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  "type": "article",
  "title": "अमेरिका में क्यों नहीं जा रही भीषण गर्मी, अल नीनो और जलवायु बदलाव से टूटे दशकों पुराने रिकॉर्ड",
  "summary": "अमेरिका के कई इलाकों में सितंबर के महीने में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। अल नीनो और जलवायु परिवर्तन के मिले-जुले असर से देश में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की जा रही है।",
  "content": "कैलेंडर में सितंबर का महीना आ जाने के बाद भी अमेरिका के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह गर्मियों जैसा बना हुआ है। आमतौर पर इस समय पतझड़ की हल्की ठंडक शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार देश के कई राज्यों में तेज धूप और उमस भरा माहौल जारी है। यूएस क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर के मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सितंबर के अंत तक देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य औसत से काफी ऊपर बना रह सकता है। वायुमंडल में बना एक मजबूत रिज पैटर्न गर्म हवाओं को एक जगह बांधे हुए है, जिससे लंबे समय तक चलने वाले लू जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। इस मौसमी व्यवस्था में ऊपरी मिडवेस्ट और डीप साउथ के इलाकों में तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री फारेनहाइट तक ज्यादा रहने की प्रबल संभावना जताई गई है।\n\nसाल 2026 में गर्मी के रिकॉर्डों की झड़ी\nसितंबर के उत्तरार्ध में आ रही यह गर्म हवा अमेरिकी इतिहास की सबसे भीषण गर्मी के ठीक बाद दर्ज की जा रही है। साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक देशभर के मौसम केंद्रों पर गर्मी के दसियों हजार पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो चुके हैं। इनमें लगभग 44,000 रिकॉर्ड दिन के अधिकतम तापमान और 53,000 से अधिक रिकॉर्ड रात के न्यूनतम तापमान के शामिल हैं। इसके अलावा मासिक और सर्वकालिक उच्च तापमान के हजारों अन्य कीर्तिमान भी इस दौरान टूट चुके हैं। इसी समयावधि में न्यूनतम ठंड के केवल लगभग 21,500 रिकॉर्ड ही बने हैं, जिसका सीधा अर्थ यह है कि ठंड के हर एक नए रिकॉर्ड की तुलना में गर्मी के चार नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं।\n\nसौ साल से अधिक पुराने आंकड़े भी पीछे छूटे\nइस साल टूटे कई ऐतिहासिक तापमान रिकॉर्ड एक सदी से भी अधिक पुराने दौर से चले आ रहे थे। उदाहरण के तौर पर, साल्ट लेक सिटी में 12 जुलाई को पारा 109 डिग्री फारेनहाइट पर पहुंच गया। इस शहर में मौसम का आधिकारिक डेटा 1874 से रखा जा रहा है, और यह तब से लेकर अब तक का सबसे उच्चतम तापमान साबित हुआ। इसी तरह देश की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में 3 जुलाई को रात का न्यूनतम तापमान 84 डिग्री फारेनहाइट दर्ज किया गया, जिसने अपने सर्वकालिक सबसे गर्म रात के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। वॉशिंगटन डीसी में दैनिक मौसम के रिकॉर्ड 1871 से दर्ज किए जा रहे हैं।\n\nकैलिफोर्निया में असामान्य उमस और लू की चेतावनी\nअत्यधिक गर्मी का यह असर उन तटीय और पश्चिमी इलाकों तक भी पहुंच चुका है, जो आमतौर पर देशव्यापी लू की चपेट से बचे रहते हैं। दक्षिणी कैलिफोर्निया के बड़े हिस्से को सितंबर के दूसरे हफ्ते में अत्यधिक गर्मी की चेतावनियों का सामना करना पड़ा। अत्यधिक तापमान और चिपचिपी हवा की वजह से रोडियो ड्राइव जैसी जगहों का अनुभव बोरबॉन स्ट्रीट जैसा महसूस होने लगा। आम तौर पर शुष्क रहने वाले इन इलाकों में उमस का ऐसा स्तर दुर्लभ माना जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों की दैनिक दिनचर्या गंभीर रूप से प्रभावित हुई।\n\nग्लोबल वॉर्मिंग और हीट डोम का खतरनाक प्रभाव\nदेशभर में लगातार बढ़ रहे इस अत्यधिक तापमान के पीछे जलवायु परिवर्तन सबसे प्रमुख कारक बनकर उभरा है। लगातार बढ़ते औसत वैश्विक तापमान ने अत्यधिक गर्मी की आधार रेखा को काफी ऊंचा कर दिया है। इसका नतीजा यह है कि बहुत गर्म दिन अब कुछ दशक पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तपने लगे हैं। इसका सबसे चिंताजनक असर रात के समय देखा जा रहा है, जहां कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में भारी उछाल आया है। रात के समय ठंडक न मिल पाने की वजह से मानव शरीर को जरूरी राहत नहीं मिलती, जिससे हीट स्ट्रोक और अन्य शारीरिक जोखिम काफी बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही गर्म होती जलवायु ऊपरी वायुमंडल के दबाव तंत्र को भी बदल रही है। अत्यधिक उच्च दबाव वाले केंद्र हवा को जमीन की ओर दबाते हैं, जिससे वह सिकुड़कर गर्म हो जाती है। यह प्रक्रिया जब तेज धूप और सूखी मिट्टी के साथ मिलती है, तो तापमान सामान्य से बहुत ऊपर पहुंच जाता है। इस संरचना को अक्सर हीट डोम कहा जाता है, जो अब पहले से ज्यादा बार बन रहे हैं।\n\nप्रशांत महासागर में अल नीनो का बढ़ता दायरा\nसितंबर के बाकी दिनों में दिन का अधिकतम पारा जुलाई जितना तीखा शायद न रहे, लेकिन गर्मी का यह अहसास लंबे समय तक बना रहेगा। इसके साथ ही पृष्ठभूमि में अल नीनो की सक्रियता भी स्थिति को और अधिक जटिल बना रही है। प्रशांत महासागर के पानी का सामान्य से अधिक गर्म होना पूरी दुनिया के मौसम चक्र को गहरे रूप से प्रभावित करता है। आमतौर पर अल नीनो का सबसे गहरा असर ठंड के महीनों में महसूस होता है, क्योंकि गर्म समुद्री पानी जेट स्ट्रीम के प्रवाह को बदल देता है। यही जेट स्ट्रीम शरद और सर्दियों के दौरान मौसम प्रणालियों के संचलन के लिए जिम्मेदार होती है। इस वर्ष का अल नीनो एक रिकॉर्ड तोड़ने वाली घटना का रूप ले रहा है। पुराने मजबूत अल नीनो के रुझान संकेत देते हैं कि अमेरिका का एक बहुत बड़ा इलाका पतझड़ और पूरी सर्दी के दौरान सामान्य से अधिक गर्म तापमान का सामना कर सकता है। यानी इस साल तापमान के नए रिकॉर्ड बनने का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिका में जारी असामान्य गर्मी और मजबूत अल नीनो के कारण दैनिक ऊर्जा लागत, स्वास्थ्य और कृषि गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ रहा है।\n\n• ऊर्जा बिल पर असर: सितंबर के अंत तक एयर कंडीशनिंग की निरंतर आवश्यकता से बिजली की खपत बढ़ेगी। घरों और व्यवसायों को सामान्य से अधिक बिजली बिल चुकाने पड़ सकते हैं।\n• स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां: रात में तापमान ठंडा न होने से शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पाती। बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त पानी पीने और लू से बचाव की जरूरत है।\n• मौसम और यात्रा: ऊपरी मिडवेस्ट और डीप साउथ में सामान्य से 5 से 10 डिग्री अधिक तापमान रहेगा। इन क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को शुष्क और उमस भरे वातावरण के लिए तैयार रहना चाहिए।\n• सर्दियों का पूर्वानुमान: मजबूत अल नीनो के कारण आगामी पतझड़ और सर्दियों के महीनों में भी मौसम अपेक्षा से अधिक गर्म रह सकता है। इससे शीतकालीन हीटिंग की मांग और मौसमी फसल चक्र में बदलाव आ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिका में सितंबर में भी गर्मियों जैसा मौसम बने रहने के पीछे वायुमंडलीय दबाव, जलवायु परिवर्तन और प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो की साझा भूमिका है।\n\n• वायुमंडलीय हीट डोम: ऊपरी वायुमंडल में एक मजबूत रिज पैटर्न बनने से उच्च दबाव का क्षेत्र बन गया है। यह उच्च दबाव हवा को नीचे दबाकर कंप्रेस करता है, जो तेज धूप और सूखी मिट्टी के साथ मिलकर सतह को अत्यधिक गर्म कर देता है।\n• जलवायु परिवर्तन का बुनियादी असर: वैश्विक औसत तापमान में वृद्धि के कारण अत्यधिक गर्मी के दिनों का आधारभूत स्तर ऊंचा हो गया है। इससे सामान्य गर्म दिन भी अब कई दशक पहले की तुलना में कहीं अधिक गर्म और उमस भरे साबित हो रहे हैं।\n• प्रशांत महासागर का अल नीनो: प्रशांत महासागर में सामान्य से अधिक गर्म पानी का फैलाव वैश्विक जेट स्ट्रीम को प्रभावित कर रहा है। यह असामान्य समुद्री तापमान वायुमंडलीय हवाओं के प्रवाह को बदलकर व्यापक क्षेत्रों में सामान्य से अधिक गर्मी को बढ़ावा दे रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सितंबर के अंत तक किन इलाकों में सबसे ज्यादा गर्मी रहने का अनुमान है?\nयूएस क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार ऊपरी मिडवेस्ट और डीप साउथ के इलाकों में तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री फारेनहाइट तक अधिक रहने की सबसे ज्यादा संभावना है।\n\n2. साल 2026 में गर्मी के कुल कितने रिकॉर्ड दर्ज किए जा चुके हैं?\nदेशभर में लगभग 44,000 रिकॉर्ड दिन के अधिकतम तापमान और 53,000 से अधिक रात के उच्चतम न्यूनतम तापमान दर्ज किए गए हैं।\n\n3. साल्ट लेक सिटी में इस साल गर्मी का कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूटा?\nसाल्ट लेक सिटी में 12 जुलाई को तापमान 109 डिग्री फारेनहाइट पहुंच गया, जो 1874 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से इसका सबसे गर्म दिन रहा।\n\n4. वॉशिंगटन डीसी में रात के तापमान का क्या रिकॉर्ड बना?\nवॉशिंगटन डीसी में 3 जुलाई को रात का न्यूनतम तापमान 84 डिग्री फारेनहाइट दर्ज हुआ, जिसने 1871 से अब तक की सबसे गर्म रात के रिकॉर्ड की बराबरी की।\n\n5. मौसम पर अल नीनो का सबसे बड़ा असर कब दिखाई देता है?\nअल नीनो का मुख्य प्रभाव आमतौर पर ठंड के महीनों में दिखता है, क्योंकि यह जेट स्ट्रीम की दिशा बदलकर पतझड़ और सर्दियों के मौसम को सामान्य से अधिक गर्म कर देता है।",
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  "category": "विज्ञान",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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    "मौसम",
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