# क्लीयरव्यू एआई ने बनाया नया जासूसी टूल, पुलिस चंद मिनटों में खंगाल डालेगी आपकी पूरी ऑनलाइन जिंदगी

> क्लीयरव्यू एआई ने एक प्रयोगात्मक एआई विश्लेषक सहायक तैयार किया है, जो पुलिस को किसी भी व्यक्ति की ऑनलाइन गतिविधियों और सोशल मीडिया प्रोफाइल को चंद मिनटों में खंगालने की सुविधा दे सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह अभी केवल एक प्रोटोटाइप है जिसे लॉन्च करने की कोई योजना नहीं है।

**Type:** article · **Category:** साइबर सुरक्षा · **Published:** 2026-09-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/security/clearview-ai-tests-experimental-tool-that-automatically-builds-profiles-from-web-data-30946 · **Language:** Hindi
**Tags:** क्लीयरव्यू एआई, चेहरा पहचान तकनीक, पुलिस जांच, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा गोपनीयता, एमास काइलर

फेशियल रिकग्निशन तकनीक के लिए मशहूर कंपनी क्लीयरव्यू एआई ने एक नया और गोपनीय प्रोटोटाइप तैयार किया है, जिसे इंक्वायरीआईक्यू नाम दिया गया है। यह टूल पुलिस अधिकारियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की डिजिटल मौजूदगी, सोशल मीडिया अकाउंट्स, रोजगार के इतिहास और व्यक्तिगत संपर्कों का पूरा ब्योरा कुछ ही मिनटों में जुटाकर देने में सक्षम है।

## प्रोटोटाइप और एआई मॉडल का परीक्षण
विश्लेषण किए गए कोड के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के इंटरफेस में उम्र, लिंग और नस्ल जैसी जनसांख्यिकीय जानकारियां दर्ज करने का विकल्प दिया गया है ताकि सिस्टम बेहतर निर्णय ले सके। इस प्रणाली के परीक्षण के दौरान स्पेसएक्सएआई के एआई मॉडल्स का भी उपयोग किया गया है, जो एलन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा अमेज़न बेडराॅक का विकल्प भी इसमें शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से विभिन्न कंपनियों के मॉडल्स की कार्यक्षमता की जांच की जा सकेगी।

## शीर्ष नेतृत्व में बदलाव और कंपनी का सफर
वर्ष 2017 में स्थापित इस कंपनी को शुरुआती दौर में पीटर थील से 2 हजार डॉलर का निवेश मिला था, जिसके बाद इसने अमेरिकी पुलिस विभागों के साथ अनुबंध करना शुरू किया था। वर्ष 2020 में न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि कंपनी ने फेसबुक, यूट्यूब और वेन्मो जैसी वेबसाइटों से तीन अरब से अधिक तस्वीरें बिना अनुमति के जुटाई हैं। इसके संस्थापकों में शामिल होआन टोन-थट ने दिसंबर 2024 में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया और इसके बाद एमास काइलर ने पिछले साल अक्टूबर में यह पद संभाला।

## डिजिटल छानबीन और गोपनीयता पर चिंताएं
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के उपकरण पुलिस अनुसंधान के तरीकों को पूरी तरह बदल सकते हैं, जिससे हफ्तों का काम मिनटों में हो जाएगा। जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के कानून के प्रोफेसर एंड्रयू ग्यूथ्री फर्ग्यूसन ने इसे डिजिटल खंगालने की प्रक्रिया बताया है, जो लोगों द्वारा इंटरनेट पर छोड़े गए डिजिटल निशानों को जोड़कर प्रोफाइल तैयार करती है। वहीं, बोस्टन यूनिवर्सिटी के गोपनीयता विशेषज्ञ वुड्रो हार्टजोग का कहना है कि इस तरह के साधनों से निगरानी पर लगने वाले व्यावहारिक अवरोध समाप्त हो जाते हैं।

## मानव नियंत्रण और दस्तावेजों के सत्यापन की अनिवार्यता
क्लीयरव्यू एआई का कहना है कि यह प्रणाली केवल संभावित सुराग पेश करती है और किसी भी तथ्य की सत्यता तय करना पुलिस विश्लेषक का काम है। किसी भी परिणाम को स्वीकार करने से पहले अधिकारी को यह प्रमाणित करना होता है कि उसने स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि की है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का तर्क है कि इस तरह की तकनीक में एआई के भ्रमित होने या भ्रामक परिणाम देने का जोखिम बना रहता है, जिससे अदालती मामलों और साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।

## इसका आप पर असर
इस तकनीक के परीक्षण और भविष्य के उपयोग का सीधा प्रभाव नागरिकों की डिजिटल गोपनीयता और पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है।

- **भारत में:** हालांकि यह उपकरण सीधे तौर पर अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए विकसित किया जा रहा है, लेकिन वैश्विक स्तर पर फेशियल रिकग्निशन और डेटा स्क्रैपिंग से जुड़ी नीतियां भारतीय नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा और डेटा संरक्षण कानूनों को भी प्रभावित करती हैं।
- **अमेरिका में:** देश भर के पुलिस विभागों के लिए जांच की गति तेज हो सकती है, जिससे छोटे मामलों में भी डिजिटल निगरानी का दायरा बढ़ने और व्यक्तिगत गोपनीयता पर जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

## ऐसा क्यों हुआ
इस प्रोटोटाइप के विकास के पीछे उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं का लाभ उठाने और पुलिस अनुसंधान में लगने वाले समय को कम करने की मंशा थी।

- **तकनीकी प्रगति:** आधुनिक जनरेटिव एआई उपकरणों के विकास में तेजी आने के कारण कंपनियों के लिए इस तरह के जटिल प्रोटोटाइप तैयार करना और उनका परीक्षण करना आसान हो गया है।
- **अनुसंधान का स्वचालन:** पुलिस अधिकारियों द्वारा मैन्युअल रूप से किए जाने वाले वेब और डेटाबेस सर्च के काम को स्वचालित करने के उद्देश्य से इसे डिजाइन किया गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. क्लीयरव्यू एआई द्वारा विकसित इस नए टूल का नाम क्या है?
इस अनलेस्ड प्रोटोटाइप टूल का नाम इंक्वायरीआईक्यू है।

### 2. क्या इस टूल का उपयोग वर्तमान में पुलिस द्वारा किया जा रहा है?
कंपनी के अनुसार यह एक प्रोटोटाइप है जिसका उपयोग किसी भी कानून प्रवर्तन उपयोगकर्ता ने वास्तविक मामलों में नहीं किया है।

### 3. इस प्रणाली के परीक्षण में किन एआई मॉडल्स का उपयोग किया गया है?
परीक्षण के दौरान स्पेसएक्सएआई और अमेज़न बेडराॅक के मॉडल्स का उपयोग किया गया है।

### 4. क्लीयरव्यू एआई के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी कौन हैं?
एमास काइलर अक्टूबर में क्लीयरव्यू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने हैं।

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