पराबैंगनी किरणों में चमकते हैं ये 8 जीव, जानिए बायोफ्लोरोसेंस के पीछे का विज्ञान सामान्य रोशनी में साधारण दिखने वाले कई जानवर पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आते ही नीले, हरे और गुलाबी रंगों में दमकने लगते हैं। जीव विज्ञान की यह अद्भुत घटना बायोफ्लोरोसेंस कहलाती है। प्रकृति के रहस्यों की कोई सीमा नहीं है और जीव जगत में ऐसे कई प्राणी मौजूद हैं जो पहली नजर में बिल्कुल सामान्य दिखते हैं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में उनका रूप पूरी तरह बदल जाता है। दिन के सामान्य उजाले में भूरे, मटमैले या सादे रंग-रूप वाले कई जानवर पराबैंगनी किरणों यानी UV लाइट के संपर्क में आते ही जादुई रंगों से जगमगाने लगते हैं। विज्ञान की भाषा में इस प्राकृतिक परिघटना को बायोफ्लोरोसेंस कहा जाता है। इसमें जीव पराबैंगनी प्रकाश को अवशोषित करके उसे लंबी तरंग दैर्ध्य वाले दृश्य प्रकाश, जैसे कि नीले, हरे, बैंगनी या गुलाबी रंगों में दोबारा उत्सर्जित करते हैं। यह कोई दृष्टिभ्रम या छलावा नहीं, बल्कि उनकी त्वचा, फर, हड्डियों और अंगों में मौजूद विशेष रासायनिक संरचना का परिणाम है। प्लैटिपस और नीली हरी चमक प्लैटिपस धरती के सबसे अनोखे और विचित्र स्तनधारी जीवों में गिना जाता है। स्तनधारी वर्ग का होने के बावजूद यह जीव सीधे बच्चे पैदा करने की जगह अंडे देता है और अधिकांश समय पानी के आसपास बिताता है। सामान्य प्राकृतिक रोशनी में देखने पर प्लैटिपस का शरीर गहरे भूरे रंग का दिखाई देता है। जब वैज्ञानिकों ने इसके ऊपर UV लाइट डालकर अध्ययन किया, तो इसका पूरा शरीर नीले और हरे रंग की बेहद खूबसूरत चमक बिखेरने लगा। बायोफ्लोरोसेंस की यह विशेषता इसे सामान्य स्तनधारियों से बिल्कुल अलग बनाती है और यह दर्शाती है कि प्रकृति ने इन जीवों में अंधेरे के लिए क्या अनोखे गुण छुपा रखे हैं। ऑस्ट्रेलियाई वॉम्बैट का बैंगनी फर ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक जंगलों में पाए जाने वाले वॉम्बैट जमीन पर रहने वाले गोल-मटोल और बेहद शांत स्वभाव के जीव हैं। दिन के समय इनका शरीर मटमैला और सुस्त नजर आता है, लेकिन रात के अंधेरे में इनके ऊपर जब UV किरणें केंद्रित की जाती हैं, तो इनका फर नीले और बैंगनी रंगों में जगमगा उठता है। वैज्ञानिकों के लिए यह बात बेहद दिलचस्प है कि जमीन खोदने वाले इस शाकाहारी जीव के घने बालों में यह चमक किस प्रकार काम करती है। यह अनूठी रंगत इनके फर की खास आणविक बनावट की वजह से पैदा होती है। बिच्छू का चमकदार बाहरी आवरण बिच्छू अपने घातक डंक और जहरीले स्वभाव के कारण जाने जाते हैं, लेकिन इनका कठोर बाहरी आवरण यानी एक्सोस्केलेटन भी जीव विज्ञान का एक बड़ा चमत्कार है। अंधेरे में जब किसी बिच्छू पर UV लाइट डाली जाती है, तो उसका नजारा बेहद विस्मयकारी होता है। उनका पूरा कठोर शरीर किसी फ्लोरोसेंट बल्ब की तरह नीले और हरे रंग की तेज चमक के साथ दमकने लगता है। बिच्छू के शरीर की बाहरी परत में ऐसे खास यौगिक पाए जाते हैं जो पराबैंगनी किरणों को सोखकर उसे तुरंत दृश्यमान नीली-हरी चमक में बदल देते हैं, जिससे रात के समय इन्हें पहचानना काफी आसान हो जाता है। उड़ने वाली गिलहरी का गुलाबी रूप ऊंचे पेड़ों की शाखाओं के बीच लंबी छलांग लगाने वाली उड़ने वाली गिलहरियां दिन के समय बिल्कुल आम गिलहरियों जैसी ही नजर आती हैं। रात के वक्त जब इन पर विशेष UV रोशनी डाली जाती है, तो इनका छिपा हुआ रूप सामने आ जाता है। इनका पूरा पेट और शरीर का निचला हिस्सा अचानक चटख गुलाबी और मैरून रंग में चमकने लगता है। शाखाओं पर उड़ते समय यह गुलाबी चमक किसी खिलौने की तरह रोशन हो उठती है, जो शोधकर्ताओं को यह समझने पर मजबूर करती है कि घने जंगलों में यह चमक संचार या शिकारियों से बचने में क्या भूमिका निभाती है। बॉटलनूज डॉल्फिन की हल्की आभा गहरे समंदर की लहरों में गोता लगाने वाली बॉटलनूज डॉल्फिन अपनी बुद्धिमत्ता के लिए विख्यात हैं। वैज्ञानिक अनुसंधानों से यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इन डॉल्फिनों की त्वचा और कुछ खास शारीरिक अंग भी UV रोशनी के संपर्क में आते ही हल्की चमक छोड़ने लगते हैं। गहरे और अंधेरे समुद्री पानी के भीतर होने वाला यह सूक्ष्म बदलाव कुदरत का एक अद्भुत करिश्मा है, जो यह साबित करता है कि बायोफ्लोरोसेंस केवल स्थलीय जीवों तक ही सीमित नहीं है बल्कि महासागरों के शीर्ष स्तनधारियों में भी मौजूद है। गिरगिट की हड्डियों का जादुई पैटर्न अपनी त्वचा का रंग बदलकर परिवेश में घुल-मिल जाने के लिए गिरगिट पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। रोशनी और अंधेरे की दुनिया में इनका एक और अद्भुत रूप देखने को मिलता है। कुछ खास प्रजातियों के गिरगिटों की त्वचा और उनकी हड्डियों पर जब UV लाइट डाली जाती है, तो वे नीले और हरे रंग के जटिल पैटर्न में चमकने लगते हैं। उनकी हड्डियों के उभार त्वचा की पतली परतों से छनकर पराबैंगनी रोशनी में फ्लोरोसेंट बिंदुओं की तरह दमकते हैं, जो किसी प्राकृतिक आभूषण की तरह दिखाई देते हैं। कैलिफोर्निया टूथशार्क के नियॉन निशान समुद्र के अंधेरे कोनों में तैरने वाली कैलिफोर्निया टूथशार्क की त्वचा भी पराबैंगनी किरणों के प्रभाव में बेहद अनोखी हो जाती है। जब इस शार्क के शरीर पर UV किरणें पड़ती हैं, तो उसकी त्वचा पर मौजूद खास पैटर्न किसी नियॉन लाइट की तरह तेज चमकने लगते हैं। गहरे पानी में यह नियॉन जैसी हरी-नीली चमक इतनी तीव्र होती है कि पानी के भीतर इस शार्क को आसानी से देखा और पहचाना जा सकता है। यह चमक शार्क की त्वचा में मौजूद विशेष अणुओं के कारण पैदा होती है। स्प्रिंगटेल्स के नन्हे तारे मिट्टी के भीतर और सड़े-गले सूखे पत्तों के नीचे रहने वाले बेहद सूक्ष्म आकार के कीट स्प्रिंगटेल्स भी बायोफ्लोरोसेंट जीवों की श्रेणी में आते हैं। नग्न आंखों से सामान्य दिखने वाले इन नन्हे कीटों पर जब लेजर या UV लाइट डाली जाती है, तो इनका पूरा शरीर आसमान में टिमटिमाते तारों की तरह चमकने लगता है। मिट्टी के पारिस्थितिकी तंत्र में रहने वाले इतने छोटे कीटों के शरीर में यह चमकदार गुण होना वैज्ञानिकों को लगातार हैरान करता है और यह दर्शाता है कि कुदरत की कारीगरी सबसे छोटे जीवों में भी उतनी ही बारीक है जितनी बड़े स्तनधारियों में। इसका आप पर असर यह शोध प्रकृति के छिपे हुए रंगों और वन्यजीवों को देखने के इंसानी नजरिए को पूरी तरह बदल देता है। • पराबैंगनी उपकरणों की उपयोगिता: रात के समय जंगल या बगीचों में काम करने वाले लोग सामान्य यूवी टॉर्च का उपयोग करके बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों की मौजूदगी का तुरंत पता लगा सकते हैं। इससे अंधेरे में होने वाले संभावित डंक और हादसों से आसानी से बचाव किया जा सकता है। • वैज्ञानिक अध्ययनों में क्रांति: वन्यजीव शोधकर्ता अब इन जीवों को पकड़े या नुकसान पहुंचाए बिना रात में सिर्फ रोशनी डालकर आसानी से ट्रैक कर रहे हैं। इससे घने जंगलों में छिपे रहने वाले दुर्लभ स्तनधारियों और कीटों की गिनती और व्यवहार को समझना आसान हो गया है। • प्रकृति के प्रति नया नजरिया: यह जानकारी सामान्य पाठकों और विद्यार्थियों को यह सिखाती है कि हमारी आंखें दुनिया का केवल एक सीमित हिस्सा ही देख पाती हैं। जीव जगत में संचार और पहचान के ऐसे कई स्तर मौजूद हैं जो सामान्य दृश्य प्रकाश से परे हैं। • चिकित्सा और जैव प्रौद्योगिकी में संभावनाएं: जानवरों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले ये फ्लोरोसेंट अणु मेडिकल इमेजिंग और जैविक अनुसंधानों में नए मार्कर विकसित करने में काम आ सकते हैं। इससे सूक्ष्म जैविक प्रक्रियाओं को प्रयोगशालाओं में देखना और आसान हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ जीवों में पराबैंगनी रोशनी पड़ने पर चमकने का यह गुण रासायनिक संरचना और विकासात्मक अनुकूलन का परिणाम है। • प्रकाश का रूपांतरण: इन जीवों की त्वचा, फर या आवरण में खास फ्लोरोसेंट प्रोटीन और कार्बनिक अणु पाए जाते हैं। जब उच्च ऊर्जा वाली पराबैंगनी किरणें इन पर पड़ती हैं, तो ये अणु उस ऊर्जा को सोखकर तुरंत कम ऊर्जा वाले दृश्य रंगों जैसे हरे, नीले या गुलाबी प्रकाश में बदल देते हैं। • संरचनात्मक अनुकूलन: बिच्छुओं के कठोर आवरण और गिरगिट की हड्डियों के उभारों में यह गुण लाखों वर्षों के प्राकृतिक विकास का हिस्सा रहा है। यह शारीरिक ढांचा उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ प्रकाश के साथ खास रासायनिक प्रतिक्रिया करता है। • अंधेरे में संचार और पहचान: कई निशाचर जीव रात के धुंधले प्रकाश में अपनी ही प्रजाति के सदस्यों को पहचानने या साथी को आकर्षित करने के लिए इस क्षमता का उपयोग करते हैं। कुछ मामलों में यह पैटर्न शिकारियों को भ्रमित करने या छलावरण बनाने में भी सहायक होता है। • वैज्ञानिक खोजों का दायरा: शुरुआत में इसे कुछ खास समुद्री जीवों तक ही सीमित माना जाता था, लेकिन आधुनिक तकनीकों से जांच करने पर यह गुण स्तनधारियों, कीटों और सरीसृपों में भी व्यापक रूप से सामने आ रहा है। वैज्ञानिक अब भी इस बात पर शोध कर रहे हैं कि अलग-अलग प्रजातियों में इसका प्राथमिक जैविक उद्देश्य क्या है। सवाल-जवाब 1. बायोफ्लोरोसेंस क्या होता है? यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें किसी जीव का शरीर पराबैंगनी प्रकाश को सोखकर उसे नीले, हरे या गुलाबी जैसे दृश्यमान रंगों में दोबारा उत्सर्जित करता है। 2. UV लाइट में प्लैटिपस किस रंग में चमकता है? पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आने पर सामान्यतः भूरा दिखने वाला प्लैटिपस नीले और हरे रंग में चमकने लगता है। 3. उड़ने वाली गिलहरी अंधेरे में किस रंग की रोशनी बिखेरती है? यूवी लाइट पड़ने पर उड़ने वाली गिलहरी का पेट और निचला हिस्सा चमकदार गुलाबी और मैरून रंग में दमकने लगता है। 4. बिच्छू अंधेरे में क्यों चमकते हैं? बिच्छू के कठोर बाहरी आवरण पर जब यूवी लाइट पड़ती है, तो वह नीले और हरे रंग में किसी फ्लोरोसेंट लाइट की तरह जगमगाने लगता है। 5. क्या गिरगिट की हड्डियां भी चमकती हैं? हां, कुछ विशेष प्रजातियों के गिरगिटों की हड्डियां और त्वचा यूवी रोशनी में नीले और हरे रंग के सुंदर पैटर्न में दमकने लगती हैं। 6. स्प्रिंगटेल्स नामक कीट पर यूवी लाइट डालने पर क्या दिखता है? मिट्टी में रहने वाले इन छोटे कीटों पर जब यूवी लाइट डाली जाती है, तो इनका शरीर आसमान के टिमटिमाते तारों की तरह चमक उठता है। https://trendkia.com/science/parabaingani-kiranon-men-chamakate-hain-ye-8-jiva-janie-biofluorescence-ke-pichhe-ka-vijnana-52527 TrendKia — Har trend, sabse pehle.