{
  "type": "article",
  "title": "कॉकरोच के दूध से लेकर मरे मच्छरों तक, अजीबोगरीब खोजों के लिए दिए गए वर्ष 2026 के इग्नोरबेल पुरस्कार",
  "summary": "वर्ष 2026 के इग्नोरबेल पुरस्कारों की घोषणा ज्यूरिख में की गई, जिसमें किस की वैज्ञानिक परिभाषा से लेकर मिट्टी की सेहत जांचने के लिए अंडरवियर का इस्तेमाल करने तक के 10 अनूठे शोध प्रोजेक्ट्स को सम्मानित किया गया।",
  "content": "इस बार पुरस्कार समारोह का आयोजन स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में किया गया, जिसमें कुल 10 ऐसे शोध प्रोजेक्ट्स को मान्यता दी गई जो पारंपरिक विज्ञान की सीमाओं से परे बेहद अनूठे विषयों पर आधारित थे। इनमें चुंबन की वैज्ञानिक परिभाषा तलाशने से लेकर जमीन की सेहत मापने के लिए दफनाए गए अंडरवियर का उपयोग करने जैसे रोचक प्रयोग शामिल रहे। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन खोजों को सम्मानित करना है जो पहले लोगों को हंसाती हैं और फिर सोचने पर मजबूर करती हैं।\n\nबायोमैकेनिक्स पुरस्कार: चुंबन की एक वैज्ञानिक परिभाषा\nआखिरकार एक चुंबन असल में क्या होता है? शोधकर्ताओं के एक समूह ने एक ऐसी वैज्ञानिक परिभाषा तय करने का बीड़ा उठाया जो केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि सभी जानवरों पर लागू हो सके। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि चुंबन एक ऐसी गैर-आक्रामक पारस्परिक क्रिया है जिसमें मौखिक संपर्क शामिल होता है, जिसमें होंठों या मुंह की संरचनाओं की कुछ हलचल होती है और भोजन का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है। इस परिभाषा के दायरे में चिम्पैंजी जैसे अन्य बड़े वानर भी आते हैं, साथ ही पालतू कुत्ते और बिल्लियां भी इस श्रेणी में शामिल हैं। इसके अलावा कबूतर, पेंगुइन, गिलहरी, काले भालू और कछुए भी इस सूची में आते हैं, हालांकि इन सभी जीवों में किस करने के मायने एक जैसे नहीं होते हैं।\n\nअर्थशास्त्र पुरस्कार: अधिक धन क्या आपको एक बुरा इंसान बना सकता है\nशोध पत्र उच्च सामाजिक वर्ग अनैतिक व्यवहार में वृद्धि की भविष्यवाणी करता है, जिसे प्रकाशित किया गया था, में वैज्ञानिकों ने यह जांचने के लिए सात प्रयोग किए कि क्या सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अनैतिक हरकतों से कोई संबंध है। इन हरकतों में ट्रैफिक नियमों को तोड़ना, रास्ता देने से इंकार करना, बेईमानी करना और यहां तक कि बच्चों से टॉफी छीनना भी शामिल था। इसके परिणामों से यह संकेत मिलता है कि उच्च सामाजिक वर्गों से ताल्लुक रखने वाले लोगों में औसतन अपने स्वार्थ को सबसे ऊपर रखने की प्रवृत्ति अधिक होती है। इस बात ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कैसे धन बढ़ने के साथ व्यवहार में बदलाव आ सकते हैं।\n\nरसायन विज्ञान पुरस्कार: कॉकरोच का दूध वास्तव में होता है पौष्टिक\nयह एक और ऐसा अध्ययन है जो यह सुझाव देता है कि पोषण का भविष्य कीड़े-मकोड़ों में छिपा हो सकता है। यहां जिस दूध की चर्चा की जा रही है, वह डिपलोप्टेरा पंकटा प्रजाति की मादा कॉकरोच द्वारा उत्पन्न किया जाने वाला एक उच्च प्रोटीनयुक्त पदार्थ है। ये कॉकरोच प्रोटीन, वसा और शर्करा को बेहद ऊर्जा-सघन रूप में केंद्रित करते हैं। वैज्ञानिकों की एक टीम ने उन क्रिस्टल्स का विश्लेषण किया जो भ्रूण के अंदर बनते हैं, ताकि यह समझा जा सके कि ये छोटे से स्थान में इतने सारे पोषक तत्वों को कैसे संग्रहित करके रखते हैं।\n\nचिकित्सा पुरस्कार: विज्ञान के अनुसार नाक साफ करने का सही तरीका\nइस प्रतियोगिता में यह अध्ययन सबसे लोकप्रिय माना गया क्योंकि इसके पीछे एक बहुत ही दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है। यह पुरस्कार वैज्ञानिक उनो तोकुजी को मरणोपरांत दिया गया, जिन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्ष नाक साफ करने के सही तरीके का अध्ययन करने में बिताए थे। उन्होंने नाक से सांस लेने की वायुगतिकी और मात्रा से लेकर कानों पर पड़ने वाले दबाव तक हर पहलू का बारीकी से विश्लेषण किया। उनकी मुख्य सिफारिश यह थी कि जब आप ज्यादा कंजेशन यानी बंद नाक से जूझ रहे हों, तो एक समय में एक ही नथुने को साफ करें। इसके अलावा, छोटे और कमजोर झटके देने के बजाय एक लंबी और अपेक्षाकृत जोरदार सांस छोड़ते हुए नाक साफ करनी चाहिए।\n\nजीव विज्ञान पुरस्कार: सांप कब काटने का फैसला करते हैं\nयह निर्धारित करने के लिए कि सांपों को रक्षात्मक रूप से काटने के लिए क्या प्रेरित करता है, शोधकर्ताओं ने दक्षिण अमेरिकी पिट वाइपर की अत्यधिक विषैली प्रजाति बोथ्रोप्स जाराराका के शरीरों के विभिन्न हिस्सों पर दबाव डाला और उनकी प्रतिक्रियाओं का बारीकी से अध्ययन किया। बूट पहनकर और एक नियंत्रित तरीके से, उन्होंने सांप के अलग-अलग अंगों पर कदम रखा। सांप के सिर पर पैर रखने से काटने की संभावना 44 प्रतिशत तक पाई गई। वहीं, शरीर के अन्य हिस्सों पर दबाव डालने से हमले का जोखिम 20 प्रतिशत दर्ज किया गया। यदि किसी वजह से आपको सांप पर पैर रखना ही पड़ जाए, तो उसकी पूंछ पर निशाना साधें, जहां ऐसा होने पर खतरा केवल 11 प्रतिशत ही रहता है।\n\nभौतिकी पुरस्कार: मूत्रालय को छींटों से पूरी तरह मुक्त कैसे बनाएं\nगणितीय मॉडलों के अनुसार, यदि आप यह नहीं चाहते हैं कि बूंदें वापस उछलकर आएं, तो किसी मूत्रालय पर गिरने वाली तरल धारा के लिए एक इष्टतम कोण होना आवश्यक है। शोधकर्ताओं ने पाया कि टकराने के कम कोण छींटों की संख्या को काफी हद तक कम कर देते हैं, और उन्होंने इसी सिद्धांत के आधार पर विभिन्न प्रोटोटाइप डिजाइन किए। इस तरह के वैज्ञानिक रूप से समर्थित मूत्रालय सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता बनाए रखने में बेहद मददगार साबित हो सकते हैं।\n\nप्रौद्योगिकी पुरस्कार: मरे हुए मच्छर बन सकते हैं थ्री-डी प्रिंटर\nपिछले दशक में थ्री-डी प्रिंटर की कीमतें काफी हद तक नीचे आई हैं, और अब आप एक मरे हुए मच्छर जैसी कम लागत वाली चीज से भी इसका निर्माण कर सकते हैं। मच्छर अपने खून चूसने के लिए जिन प्रोबोसिस्क यानी सूंड़ का उपयोग करते हैं, वे बेहद महीन सुइयों की तरह काम करती हैं। थ्री-डी प्रिंटर के सबसे नाजुक हिस्सों में से एक उसका नोजल होता है, जो मूल रूप से एक अति पतली नली की तरह होता है। सटीक उपकरणों के लिए नए घटकों को विकसित करने की तलाश करते समय, शोधकर्ताओं ने महसूस किया कि हर चीज को शून्य से आविष्कार करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। प्रकृति और विकास ने पहले ही मच्छर के मुख-भाग को अनुकूलित करके एक बेहतरीन समाधान ढूंढ निकाला था।\n\nघ्राण विज्ञान पुरस्कार: आपके बच्चे की महक शानदार होती है\nएक बार फिर विज्ञान ने इस बात की पुष्टि कर दी है जिसका अंदाजा आप शायद पहले से ही लगा सकते थे। शोधकर्ताओं ने इस बात का विश्लेषण किया कि माता-पिता अलग-अलग उम्र में अपने बच्चों की शरीर की गंध को कैसे महसूस करते हैं। अध्ययन में शामिल लोगों ने छोटे बच्चों की गंध को काफी अनुकूल पाया, जबकि किशोरों की गंध को बहुत कम सराहा गया। इस टीम का मानना है कि परिवार के भीतर संचार में गंध एक ऐसी भूमिका निभाती है जिसे कम आंका जाता है। यह माता-पिता और बच्चों के बीच के बंधन को पहचानने और उसे मजबूत करने से भी जुड़ी हो सकती है।\n\nशांति पुरस्कार: हमें कभी-कभी बुरे दोस्त भी पसंद आते हैं\nलोग आम तौर पर अपने सबसे अच्छे दोस्त के रूप में किस तरह के इंसान को देखना पसंद करते हैं? इस सवाल का जवाब देने के लिए शोधकर्ताओं ने प्रश्नावली तैयार की और प्रतिभागियों से पूछा कि उनके दोस्त को उनके प्रति, किसी अजनबी के प्रति और उनके दुश्मन के प्रति कैसा व्यवहार करना चाहिए। सामान्य तौर पर, लोगों ने एक ऐसे दोस्त को प्राथमिकता दी जो उनके लिए तो दयालु हो लेकिन उनके दुश्मनों के प्रति क्रूर हो। इससे यह संकेत मिलता है कि आदर्श मित्र जरूरी नहीं कि एक सर्वगुण संपन्न या विश्व स्तर पर अच्छा इंसान ही हो।\n\nमृदा विज्ञान पुरस्कार: पुराने अंडरवियर से खुल सकता है मिट्टी की सेहत का राज\nलगभग 1,000 प्रतिभागियों ने सूती अंडरवियर को जमीन के अंदर दफनाया और यह देखने के लिए कुछ समय बाद वापस आए कि वे कितने विघटित हो चुके थे। इसका परिणाम अंडरवियर इंडेक्स के रूप में सामने आया। कपड़ों में जितने अधिक छेद होंगे, जैविक गतिविधि उतनी ही अधिक होगी, विशेष रूप से उन सूक्ष्मजीवों की जो पौधों की कोशिका भित्ति में मौजूद एक प्राकृतिक अणु सेलूलोज़ को तोड़ने में सक्षम होते हैं। इस तरह के रोगाणुओं की आबादी कृषि भूमि के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और अब इनकी उपस्थिति का परीक्षण करने के लिए आपको बस एक पुरानी अंडरवियर की आवश्यकता है।\n\nयह पूरा पुरस्कार समारोह अब ऑनलाइन देखने के लिए उपलब्ध है।\n\nइसका आप पर असर\nवर्ष 2026 के इग्नोरबेल पुरस्कारों से जुड़ी यह खबर आम पाठकों के दैनिक जीवन पर कोई सीधा आर्थिक या नीतिगत प्रभाव नहीं डालती है, लेकिन यह विज्ञान और अनुसंधान के प्रति एक नया दृष्टिकोण जरूर प्रदान करती है।\n\n• भारत में: वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान के क्षेत्र में इस तरह के अनूठे अध्ययन छात्रों और शोधकर्ताओं को पारंपरिक लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।\n• दैनिक जीवन: रोजमर्रा के छोटे अनुभवों जैसे नाक साफ करने का सही तरीका या माता-पिता द्वारा बच्चों की गंध को महसूस करने जैसे विषयों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण मिलने से विज्ञान के प्रति लोगों की रुचि बढ़ती है।\n• कृषि और पर्यावरण: मिट्टी की सेहत जांचने के लिए अंडरवियर का उपयोग करने जैसा सरल प्रयोग किसानों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए स्थानीय स्तर पर परीक्षण करने का एक अनूठा और सुलभ तरीका सुझाता है।\n• सार्वजनिक स्वच्छता: मूत्रालय के डिजाइन से जुड़े भौतिकी अध्ययन सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता और छींटों की समस्या से निपटने के लिए भविष्य के बुनियादी ढांचे में सुधार ला सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nइग्नोरबेल पुरस्कारों के पीछे का मुख्य उद्देश्य ऐसे गंभीर वैज्ञानिक शोधों को सम्मानित करना है जो पहली नजर में बेहद अजीब या हास्यास्पद लगते हैं लेकिन मानव व्यवहार, प्रकृति और जीव विज्ञान के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं।\n\n• वैज्ञानिक जिज्ञासा: शोधकर्ताओं ने रोजमर्रा की जिंदगी की उन साधारण घटनाओं और रहस्यों को चुना जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जैसे कि चुंबन की परिभाषा या सांपों के काटने के ट्रिगर।\n• पारंपरिक पद्धतियों से हटकर: इनमें से कई अध्ययन प्रयोगात्मक दृष्टिकोण पर आधारित हैं, जैसे मरे हुए मच्छरों के मुख-भाग का थ्री-डी प्रिंटर के रूप में उपयोग करना जो प्रकृति के अनुकूलन को दर्शाता है।\n• नागरिक विज्ञान भागीदारी: मिट्टी के स्वास्थ्य का आकलन करने वाले अध्ययन में नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई ताकि बड़े पैमाने पर जैविक गतिविधि का डेटा एकत्र किया जा सके।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. वर्ष 2026 के इग्नोरबेल पुरस्कारों का आयोजन कहां किया गया था?\nवर्ष 2026 के इग्नोरबेल पुरस्कारों का समारोह स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में आयोजित किया गया था।\n\n2. किस की वैज्ञानिक परिभाषा में किन जीवों को शामिल किया गया है?\nइस परिभाषा में इंसानों के अलावा घरेलू कुत्ते, बिल्लियां, कबूतर, पेंगुइन, गिलहरी, काले भालू और कछुए शामिल हैं।\n\n3. नाक साफ करने के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए किसे पुरस्कार मिला?\nयह पुरस्कार वैज्ञानिक उनो तोकुजी को मरणोपरांत दिया गया जिन्होंने नाक साफ करने के सही तरीके का अध्ययन किया था।\n\n4. सांप के किस हिस्से पर पैर रखने से सबसे ज्यादा खतरा होता है?\nसांप के सिर पर पैर रखने से काटने की संभावना 44 प्रतिशत तक होती है।\n\n5. मरे हुए मच्छरों का उपयोग किस रूप में किया जा सकता है?\nम मच्छरों की सूंड़ का उपयोग थ्री-डी प्रिंटर के अति सूक्ष्म नोजल या सुई के विकल्प के रूप में किया जा सकता है।\n\n6. मिट्टी की सेहत जांचने के लिए किस चीज का उपयोग किया गया?\nमिट्टी की जैविक गतिविधि और स्वास्थ्य जांचने के लिए सूती अंडरवियर को जमीन में दफनाया गया था।",
  "url": "https://trendkia.com/science/kokarocha-ke-dudha-se-lekara-mare-machchharon-taka-ajibogariba-khojon-ke-lie-die-gae-varsha-2026-ke-ig-nobels-puraskara-29912",
  "category": "विज्ञान",
  "publishedAt": "2026-09-08",
  "tags": [
    "इग्नोरबेल पुरस्कार",
    "वैज्ञानिक शोध",
    "अजीबोगरीब खोज",
    "ज्यूरिख",
    "विज्ञान और तकनीक",
    "अनोखे अध्ययन"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}