष से पुराने उपग्रहों के अनियंत्रित पुनः प्रवेश पर सुरक्षा और वैज्ञानिक दृष्टि से सीधा असर पड़ता है।\n\n• नागरिक सुरक्षा: इस घटना में किसी भी मानवीय बस्ती या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। खगोलीय घर्षण के कारण अधिकांश ढांचा हवा में ही नष्ट हो जाने से पृथ्वी की सतह पूरी तरह सुरक्षित रही।\n• वैश्विक अंतरिक्ष अभियान: अंतरिक्ष मलबे को हटाने और पुराने उपग्रहों को सुरक्षित कक्षा में धकेलने की तकनीक में नई चुनौतियां उजागर हुई हैं। निजी कंपनियों के बचाव अभियानों में आ रही तकनीकी दिक्कतों से भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के डिजाइन और योजना में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।\n• खगोल विज्ञान अनुसंधान: इस टेलीस्कोप के बंद होने से गामा-रे बर्स्ट और ब्लैक होल की नियमित निगरानी में एक महत्वपूर्ण स्रोत समाप्त हो गया है। शोधकर्ताओं को अब ब्रह्मांडीय अध्ययनों के लिए अन्य उपलब्ध स्पेस वेधशालाओं के डेटा पर निर्भर रहना पड़ेगा।\n• अंतरिक्ष मलबे की नीति: भविष्य के बड़े उपग्रहों के लिए डी-ऑर्बिटिंग प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त बनाया जा सकता है। इससे वैज्ञानिक संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि पुराने उपकरण धरती पर गिरने के बजाय तय योजना के तहत पूरी तरह नष्ट हों।\n\nऐसा क्यों हुआ\nस्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप का धरती पर गिरना प्राकृतिक कक्षीय क्षरण और तकनीकी बचाव प्रयास की विफलता का मिलाजुला परिणाम था।\n\n• प्राकृतिक कक्षीय क्षरण: दो दशकों से अधिक समय तक सेवा देने के बाद टेलीस्कोप की कक्षा लगातार अस्थिर हो रही थी। पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडलीय खिंचाव के कारण इसकी ऊंचाई धीरे-धीरे घटती गई, जिसके बाद 20 अक्टूबर को इसने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया था।\n• बचाव मिशन का असफल होना: नासा ने एरिजोना स्थित निजी स्टार्टअप के लिंक अंतरिक्ष यान की मदद से इसे ऊंची कक्षा में धकेलने का प्रयास किया था। अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद लिंक यान अनियंत्रित रूप से घूमने लगा, जिससे इस टेलीस्कोप को बचा पाना संभव नहीं हो सका।\n• अभियान की पूर्णता: मात्र दो वर्ष के प्रारंभिक लक्ष्य के साथ 2004 में भेजा गया यह यान 22 वर्षों तक सक्रिय रहा और अपनी तय जीवनसीमा को बहुत पहले ही पार कर चुका था। तकनीकी रूप से इसके मिशन का पूरा हो जाना और संचालन समाप्त होना इसकी स्वाभाविक वापसी का मुख्य कारण बना।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप कब और कहां वायुमंडल में दाखिल हुआ?\nयह उपग्रह भारतीय समयानुसार बुधवार शाम 6:09 बजे इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत के ऊपर पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हुआ।\n\n2. वायुमंडल में प्रवेश के समय इस टेलीस्कोप की गति कितनी थी?\nपृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय इस उपग्रह की गति ध्वनि की रफ्तार से लगभग 22 गुना ज्यादा थी।\n\n3. टेलीस्कोप का कुल वजन कितना था?\nस्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप का कुल वजन 1,452 किलोग्राम था।\n\n4. नासा ने इस उपग्रह को मूल रूप से कितने समय के मिशन के लिए भेजा था?\nइसे मूल रूप से केवल 2 साल के मिशन के लिए 2004 में भेजा गया था, लेकिन इसने 22 साल तक काम किया।\n\n5. जुलाई में इसे बचाने के लिए कौन सा प्रयास किया गया था?\nएरिजोना के कैटलिस्ट स्टार्टअप के लिंक अंतरिक्ष यान से इसे ऊंची कक्षा में धकेलने की कोशिश की गई थी, जो यान के घूमने की वजह से विफल हो गई।\n\n6. इस टेलीस्कोप से वैज्ञानिकों को क्या लाभ मिला था?\nइसने गामा-रे बर्स्ट, सुपरनोवा और ब्लैक होल का अध्ययन किया और करीब 7,000 वैज्ञानिक शोध पत्रों को तैयार करने में मदद की।",
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