इंटरनेट पर ड्रग्स बनाने के नुस्खे सिखाने वाला रहस्यमयी शख्स माइको, वीडियो और प्लेटफॉर्म्स पर कसा शिकंजा माइको नाम का एक ऑनलाइन एजुकेटर पिछले दस वर्षों से यूट्यूब और पेट्रियन जैसे मंचों के जरिए एलएसडी, डीएमटी और मैजिक मशरूम तैयार करने के तरीके सिखाता रहा है, जिसके बाद अब तकनीकी कंपनियों ने उसके चैनल और अकाउंट्स हटा दिए हैं। चेहरे पर मास्क, सिर पर माइसेलियम फैमिलिया लिखी बेसबॉल कैप और घनी भूरी दाढ़ी के साथ एक शख्स ने खुद को दुनिया का ऐसा पहला ट्यूटोरियल प्रस्तोता बताया, जो तीन दिनों के भीतर एक साइकेडेलिक यौगिक के संश्लेषण की पूरी प्रक्रिया समझा रहा था। वीडियो में इस शख्स का नाम माइको बताया गया, जो माइकोलॉजिस्ट यानी कवक का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक शब्द का संक्षिप्त रूप है। अपनी वास्तविक पहचान छिपाने वाले इस क्रिएटर ने बातचीत के दौरान सुरक्षा कारणों से अपना उपनाम साझा नहीं किया। लैब फ्लास्क और चेतावनी भरा वीडियो वीडियो के अंत में माइको का एक सहयोगी हरे-नीले रंग के तरल पदार्थ से भरी हुई लैब की फ्लास्क थामे नजर आता है, हालांकि कैमरे के सामने उस पदार्थ की पहचान की कोई आधिकारिक पुष्टि या टेस्ट नहीं किया जाता। इसके बावजूद माइको दर्शकों को एक गंभीर चेतावनी देते हुए कहते हैं कि अगर यह पदार्थ आंखों, त्वचा या मुंह के संपर्क में आ गया, तो वे अगले एक महीने के लिए अपने सारे काम रद्द कर दें क्योंकि वे कुछ भी करने की स्थिति में नहीं रहेंगे। इंटरनेट के शुरुआती दौर में किसी नियंत्रित मनभावन पदार्थ को बनाने का तरीका ऑनलाइन साझा करना अकल्पनीय माना जाता था। लेकिन इस मास्कधारी एजुकेटर ने पिछले दस वर्षों में एलएसडी बनाने की कोशिश, साइलोसाइबिन मशरूम की खेती, कैक्टस से मेस्कालाइन निकालने और डीएमटी वेप कार्टिलेज तैयार करने से जुड़े 120 से अधिक वीडियो जारी किए हैं। यूट्यूब और पेट्रियन पर कार्रवाई पेट्रियन प्लेटफॉर्म पर माइको के 14,500 से अधिक सब्सक्राइबर थे। इसके अलावा वह मशरूम की जेनेटिक्स, मर्चेंडाइज और मशरूम उगाने वालों के लिए कंसल्टेंसी सेवाएं भी बेचते थे। उनके विलीज वर्ल्ड नामक यूट्यूब चैनल पर 96,000 से अधिक फॉलोअर्स थे, जिसे सेवा शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए हटा दिया गया। यूट्यूब के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सेवा समाप्ति के बाद नए चैनल बनाने पर प्रतिबंध के नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए माइको ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि चैनल पर एक भी स्ट्राइक नहीं थी और वह बेहद सेंसर तथा सुरक्षित सामग्री साझा करते थे। इसके तुरंत बाद उनका पेट्रियन अकाउंट भी बंद कर दिया गया। पेट्रियन के एक प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए बताया कि नियंत्रित पदार्थों या मनोरंजक ड्रग्स के निर्माण से जुड़े निर्देश देने वाले कार्यों को मंच प्रतिबंधित करता है और आंतरिक जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। पारंपरिक चिकित्सा से उलट राह माइको पेट्रियन के फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहे हैं ताकि अपनी टीम को फंड दे सकें। उनका कहना है कि वह ड्रग्स के इस्तेमाल को बढ़ावा नहीं देते बल्कि वैज्ञानिक और शैक्षिक दृष्टिकोण से नुकसान को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। जैसे-जैसे मतिभ्रम पैदा करने वाले पदार्थ मुख्यधारा की चिकित्सा के करीब आ रहे हैं, माइको क्लीनिक और नियामकों से दूर स्व-निर्भरता का रास्ता अपना रहे हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि वह शिक्षा का लोकतंत्रीकरण कर रहे हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि उनकी गोपनीयता उनके दावों पर सवाल खड़े करती है। माइको का दावा है कि साल 2002 में उन्होंने एक प्रकाशित वैज्ञानिक तरीके का पालन करके खुद डीएमटी तैयार किया था। उस अनुभव को उन्होंने परिवर्तनकारी बताया। उस दौरान माता-पिता के अलग होने और चाचा के निधन के कारण वह गंभीर अवसाद से जूझ रहे थे, और डीएमटी के प्रभाव में उन्हें अपने दिवंगत चाचा से संवाद महसूस हुआ। माइकोलॉजिस्ट बनने की प्रेरणा और शुरुआती संघर्ष के बाद उन्होंने साल 2009 में श्रीमेरी, माइकोटोपिया और नेक्सस जैसे ड्रग फोरम्स पर पोस्ट करना शुरू किया। फार्मास्यूटिकल कंपनी में काम करने के बाद उन्होंने साल 2014 के अंत में गैस मास्क पहनकर मशरूम उगाने पर अपना पहला वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर पेट्रियन की शुरुआत की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वीडियो निर्माण और विवाद साल 2023 के मध्य में उन्होंने एलएसडी बनाने के पारंपरिक नुस्खों को स्क्रीन पर लाने की योजना बनाई। अल्बर्ट हॉफमैन और साशा शुल्गिन जैसे प्रसिद्ध रसायनविदों के तरीकों को आम आदमी तक आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने मई 2024 में पाकिस्तान की एक यूनिवर्सिटी प्रयोगशाला का सहारा लिया, जिसे वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सरकारी मंजूरी प्राप्त थी। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान में ही एमडीएमए और मार्च 2026 में 2सी-बी के संश्लेषण का वीडियो जारी किया। उनकी इन गतिविधियों के कारण ड्रग डीलरों से भी उन्हें धमकियां मिल चुकी हैं। इसके अलावा रसायनविद् हैमिल्टन मॉरिस ने जून में उनके एलएसडी वीडियो पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उसकी शुद्धता पर संदेह है। इस पर माइको ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके काम से कुछ लोग नाखुश हो सकते हैं। सुरक्षा को लेकर वह अब काफी सतर्क रहते हैं और प्यूर्टो रिको में हमेशा हथियारबंद रहते हैं। समुदाय का निर्माण और आगामी योजनाएं विभिन्न हस्तियों और कॉमेडियन डेनिस वॉकर तथा हाइफा लेब्स के रेगी हैरिस जैसे लोगों ने माइको के विकेंद्रीकृत प्रयासों का समर्थन किया है। वह हर साल अपने दर्जनों फॉलोअर्स के लिए फ्लोरिडा के डिज्नी वर्ल्ड और एरिज़ोना के सेडोना की यात्राएं आयोजित करते हैं। यदि पेट्रियन का फैसला नहीं बदला गया, तो वह डिस्कॉर्ड और अपनी वेबसाइट के जरिए अपना काम जारी रखने का इरादा रखते हैं। सवाल-जवाब 1. माइको कौन है और वह क्या करता है? माइको एक ऑनलाइन एजुकेटर और माइकोलॉजिस्ट हैं जो पिछले दस वर्षों से एलएसडी, डीएमटी और मशरूम जैसे साइकेडेलिक पदार्थों के निर्माण और खेती से जुड़े वीडियो बनाते रहे हैं। 2. यूट्यूब और पेट्रियन ने माइको के खिलाफ क्या कार्रवाई की है? यूट्यूब और पेट्रियन दोनों ने नियंत्रित पदार्थों के निर्माण से जुड़े निर्देश और सेवा शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए माइको के चैनल और अकाउंट को हटा दिया है। 3. माइको ने एलएसडी और अन्य पदार्थों के वीडियो कहां शूट किए थे? माइको ने कानूनी जोखिमों को कम करने और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए सरकारी मंजूरी प्राप्त करने के वास्ते पाकिस्तान की एक यूनिवर्सिटी प्रयोगशाला का उपयोग किया था। 4. माइको अपनी सुरक्षा को लेकर किस तरह के उपाय करते हैं? अपनी पहचान छिपाने के लिए माइको हमेशा वीडियो और तस्वीरों में चेहरा ढकने वाले मास्क का उपयोग करते हैं तथा व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए हथियार रखते हैं। https://trendkia.com/science/the-masked-outlaw-chemist-teaching-psychedelic-drug-synthesis-online-15740 TrendKia — Har trend, sabse pehle.