# किर्गिस्तान की इसिक-कुल झील का अंतरिक्ष से दिखा अद्भुत दृश्य, 118 नदियां समाने के बाद भी नहीं निकलता पानी का एक कतरा

> अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से ली गई नई तस्वीर में तियान शान पहाड़ों के बीच बसी इसिक-कुल झील का विहंगम दृश्य सामने आया है, जिसमें 118 नदियां आकर गिरती हैं लेकिन एक भी नदी बाहर नहीं निकलती।

**Type:** article · **Category:** विज्ञान · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/science/kyrgyzstan-ki-issyk-kul-jhila-ka-antariksha-se-dikha-adbhuta-drishya-118-nadiyan-samane-ke-bada-bhi-nahin-nikalata-pani-ka-eka-kat-26005 · **Language:** Hindi
**Tags:** इसिक-कुल झील, किर्गिस्तान, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन, तियान शान पर्वत, अल्पाइन झील, विज्ञान न्यूज़

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ने किर्गिस्तान के ऊपर से गुजरते समय पृथ्वी के सबसे आकर्षक प्राकृतिक अजूबों में से एक इसिक-कुल झील की एक बेहद सुंदर तस्वीर पेश की है। अंतरिक्ष में तैनात कैमरों से ली गई इस तस्वीर में बर्फ से ढकी तियान शान पर्वत श्रृंखला की विशाल चोटियों के बीच फैली नीले रंग की यह विशाल झील हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर बसी होने और चारों तरफ जमा देने वाली ठंड के बावजूद इस झील का व्यवहार बेहद अनोखा है, जिसे देखकर दुनिया भर के वैज्ञानिक और भूगोलवेत्ता हैरान रहते हैं।

## तियान शान की वादियों में फैली एक अनोखी अल्पाइन झील
भौगोलिक दृष्टिकोण से इसिक-कुल झील मध्य एशिया के किर्गिस्तान देश की सबसे बड़ी झील मानी जाती है। समुद्र तल से लगभग 1,607 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अल्पाइन झील के रूप में दर्ज है। इसकी लंबाई लगभग 182 किलोमीटर और चौड़ाई करीब 60 किलोमीटर है। चारों तरफ से बर्फ से ढकी ऊंची पर्वत चोटियों से घिरी होने के कारण यह एक विशाल नीले रत्न जैसी दिखाई देती है। अंतरिक्ष से लिया गया इसका नजारा पृथ्वी के अनूठे पारिस्थितिकी तंत्र और जल निकायों की सुंदरता को उजागर करता है।

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## 118 नदियों का संगम लेकिन निकास का रास्ता शून्य
इस झील का सबसे अनूठा पहलू इसका जल प्रवाह तंत्र है। इस विशाल जल निकाय में पहाड़ों की बर्फ और ग्लेशियरों के पिघलने से निकलने वाली 118 से ज्यादा नदियां और छोटी धाराएं लगातार आकर मिलती हैं। हालांकि इस व्यवस्था का सबसे आश्चर्यजनक सच यह है कि इतने सारे स्रोतों से पानी प्राप्त करने के बाद भी इस झील से एक भी नदी बाहर नहीं निकलती। यह पूरी तरह से एक बंद जल-प्रणाली यानी एंडोरहिक बेसिन का हिस्सा है। झील में जमा होने वाला पानी किसी भी समुद्र या बाहरी नदी घाटी तक बहकर नहीं जाता, बल्कि इसका मुख्य निकास केवल वाष्पीकरण प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव होता है।

## कड़ाके की ठंड में भी क्यों नहीं जमती यह झील?
सर्दियों के मौसम में इस पर्वतीय क्षेत्र का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है और आसपास की चोटियां बर्फ की मोटी परत से ढक जाती हैं। इसके बावजूद इसिक-कुल झील का पानी आमतौर पर सर्दियों में जमता नहीं है। इसी खास विशेषता की वजह से स्थानीय भाषा में इसे गर्म झील कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार झील की अत्यधिक गहराई, पानी की बहुत बड़ी मात्रा और इसमें मौजूद हल्का खारापन गर्मी को लंबे समय तक रोक कर रखता है। यह थर्मल जड़त्व झील की सतह पर आसानी से बर्फ की परत नहीं जमने देता।

## पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में महत्व
इसिक-कुल झील केवल पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए ही आकर्षण का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जलवायु विज्ञान के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेतक है। चूंकि यह एक बंद बेसिन है, इसलिए इसके जल स्तर में आने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर ग्लेशियरों के पिघलने, बर्फबारी की मात्रा, बारिश के पैटर्न और वैश्विक तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। अंतरिक्ष स्टेशन से ली गई तस्वीरें और उपग्रह आंकड़े शोधकर्ताओं को जल चक्र तथा पर्वतीय जलवायु में हो रहे बदलावों को अधिक सटीक तरीके से समझने में मदद करते हैं।

## इसका आप पर असर
यह समाचार प्राकृतिक भूगोल और जल निकायों की अनूठी कार्यप्रणाली को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

- **पर्यावरण अध्ययन:** एंडोरहिक बेसिन जैसी जल प्रणालियां वैश्विक तापमान और ग्लेशियरों के पिघलने के प्रभाव को मापने में वैज्ञानिकों की मदद करती हैं। इससे जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालिक प्रभावों को बेहतर समझा जा सकता है।
- **भौगोलिक ज्ञान:** इसिक-कुल झील जैसी अनूठी झीलों का अध्ययन भूगोल और विज्ञान के छात्रों के लिए पृथ्वी के जल चक्र को समझने का अवसर प्रदान करता है। इससे प्राकृतिक संरचनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
- **अंतरिक्ष अनुसंधान:** अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की तस्वीरें यह दर्शाती हैं कि उपग्रह और अंतरिक्ष अवलोकन पृथ्वी के संसाधनों की निगरानी के लिए कितने उपयोगी हैं। इस डेटा का उपयोग शोध परियोजनाओं में किया जाता है।
- **वैश्विक पर्यटन:** किर्गिस्तान की यह झील अपने थर्मल गुणों और सुंदर नजारों के कारण पर्यावरण पर्यटन और रोमांचक यात्राओं के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है।

## सवाल-जवाब

### 1. इसिक-कुल झील किस देश में स्थित है?
इसिक-कुल झील मध्य एशिया के देश किर्गिस्तान में स्थित है और यह तियान शान पर्वतों से घिरी हुई है।

### 2. इस झील में कितनी नदियां आकर मिलती हैं?
इसिक-कुल झील में 118 से अधिक नदियां और पर्वतीय धाराएं आकर समाती हैं।

### 3. कड़ाके की ठंड में भी यह झील क्यों नहीं जमती?
इसकी अधिक गहराई, पानी की विशाल मात्रा और हल्के खारेपन के कारण यह ऊष्मा को रोके रखती है, जिससे कड़ाके की ठंड में भी पानी नहीं जमता।

### 4. इस झील की लंबाई और चौड़ाई कितनी है?
यह झील लगभग 182 किलोमीटर लंबी और लगभग 60 किलोमीटर चौड़ी है।

### 5. एंडोरहिक बेसिन का क्या मतलब होता है?
एंडोरहिक बेसिन एक बंद जल-प्रणाली होती है जहां पानी एकत्र तो होता है, लेकिन किसी नदी के जरिए बाहर समुद्र में नहीं जाता।

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