# चार बेलुगा व्हेल को नियाग्रा फॉल्स से शिकागो लाने का साहसिक अभियान

> दिवालिया हुए कनाडाई पार्क से चार वयस्क मादा बेलुगा व्हेल को चार्टर्ड विमान और ट्रकों के जरिए शिकागो के शेड एक्वेरियम सुरक्षित पहुंचाया गया।

**Type:** article · **Category:** विज्ञान · **Published:** 2026-07-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/science/inside-the-daring-rescue-mission-that-brought-4-beluga-whales-to-chicago-11136 · **Language:** Hindi
**Tags:** बेलुगा व्हेल, शेड एक्वेरियम, मरीनलैंड, शिकागो, पशु रेस्क्यू, नियाग्रा फॉल्स

चार वयस्क मादा बेलुगा व्हेल को नियाग्रा फॉल्स के बाड़ों से निकालकर टोरोंटो के पियर्सन एयरपोर्ट के रास्ते शिकागो पहुंचाने का एक अभूतपूर्व और जटिल अभियान पूरा किया गया। इस लंबी और जोखिम भरी यात्रा में शेड एक्वेरियम के पशु व्यवहार और प्रशिक्षण निदेशक चार्ली जैकोब्समा सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे। इस विमान में छह बेलुगा व्हेल सवार थीं, जिनमें से चार को शिकागो लाया गया जबकि दो अन्य व्हेल को सैन एंटोनियो के एक एक्वेरियम में भेजने के लिए चार्टर्ड बोइंग 777 फ्रेटर विमान से आगे रवाना किया गया।

ये सभी समुद्री जीव मरीनलैंड ऑफ नियाग्रा फॉल्स में रहते थे, जो कि एक लंबे समय से संचालित होने वाला विवादित मनोरंजन पार्क और एक्वेरियम था। मालिकों के निधन के बाद यह पार्क दिवालिया हो गया और 2024 में आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया। जब पार्क के पास जानवरों की देखभाल के लिए धन समाप्त हो गया, तो उसने कनाडाई सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद 2025 में पार्क ने यह घोषणा की कि यदि इन बेजुबान जानवरों को अन्य सुरक्षित ठिकानों पर नहीं भेजा गया, तो उन्हें इच्छा मृत्यु यानी यूथनेशिया देने जैसा बेहद दर्दनाक निर्णय लेना पड़ सकता है।

इस संकट के सामने आते ही समुद्री जीव विज्ञान और एक्वेरियम जगत के विशेषज्ञ हरकत में आ गए और उनके पुनर्वास के विकल्पों पर चर्चा शुरू हो गई। जनवरी 2026 तक रेस्क्यू टीम के सदस्य ओंटारियो पहुंच चुके थे ताकि यह आकलन किया जा सके कि इन विशालकाय व्हेल को वहां से कैसे सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद जून में कनाडा सरकार और मरीनलैंड के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ, जिससे इन जीवों को जॉर्जिया, सैन डिएगो और स्पेन के एक्वेरियम संघ के साथ-साथ शिकागो और टेक्सस की संस्थाओं में भेजने का रास्ता साफ हो गया। समुद्री जीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के मामले में यह अब तक का सबसे बड़ा और अनोखा अभियान था।

हजारों पाउंड वजनी जलीय स्तनधारियों को सैकड़ों मील दूर ले जाने का यह सफर उम्मीद के मुताबिक काफी व्यवस्थित ढंग से पूरा हुआ। विमान ने बेहद सुचारू और धीमी गति से उड़ान भरी और लैंडिंग भी बहुत आसानी से हो गई। विमान के भीतर मौजूद विशेषज्ञों की टीम लगातार इन व्हेल के पास रहकर उन पर नजर बनाए हुए थी और उनके शरीर पर लगातार पानी डाल रही थी ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

इस परिवहन के कुछ दिनों बाद शिकागो के शेड ओशनेरियम में पहुंचे आगंतुकों का स्वागत ऐसे बोर्डों से किया गया जिन पर पूरी तरह शांति बनाए रखने का अनुरोध लिखा था। लोगों से अपील की गई थी कि वे अपनी आवाज धीमी रखें ताकि रेस्क्यू करके लाई गई बेलुगा व्हेल अपने नए माहौल में खुद को आसानी से ढाल सकें। विशेषज्ञों की एक विशेष टीम चौबीस घंटे इन पर कड़ी निगरानी रख रही है और फिलहाल अकाडिया, लिलूएट, ओसिरिस तथा सिएरा नाम की इन चारों व्हेल को आम जनता की नजरों से दूर एक सुरक्षित बाड़े में रखा गया है ताकि उनके देखभालकर्ता उन्हें वहां के परिवेश से सहज रूप से परिचित करा सकें।

ये चारों मादा व्हेल अपने जीवन के दूसरे दशक में हैं और बाड़े में तैरते हुए अपनी प्रजाति की बेहद धीमी, सहज और खूबसूरत कलाबाजियों का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्हें देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि महज बहत्तर घंटे पहले ही उन्हें एक विशेष स्ट्रेचिंग स्ट्रक्चर में लादकर, ठंडे खारे पानी से भरे ट्रांसपोर्ट बॉक्स में रखकर ट्रक के जरिए एयरपोर्ट पहुंचाया गया था और फिर एक नए देश के शहर में विमान से लाया गया था। इस चुनौतीपूर्ण मिशन के पहले चरण को सफलता तक पहुंचाने के लिए पूरी टीम ने अपने पास उपलब्ध हर एक संसाधन और उपकरण का बारीकी से हिसाब लगाया था।

विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय करना इस पूरे अभियान का सबसे कठिन पहलू रहा, जिसमें फिशरीज एंड ओशंस कनाडा और यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर जैसी संस्थाएं शामिल थीं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंतरराष्ट्रीय पशु व्यापार को नियंत्रित करने वाले अंतरराष्ट्रीय संधि नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया।

केवल रसद और परिवहन की पेचीदगियों को सुलझाना ही एकमात्र चुनौती नहीं थी, बल्कि विशेषज्ञों के सामने यह सवाल भी था कि इन जानवरों को किस तरह अलग किया जाए और उन्हें किस स्थान पर भेजना सबसे उपयुक्त रहेगा। उन्होंने मरीनलैंड में रहने वाले उनके पुराने सामाजिक समूहों और अन्य एक्वेरियम की पहले से मौजूद बेलुगा व्हेल के साथ उनके तालमेल पर भी गंभीरता से विचार किया। शेड एक्वेरियम के पास पहले से ही आठ बेलुगा व्हेल मौजूद थीं, इसलिए यह देखना जरूरी था कि कौन सी युवा व्हेल किसके साथ सबसे बेहतर तरीके से रह सकती है और कौन सी व्हेल नए समूह का नेतृत्व करने के काबिल है।

शेड एक्वेरियम के कर्मचारियों का कहना है कि इन मूक जीवों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के इस सफर के दौरान उन्हें हर कदम पर लोगों का जबरदस्त सहयोग मिला। मरीनलैंड के स्टाफ से लेकर ओ'हारे एयरपोर्ट के कस्टम अधिकारियों तक ने हर संभव मदद की और विमान के भीतर आकर पासपोर्ट की जांच की ताकि टीम पूरी यात्रा के दौरान बिना किसी रुकावट के इन जानवरों के साथ बनी रह सके।

हालांकि इस पूरे अभियान की कुछ हलकों में आलोचना भी हुई है, जहां आलोचकों ने पारदर्शिता बढ़ाने और कैदियों की तरह पाले जाने वाले जीवों के प्रजनन को पूरी तरह से बंद करने की मांग उठाई है। मरीनलैंड की बेलुगा व्हेल के सामने विकल्प बहुत सीमित थे क्योंकि कनाडाई समाचार माध्यमों के अनुसार फिशरीज एंड ओशंस कनाडा ने स्पष्ट किया था कि ये जीव जंगल में जीवित नहीं रह सकते। शेड एक्वेरियम का यह भी कहना है कि वे इन जीवों को उच्चतम स्तर की देखभाल प्रदान कर रहे हैं और वर्तमान में उनका ध्यान प्रजनन पर बिल्कुल नहीं है।

दुनिया भर में कैद से मुक्त कराए गए व्हेल को रखने के लिए समुद्री पेन बनाने का एक आंदोलन चल रहा है, लेकिन वर्तमान में आइसलैंड में केवल एक ऐसा पेन मौजूद है जिसने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी है कि वह फिलहाल और अधिक जानवरों को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। वहीं दूसरी ओर, द व्हेल सैंक्चुअरी प्रोजेक्ट नामक एक कनाडाई गैर-लाभकारी संगठन 2027 में नोवा स्कॉशिया में एक समुद्री पेन खोलने की योजना बना रहा है और उसने इस पूरे बचाव अभियान को एक दिखावा करार देते हुए तीखी आलोचना की है।

शेड एक्वेरियम की टीम इन नए मेहमानों के नए माहौल में बसने को लेकर काफी हद तक आश्वस्त और सकारात्मक नजर आ रही है। ये व्हेल अब नियमित रूप से भोजन कर रही हैं और टीम द्वारा बाड़े में डाले जा रहे खिलौनों व मछलियों को उत्साह से ढूंढ रही हैं। इसके अलावा, मरीनलैंड में अभी भी दर्जनों संकटग्रस्त जानवर फंसे हुए हैं, और शेड एक्वेरियम ने स्पष्ट किया है कि वे इनमें से दस और बेलुगा व्हेल को अपने यहां आश्रय देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. नियाग्रा फॉल्स से बेलुगा व्हेल को कहां ले जाया गया?
नियाग्रा फॉल्स के मरीनलैंड पार्क से चार बेलुगा व्हेल को शिकागो के शेड एक्वेरियम में लाया गया है।

### 2. शेड एक्वेरियम में कितनी बेलुगा व्हेल लाई गई हैं?
शेड एक्वेरियम में अकाडिया, लिलूएट, ओसिरिस और सिएरा नाम की चार वयस्क मादा बेलुगा व्हेल लाई गई हैं।

### 3. मरीनलैंड पार्क क्यों बंद हुआ था?
मालकों की मृत्यु के बाद मरीनलैंड पार्क दिवालिया हो गया था और 2024 में जनता के लिए बंद कर दिया गया था।

### 4. शेड एक्वेरियम में इन व्हेल की देखभाल कैसे हो रही है?
इन व्हेल को आम जनता की नजरों से दूर एक सुरक्षित बाड़े में रखा गया है जहां पशु चिकित्सक चौबीस घंटे उनकी निगरानी कर रहे हैं।

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